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विश्वविद्यालय की ऑनलाइन शिकायत प्रक्रिया भी फेल, भीषण गर्मी में चक्कर काट रहे छात्र
Tue, 21 May 2019 01:50 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 21 May 2019 01:50 PM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के ऑनलाइन शिकायत प्रक्रिया भी फेल हो गई। न मार्कशीट की त्रुटियां ठीक हो रही हैं और न ही डिग्री मिल रही है। ऑनलाइन शिकायतों का निस्तारण न होने पर छात्र गर्मी में विश्वविद्यालय चक्कर काट रहे हैं।
विश्वविद्यालय में मार्कशीट न मिलना, जिनको मिली उनमें अंकों समेत नामों में त्रुटियां, डिग्री समेत अन्य समस्याओं पर ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की। छात्र कहीं से भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकता था, लेकिन शिकायत के कई दिनों बाद भी कोई सुनवाई न होने पर छात्र विश्वविद्यालय चक्कर काट रहे हैं।
विश्वविद्यालय में रोजाना 350 से 450 शिकायतें आ रही हैं। इनमें अधिकांश शिकायतें मार्कशीट में प्रयोगात्मक अंक न दर्ज होने, प्रथम-द्वितीय वर्ष के फाइनल मार्कशीट में अंक नहीं चढ़े होने और आवेदन के बाद भी डिग्री न मिलने की शिकायतें हैं। शिकायतों की मानीटरिंग न होने पर पेंडेंसी बढ़ रही है।
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विश्वविद्यालय में मार्कशीट न मिलना, जिनको मिली उनमें अंकों समेत नामों में त्रुटियां, डिग्री समेत अन्य समस्याओं पर ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की। छात्र कहीं से भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकता था, लेकिन शिकायत के कई दिनों बाद भी कोई सुनवाई न होने पर छात्र विश्वविद्यालय चक्कर काट रहे हैं।
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विश्वविद्यालय में रोजाना 350 से 450 शिकायतें आ रही हैं। इनमें अधिकांश शिकायतें मार्कशीट में प्रयोगात्मक अंक न दर्ज होने, प्रथम-द्वितीय वर्ष के फाइनल मार्कशीट में अंक नहीं चढ़े होने और आवेदन के बाद भी डिग्री न मिलने की शिकायतें हैं। शिकायतों की मानीटरिंग न होने पर पेंडेंसी बढ़ रही है।
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परेशान हो रहे छात्र
विश्वविद्यालय में अलीगढ़ से आए सुनील वार्ष्णेय का कहना है कि उनकी बहन ने बीएससी की 2017 की डिग्री के लिए आवेदन किया था, तीन महीने से अधिक समय हो गया है, लेकिन डिग्री नहीं बन पाई। कर्मचारी हर बार दस दिन बाद पता करने की कहते हैं।
पीआरओ डॉ. जीएस शर्मा ने कहा कि छात्रों की शिकायत और समस्याओं के जल्द निस्तारण के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। ऑनलाइन शिकायतों की भी मानीटरिंग कर करते हुए इनका तय समय में निस्तारण की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
शिक्षकों का सहयोग योजना भी नहीं हुई शुरू
विश्वविद्यालय ने बीते सप्ताह गुणवत्ता सुधार के लिए बैठक की थी, जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा छात्रों को समय पर डिग्री उपलब्ध करवाना रहा। इसमें सभी सदस्यों ने माना कि ऑनलाइन शिकायतों की मानीटरिंग न होने से मामले लंबित हो रहे हैं।
कर्मचारियों की संख्या भी कमी है। ऐसे में इस कार्य में शिक्षकों के सहयोग लेने का निर्णय लिया था। लेकिन अभी तक इस पहल पर कोई शुरूआत नहीं हुई है।
पीआरओ डॉ. जीएस शर्मा ने कहा कि छात्रों की शिकायत और समस्याओं के जल्द निस्तारण के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। ऑनलाइन शिकायतों की भी मानीटरिंग कर करते हुए इनका तय समय में निस्तारण की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
शिक्षकों का सहयोग योजना भी नहीं हुई शुरू
विश्वविद्यालय ने बीते सप्ताह गुणवत्ता सुधार के लिए बैठक की थी, जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा छात्रों को समय पर डिग्री उपलब्ध करवाना रहा। इसमें सभी सदस्यों ने माना कि ऑनलाइन शिकायतों की मानीटरिंग न होने से मामले लंबित हो रहे हैं।
कर्मचारियों की संख्या भी कमी है। ऐसे में इस कार्य में शिक्षकों के सहयोग लेने का निर्णय लिया था। लेकिन अभी तक इस पहल पर कोई शुरूआत नहीं हुई है।