डायवर्जन बना मुसीबत: ईदगाह पुल का मरम्मत कार्य हुआ शुरू, इधर से गए तो फंस जाएंगे
ईदगाह पुल का मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। हैरानी की बात तो ये है कि यहां संकेतक और सूचना बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
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आगरा में ईदगाह रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। जिन मार्गों पर यातायात को डायवर्ट किया गया, वहां संकेतक और किसी तरह का सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया। इससे वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी हुई। शाहगंज स्थित रुई की मंडी फाटक से भी वाहनों को बंद करने पर लोगों को 3 से 4 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा। शाम को डायवर्जन के कारण बारहखंभा फाटक पर भी लोगों को जाम से जूझना पड़ा। पुल निर्माण के कारण तकरीबन पांच लाख लोगों को 35 दिन तक यह परेशानी उठानी पड़ेगी।
लोक निर्माण विभाग ने ईदगाह आरओबी की मरम्मत तो शुरू कर दी मगर खेरिया हवाई अड्डे से शहर को जोड़ने वाले इस पुल से आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्ता नहीं दिया। खेरिया मोड़ से शाहगंज की ओर जाने वाले वाहन चालक पहले रूई की मंडी फाटक पर पहुंचे, मगर वहां पता चला कि फाटक भी बंद है तो वह घूमकर बारहखंभा फाटक से होकर गुजरे। पूरे रूट पर कहीं भी संकेतक व बोर्ड नहीं लगाए गए। इससे धनौली, मलपुरा, ख्वासपुरा, सराय ख्वाजा से आने वाले वाहन चालक गलियों में भटकते हुए किसी तरह ईदगाह बस स्टैंड और आगरा कैंट स्टेशन की ओर निकल सके।
यही हाल ईदगाह, शाहगंज से खेरिया मोड़ की ओर जाने वाले वाहन चालकों का रहा। खेरिया मोड़ के अनुपम ने बताया कि पुल और रुई की मंडी फाटक पर रोजाना हजारों वाहनों का आवागमन होता है। दोनों ही रास्ते बंद किए गए हैं। ऐसे में अर्जुन नगर, खेरिया मोड़ के लोगों को शाहगंज तक जाने के लिए तीन से चार किमी का चक्कर काटना पड़ रहा है। अजीत नगर के सुशील नोतनानी का कहना था कि एक दिन की बात हो तो लोग काट लेते हैं मगर यहां 35 दिन तक यह हालात रहेंगे। अगर वैकल्पिक मार्ग बनाया गया होता तो ज्यादा बेहतर रहता।
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ट्रैक से गुजरे पैदल राहगीर व दोपहिया चालक
पुल की मरम्मत के लिए आसपास के स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। बारह खंभा, नगला छउआ, शाहगंज के छात्र-छात्राएं खेरिया मोड़, अर्जुन नगर ट्यूशन और स्कूल जाते हैं। वह सुबह से शाम तक रेलवे ट्रैक को पार करके गुजरते रहे। पैदल राहगीरों ने भी जोखिम उठाकर रेलवे ट्रैक को पार करना बेहतर समझा।
शाहगंज में दिया जा सकता था मार्ग
शाहगंज में रुई की मंडी फाटक के पास काफी खाली जमीन पड़ी है। यहां से वैकल्पिक मार्ग दिया जा सकता था। इस सड़क से आवागमन में स्थानीय लोगों को समस्या नहीं आती।
एयरपोर्ट के लिए टाटा गेट से हो प्रवेश
पर्यटन उद्यमी राजीव तिवारी का कहना है कि पुल के बंद होने के कारण एयरपोर्ट तक जाने वाले पर्यटकों को सबसे ज्यादा दिक्कत आएगी। इसके लिए एयरपोर्ट पर टाटा गेट से एंट्री दी जाए तो बेहतर विकल्प हो सकता है।