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ताजमहल में नमाज के दौरान फोटोग्राफी पर विवाद, बाहरी महिलाओं का कराया प्रवेश
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 14 Oct 2017 07:43 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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ताजमहल में शुक्रवार को नमाज के दौरान महिला सैलानियों के बड़े बैग ले जाने पर विवाद खड़ा हो गया। बंगाल, असोम और केरल की महिलाओं को स्थानीय बताकर ताजमहल में नमाज अदा करने के नाम पर प्रवेश कराया गया।
वे ताजमहल देखने के लिए ही आई थीं लेकिन आम पर्यटकों के लिए शुक्रवार को ताज बंद होने के कारण मायूस थीं। कुछ लोगों की सिफारिश पर इन महिलाओं को नमाज के नाम पर प्रवेश तो दिया गया लेकिन इन्होंने नमाज की जगह ताज की फोटोग्राफी की।
‘शुक्रवार को ताजमहल दोपहर 12 बजे से दो बजे तक नमाज के लिए खुलेगा। इस दौरान ताज पर ड्यूटी करने वाले अधिकारी, कर्मचारी और नमाजी ही प्रवेश कर सकेंगे’ केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने इस गजट नोटिफिकेशन को जारी कर शुक्रवार को सिर्फ नमाजियों के लिए ताज को खोलने का निर्देश दिया, लेकिन नमाजियों के नाम पर पर्यटकों को भी ताज में प्रवेश कराया जा रहा है।
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वे ताजमहल देखने के लिए ही आई थीं लेकिन आम पर्यटकों के लिए शुक्रवार को ताज बंद होने के कारण मायूस थीं। कुछ लोगों की सिफारिश पर इन महिलाओं को नमाज के नाम पर प्रवेश तो दिया गया लेकिन इन्होंने नमाज की जगह ताज की फोटोग्राफी की।
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‘शुक्रवार को ताजमहल दोपहर 12 बजे से दो बजे तक नमाज के लिए खुलेगा। इस दौरान ताज पर ड्यूटी करने वाले अधिकारी, कर्मचारी और नमाजी ही प्रवेश कर सकेंगे’ केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने इस गजट नोटिफिकेशन को जारी कर शुक्रवार को सिर्फ नमाजियों के लिए ताज को खोलने का निर्देश दिया, लेकिन नमाजियों के नाम पर पर्यटकों को भी ताज में प्रवेश कराया जा रहा है।
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शुक्रवार दोपहर को भी बंगाल, असोम, केरल और कर्नाटक के चार बड़े-बड़े दल ताज पहुंच गए। इनमें से कई मुस्लिम भी थे। ताज बंद होने की जानकारी हुई तो वह मायूस हुए, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें खुद को नमाजी बताकर प्रवेश का सुझाव दिया, जिसके लिए इन पर्यटकों से शुल्क भी लिया गया।
क्लॉक रूम बंद होने के कारण इनके पास मौजूद बड़े बैग होने के कारण महिलाओं को रोक दिया गया, जिस पर आपत्ति की गई। ताज पर शुक्रवार को ऐसे ही सैलानियों को प्रवेश दिलाने वाले स्वयंभू ठेकेदार ने इस मसले को तूल दिया और प्रवेश दिला दिया। सीआईएसएफ ने कहा कि केवल पर्स ले जाने की ही अनुमति है, जबकि महिलाओं पर बड़े बैग मौजूद थे, इसलिए उन्हें रोका गया।
क्लॉक रूम बंद होने के कारण इनके पास मौजूद बड़े बैग होने के कारण महिलाओं को रोक दिया गया, जिस पर आपत्ति की गई। ताज पर शुक्रवार को ऐसे ही सैलानियों को प्रवेश दिलाने वाले स्वयंभू ठेकेदार ने इस मसले को तूल दिया और प्रवेश दिला दिया। सीआईएसएफ ने कहा कि केवल पर्स ले जाने की ही अनुमति है, जबकि महिलाओं पर बड़े बैग मौजूद थे, इसलिए उन्हें रोका गया।