चिकित्सक की सलाह: नाक में तेल, नींबू का रस न डालें, घातक हो सकता है
डॉ. आलोक मित्तल ने कहा कि सोशल मीडिया पर दिए तरीके इस्तेमाल करने से बचें। ये घातक हो सकते हैं।
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कोरोना संक्रमण से बचने के लिए इस समय लोग तरह-तरह के उपायों को अमल में ला रहे हैं। सोशल मीडिया पर तमाम नुस्खे वायरल हो रहे हैं। इसमें नाक में तेल और नींबू का रस आदि डालने की सलाह दी जा रही है। आगरा के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आलोक मित्तल का कहना है कि ऐसा करना घातक हो सकता है। नाक में तेल या नींबू का का रस न डालें।
डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि गले में दर्द, खराश, थकान, मुंह और गले में छाले से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। कुछ समय के लिए बुखार या बुखार जैसा लगने की समस्या भी बताते हैं। किसी को लगता है कि प्रति वर्ष इस मौसम में ऐसी समस्या होती है, कोई समझता है कि दही या आइसक्रीम खाने से समस्या हो रही है।
इस समय इन लक्षणों को सामान्य रूप से नहीं लेना चाहिए, इन्हें कोरोना संक्रमण के नजरिये से देखना जरूरी है। ये लक्षण दिखने पर कोरोना संक्रमण वाली सावधानी बरतने की जरूरत है, भले ही संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आ जाए।
वैक्सीन जरूर लगवाएं
डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि उचित तरीके से मास्क लगाना बेहद जरूरी है। अब समय है कि हम दो मास्क लगाएं। सावधान और सतर्क रहें। घर में ही रहें, जरूरी होने पर ही बाहर निकलें और सामाजिक दूरी का ध्यान रखें। बार-बार हाथ जरूर धोएं।
कोरोना वैक्सीन का टीका जरूर लगवाएं। ऐसा देखा गया है गंभीर रोगियों में 92 फीसदी वे लोग हैं जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है। सात फीसदी ने एक वैक्सीन लगवाई है और एक फीसदी ने ही दोनों वैक्सीन लगवाई है।
इन पांच बातों का ध्यान रखें
- दिन में दो बार भाप लें पांच से दस मिनट के लिए।
- सुबह भाप लेने के बाद पांच मिनट प्राणायाम करें।
- नाक बंद होने पर नाक को गुनगुने पानी से साफ करें।
- गले में खरास होने पर गुनगुने पानी में नमक डाल कर गरारे करें।
- गले में चुभन होने पर कोरोना टेस्ट कराएं।