फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Dr. Bhimrao Ambedkar University Final Year Students Will Give Exam

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालयः एक लाख छात्रों को देनी होगी परीक्षा, जानिये क्या है नया निर्णय

Fri, 24 Jul 2020 09:42 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 24 Jul 2020 09:42 AM IST
सार

अंतिम वर्ष के एक लाख छात्रों को देनी होगी परीक्षा

विज्ञापन
Dr. Bhimrao Ambedkar University Final Year Students Will Give Exam
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सत्र 2019-20 की मुख्य परीक्षा में शामिल स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष के करीब एक लाख छात्र-छात्राओं को बची हुई परीक्षाएं देनी होंगी। सेमेस्टर पाठ्यक्रमों में भी अंतिम सत्र के विद्यार्थियों की परीक्षा कराई जाएगी। वहीं, स्नातक प्रथम व द्वितीय वर्ष और परास्नातक प्रथम वर्ष व सेमेस्टर के बाकी सत्रों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी। इनको विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों की कड़ी में प्रोन्नति दी जाएगी। 
विज्ञापन


विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को परीक्षा समिति की बैठक अतिथि गृह में हुई। इसमें तय किया गया कि परीक्षा के संबंध में यूजीसी की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। 15 सितंबर के बाद अंतिम वर्ष व अंतिम सत्र के छात्र-छात्राओं की परीक्षा परिस्थिति को देखते हुए कराई जाएगी।
विज्ञापन


शैक्षणिक सत्र 2019-20 में करीब चार लाख विद्यार्थी पंजीकृत थे। बैठक में तीन लाख विद्यार्थियों के परिणाम जारी करने पर भी निर्णय लिया गया। स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष व परास्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की जिन प्रश्नपत्रों की परीक्षा हो गई है, उनकी कापियों का मूल्यांकन कराया जा रहा है। उस प्रश्नपत्र के प्राप्तांक विद्यार्थी को यथावत मिलेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को अब द्वितीय वर्ष की परीक्षा देनी होगी। उसके प्राप्तांक का औसत निकालकर प्रथम वर्ष के उन प्रश्नपत्रों में अंक दिए जाएंगे, जिनकी परीक्षा नहीं हुई है।

वहीं, स्नातक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष की परीक्षा के प्राप्तांक के आधार पर उन प्रश्नपत्रों में औसत अंक दिए जाएंगे, जिनकी परीक्षा नहीं कराई जा सकी। उसी के आधार पर प्रोन्नति दी जाएगी। यही व्यवस्था सेमेस्टर पाठ्यक्रमों में भी लागू होगी। 

बैठक में कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार, प्रो. हरवंश सिंह सोलंकी, प्रो. अजय तनेजा, प्रो. संजीव कुमार, औटा अध्यक्ष डॉ. मुकेश भारद्वाज, महामंत्री डॉ. निशांत चौहान, डॉ. जीके गुप्ता, डॉ. सुकेश यादव, प्रो. यूसी शर्मा शामिल रहे।

 आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्री-पीएचडी कोर्स का परिणाम 
आगरा विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि प्री-पीएचडी कोर्स की परीक्षा नहीं कराई जाएगी। आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर छात्र-छात्राओं को पास या फेल किया जाएगा। पास विद्यार्थी को पीएचडी एलॉट हो जाएगी, आगे की कार्यवाही की जाएगी।

प्री-पीएचडी कोर्स वर्क में कुल 815 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। सभी विश्वविद्यालय के निर्णय का इंतजार कर रहे थे। मार्च में परीक्षा प्रस्तावित थी। लॉकडाउन घोषित होने से परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। 

एमफिल और पीएचडी का वायवा ऑनलाइन माध्यम से भी होगा
एमफिल और पीएचडी के छात्र-छात्राओं का लंबित वायवा ऑनलाइन माध्यम से भी कराया जाएगा। परीक्षा समिति ने बृहस्पतिवार को इस निर्णय पर मुहर लगा दी। इच्छुक छात्र-छात्राएं ऑनलाइन वायवा दे सकेंगे। कमेटी में कुलपति या उनकी ओर से नामित सदस्य शामिल होगा। वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी। वहीं, जो विद्यार्थी ऑफलाइन वायवा देना चाहते हैं, दे सकते हैं, उसके लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed