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बेटे से डीएनए नहीं मिला तो डॉक्टर ने अफसर पत्नी से मांगा तलाक, अदालत में दी अर्जी

Mon, 10 Feb 2020 05:29 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 10 Feb 2020 05:29 PM IST
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doctor seeks divorce from his wife on doubt of extramarital affair in agra
सांकेतिक तस्वीर
आगरा में पति-पत्नी की अनबन का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। शाहगंज के एक डॉक्टर का डीएनए उसके पांच साल के बेटे से नहीं मिला तो पत्नी से तलाक लेने के लिए अदालत में अर्जी दे दी। पत्नी एक बैंक में अधिकारी है। 
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पत्नी ने रिपोर्ट को गलत बताकर एसएसपी से शिकायत की तो मामला परामर्श केंद्र भेज दिया गया। यहां दोनों को सुना गया लेकिन केस पहले से कोर्ट में होने के कारण दोनों को वहीं भेज दिया गया। छह साल पहले शादी करने वाले दंपती अब अलग-अलग रह रहे हैं।
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परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर डॉ. अमित कुमार ने बताया कि यह केस यहां कुछ समय पहले आया था। डॉक्टर और पत्नी के बीच काफी अनबन हुई। डॉक्टर खुलकर यह नहीं कह पा रहे थे कि उन्हें पत्नी के किसी और के साथ संबंध होने का शक है। 
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बहाने से लिया बेटे के रक्त का नमूना

इसलिए डॉक्टर ने जांच कराने के बहाने बेटे के रक्त का नमूना लिया। इसे लैब भेजकर डीएनए सैंपल तैयार कराया। इसके बाद अपना डीएनए सैंपल भी मिलान के लिए भेज दिया। लैब से डीएनए मिलान न होने की रिपोर्ट आई।

डॉक्टर ने इसी को आधार बनाकर पत्नी से रिश्ता खत्म करने के लिए कोर्ट में तलाक की अर्जी दे दी। परामर्श केंद्र में जब इसकी जानकारी हुई तो यहां फाइल बंद कर दी गई है।

नए जमाने की 'अग्निपरीक्षा'  
परामर्श केंद्र पर एक साल में यह तीसरा केस आया जिसमें पत्नी पर शक होने पर पति ने बच्चे के साथ डीएनए का मिलान कराया। दो में रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। दोनों मामलों में सुलह हो गई। डॉक्टर अमित ने बताया कि इनमें एक केस खंदारी का था और एक देहात का।

महिलाएं दहेज उत्पीड़न, मारपीट के केस दर्ज कराती हैं। दंपती को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाता है तो मध्यम वर्गीय परिवारों में 10 में से छह केस में पति की शिकायत यही होती है कि पत्नी फोन पर व्यस्त रहती है, उसे उस पर शक है। हालांकि 80 फीसदी लोग काउंसलिंग में समझाने पर फिर से साथ रहने के लिए राजी हो जाते हैं।

इस मामले में पति-पत्नी में हुई सुलह

पति को पत्नी पर शक नहीं, पूरा यकीन था कि उसकी किसी और से दोस्ती है। उसने इसके सबूत जुटा लिए थे, उसके मोबाइल का डाटा अपने मोबाइल में ट्रांसफर कर लिया था। दोनों में झगड़ा होने पर केस परामर्श केंद्र पर आया। 

दो बार काउंसलिंग हो चुकी थी। पत्नी ने स्वीकार कर लिया था कि उसका पुरुष मित्र है। पत्नी को समझाया गया कि इंसान चाहे तो गलती से भी सीख सकता है। उसने माफी मांग ली। पति उसे साथ ले जाने के लिए राजी हो गया। दोनों हंसते हुए घर चले गए।
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