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घूस प्रकरण: ऑडियो सुनकर डीएम भी रह गए दंग, जांच के लिए बनाई उच्च स्तरीय कमेटी
Mon, 04 Feb 2019 04:10 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 04 Feb 2019 04:10 PM IST
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जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार
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आगरा के जिलाधिकारी ने दवा विक्रेता से 35 लाख रुपये घूस मांगने के आरोपों की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है। सीडीओ की अध्यक्षता में दो उच्च अधिकारियों को जांच सौंपी है। इनसे चार दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के बाद कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।
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श्री दीक्षा बांके बिहारी धाम, सिकंदरा निवासी और एसडीजी ड्रग्स फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हरीबाबू ने एसएसपी और डीएम को शिकायत की थी, जिसमें ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा और बृजेश यादव पर 35 लाख रुपये घूस मांगने का आरोप लगाया था।
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रुपये न देने पर गोदाम पर छापा मारकर सील करने की धमकी दी गई। ऐसे में हरीबाबू ने रुपये मांगने की चार ऑडियो रिकार्डिंग अधिकारियों को भेजी है। इस प्रकरण के बाद उसके गोदाम को सील भी किया गया।
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चार दिन में देनी होगी रिपोर्ट
डीएम ने इसकी ऑडियो सुना तो वो दंग रह गए। इसमें बाकायदा रुपये के लिए ड्रग इंस्पेक्टर सौदेबाजी कर जगह तय कर रहा हैं। मामले की गंभीरता देखते हुए तत्काल उन्होंने सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर चार दिन में रिपोर्ट मांगी है।
डीएम एनजी रवि कुमार ने बताया कि ऑडियो सुना, इसमें ड्रग इंस्पेक्टर प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। चार दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की जाएगी।
20 लाख रुपये देने को तैयार था दवा विक्रेता
ऑडियो में ड्रग इंस्पेक्टर और दवा विक्रेता की बातचीत रिकॉर्ड है। इसमें दवा विक्रेता 20 लाख रुपये देने के लिए तैयार हो गया है। मगर ड्रग इंस्पेक्टर 35 लाख रुपये मांग रहा है। काफी मिन्नतें करने पर ड्रग इंस्पेक्टर पांच लाख रुपये कम कर 30 लाख रुपये देने पर राजी हो जाता है। रुपये लेने के लिए वह एजेंट को भेजने की बात कहते हैं।
डीएम एनजी रवि कुमार ने बताया कि ऑडियो सुना, इसमें ड्रग इंस्पेक्टर प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। चार दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की जाएगी।
20 लाख रुपये देने को तैयार था दवा विक्रेता
ऑडियो में ड्रग इंस्पेक्टर और दवा विक्रेता की बातचीत रिकॉर्ड है। इसमें दवा विक्रेता 20 लाख रुपये देने के लिए तैयार हो गया है। मगर ड्रग इंस्पेक्टर 35 लाख रुपये मांग रहा है। काफी मिन्नतें करने पर ड्रग इंस्पेक्टर पांच लाख रुपये कम कर 30 लाख रुपये देने पर राजी हो जाता है। रुपये लेने के लिए वह एजेंट को भेजने की बात कहते हैं।
मजिस्ट्रेट पहुंचे जांच को, लेकिन नहीं खोली सील
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने सुबह एसीएम प्रथम को मामले की प्रारंभिक जांच के लिए शिकायतकर्ता हरीबाबू के एसडीजी ड्रग्स फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड श्री दीक्षा बांके बिहारी धाम, सिकंदरा पहुंचे। थोड़ी देर बाद ड्रग इंस्पेक्टर भी पहुंच गए और एसीएम प्रथम से सील लगवाने को कहने लगे।
एसीएम बोले कि पहले कमरे की सील खोलकर जांच करूंगा, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टरों ने ऐसा नहीं किया। एसीएम बार-बार कहते रहे कि जांच के लिए कमरा देखना चाहता हूं, इसमें क्या-क्या दवाएं हैं। दो घंटे तक एसीएम वहां रहे, लेकिन कमरे की सील नहीं खोली। एसीएम ने ये रिपोर्ट डीएम को दी।
इस पर शाम को डीएम ने मामले के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी बना दी। एसीएम प्रथम संगम लाल यादव ने बताया कि जांच करने के लिए कमरे की सील खोलने को कहा, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टरों ने ऐसा नहीं किया। दो घंटे तक रुका रहा, लौटकर डीएम को रिपोर्ट दी।
एसीएम बोले कि पहले कमरे की सील खोलकर जांच करूंगा, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टरों ने ऐसा नहीं किया। एसीएम बार-बार कहते रहे कि जांच के लिए कमरा देखना चाहता हूं, इसमें क्या-क्या दवाएं हैं। दो घंटे तक एसीएम वहां रहे, लेकिन कमरे की सील नहीं खोली। एसीएम ने ये रिपोर्ट डीएम को दी।
इस पर शाम को डीएम ने मामले के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी बना दी। एसीएम प्रथम संगम लाल यादव ने बताया कि जांच करने के लिए कमरे की सील खोलने को कहा, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टरों ने ऐसा नहीं किया। दो घंटे तक रुका रहा, लौटकर डीएम को रिपोर्ट दी।