फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Dr. Bhimrao Ambedkar University Digree Distribute By Nodal Centers

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालयः छात्रों की डिग्री बंटवाने की व्यवस्था में फिर बदलाव

Sat, 07 Nov 2020 12:21 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sat, 07 Nov 2020 12:21 AM IST
सार

30 नोडल सेंटरों के माध्यम से डिग्री वितरित कराई जाएगी। जबकि अभी तक नोडल केंद्रों को डिग्री नहीं भेजी जा सकी है। यह भी तय नहीं हो पाया है कि डिग्री को निशुल्क छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराया जाएगा या फिर शुल्क लिया जाएगा।

विज्ञापन
Dr. Bhimrao Ambedkar University Digree Distribute By Nodal Centers
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिवाली के बाद डिग्री वितरण सप्ताह के आयोजन की योजना बनाई थी। इसकी व्यवस्थाओं में समय लग रहा है। लिहाजा अब दिसंबर माह में डिग्री वितरण सप्ताह आयोजित करने की तैयारी है। नोडल केंद्रों से ही डिग्री बंटवाई जाएगी
विज्ञापन


कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने गत दिनों प्रेसवार्ता में घोषणा की थी कि वर्ष 2015 व उसके बाद के वर्षों की बनी रखी हुई करीब 7.50 लाख डिग्रियों को दिवाली के बाद बांटा जाएगा। 30 नोडल सेंटरों के माध्यम से डिग्री वितरित कराई जाएगी। जबकि अभी तक नोडल केंद्रों को डिग्री नहीं भेजी जा सकी है। यह भी तय नहीं हो पाया है कि डिग्री को निशुल्क छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराया जाएगा या फिर शुल्क लिया जाएगा। शुल्क लिया जाएगा तो किन छात्रों से?  डिग्री छात्र-छात्राओं को भेजने के लिए दो माह में कई योजनाएं बनीं, अभी तक किसी पर अमल नहीं हो सका है। 
विज्ञापन


कॉलेजवार बंडल तैयार कराए जा रहे
जो डिग्रियां रखी हुई हैं, उनका सत्यापन कराया जा रहा है। साथ ही कॉलेजवार बंडल तैयार कराए  जा रहे है। इसमें समय लग रहा है। दिसंबर माह में नोडल केंद्रों के माध्यम से डिग्री बंटवाई जाएगी। एक हफ्ते का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस बीच बाकी जो औपचारिकताएं हैं, उसे पूरा कर लिया जाएगा। - प्रो. अशोक मित्तल, कुलपति, विश्वविद्यालय
विज्ञापन
विज्ञापन

 

दो वर्ष पहले मांगी डिग्री, अभी तक घर नहीं पहुंची 
विवि में छात्र-छात्राओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। ऑनलाइन आवेदन करने वाले जिन छात्र-छात्राओं को आवेदन के एक से दो वर्ष बाद भी डिग्री नहीं मिल पाई है, वह हेल्प डेस्क पर लाइन लगाने को मजबूर हैं। 

शहर में रहने वाली रजनी शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में बीएससी की डिग्री के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। अभी तक डिग्री नहीं मिल पाई है। ऑनलाइन डिग्री को डिस्पैच दिखाया जा रहा है। जबकि अभी तक डिग्री घर नहीं पहुंची है। रजनी ने बताया कि वह तीसरी बार डिग्री के लिए विश्वविद्यालय पहुंची हैं।

फिरोजाबाद निवासी अवधेश कुमार ने बताया कि उन्होंने 26 सितंबर 2019 को ऑनलाइन डिग्री के लिए आवेदन किया। एक वर्ष से अधिक समय बीतने पर जब डिग्री नहीं पहुंची तो वह शुक्रवार को डिग्री के संबंध में जानकारी करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके अंकपत्र में नाम में स्पेलिंग गलत है। पहले उसे ठीक कराना पड़ेगा। अवधेश का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन मांगने का क्या मतलब, जब आवेदन की कमियां ऑफलाइन पहुंचने पर बताई जा रही है। 

कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि अब ऑफलाइन या ऑनलाइन दोनों माध्यम से किसी भी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन वाले छात्र-छात्राओं को कमियां बताई जा रही हैं। ऑफलाइन आवेदन करने वालों को ट्रैकिंग के लिए नंबर भी दिया जा रहा है। व्यवस्थाएं ठीक की जा रही हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed