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फर्जीवाड़े के लिए पूरे देश में बदनाम हो चुका है यह विश्वविद्यालय, कारनामों की है लंबी फेहरिस्त

Thu, 25 Apr 2019 11:47 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 25 Apr 2019 11:47 AM IST
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dr bhim rao ambedkar university agra has been defamed for forgery
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
आगरा का डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय इन दिनों बगैर कॉपी चेक किए छात्र को फेल कर दिए जाने के लिए चर्चा में है। लेकिन यह अकेला मामला नहीं है। विश्वविद्यालय के कारनामों की फेहरिस्त लंबी है। 
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यहां उन युवक-युवतियों को बीएड की मार्कशीट जारी हो चुकी है, जिन्होंने कभी दाखिला ही नहीं लिया। इसकी जांच एसआईटी कर रही है। कुछ दिन पहले देहरादून से आई सीबीआई ने यहां डेरा डाले रखा। वो मामला भी फर्जी मार्कशीट का है।
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आए दिन विश्वविद्यालय किसी न किसी राज्य की पुलिस आती रहती है। ये मामले फर्जी मार्कशीट के हैं। लोग फर्जी मार्कशीट बनवाते हैं। विवि के कर्मचारी रिकॉर्ड में उसे दर्ज कर लेते हैं। सत्यापन के लिए मार्कशीट आए तो फर्जी को असली बता देते हैं। 
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कई कर्मचारी जा चुके हैं जेल

कई कर्मचारी जेल जा चुके हैं लेकिन सुधार नहीं हुआ। ऐसे भी मामले आ चुके हैं जिनमें छात्रों को आनलाइन मार्कशीट में फेल किया गया। उन्हें अंकपत्र मिले तो फर्स्ट डिवीजन थी। रिकार्ड रूम के कर्मचारी ने नंबर बढ़ा दिए थे।

उत्तर प्रदेश : बीएड की फर्जी मार्कशीट, एसआईटी कर रही जांच। 
मध्य प्रदेश :  फर्जी मार्कशीट के 30 मामले पकडे़, एसआईटी के पास है जांच। 
उत्तराखंड : फर्जी मार्कशीट पकड़ी गईं, सीबीआई कर रही जांच।
आंध्र प्रदेश : विवि के नाम से फर्जी कॉलेज खुले, एसटीएफ आई
दिल्ली : आठवीं पास को दे दी एमबीबीएस की मार्कशीट 

अमेरिका, कनाडा में भी पकड़ीं गई यहां की फर्जी मार्कशीट 

विश्वविद्यालय से संबद्ध कैंपस के नाम से बीटेक और एमटेक की मार्कशीट वाले युवक-युवतियों को अमेरिका और कनाडा में नौकरी मिल गई। एक से डेढ़ लाख रुपये महीने का पैकेज था। मार्कशीट का सत्यापन हुआ तो पता चला कि फर्जी हैं।

तीन साल पहले नोएडा की कई कंपनियों ने बोर्ड लगा दिए थे कि जिन अभ्यर्थियों के पास डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय की मार्कशीट है, वे आवेदन न करें। इतनी बदनामी हो चुकी है विवि की कि मेहनत से पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अंकपत्र भी शक भरी नजरों से देखे जाने लगे हैं।
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