मैनपुरी: बर्खास्त सिपाही ने खुद को एसओजी का जवान बताकर युवक को किया अगवा, गिरफ्तार
आरोपी बर्खास्त सिपाही बागपत जिले का रहने वाला है। वह पूर्व में मैनपुरी में तैनात रह चुका है। उस वक्त भी आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक से वसूली की थी।
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मैनपुरी के नगला इंदे निवासी एक युवक को एसओजी का सिपाही बनकर आया बर्खास्त सिपाही बोलेरो गाड़ी में अगवा कर ले गया। इस दौरान रास्ते में उसे छोड़ने के लिए सौदेबाजी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अगवा करने वाले बर्खास्त सिपाही अनुज चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। सिपाही सहित पांच लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पूर्व में जनपद में तैनात रह चुका बर्खास्त सिपाही अनुज चौधरी सोमवार को किशनी क्षेत्र के गांव नगला इंदे पहुंचा। वहां ट्रैक्टर चोरी के मामले में युवक रणधीर उर्फ राजा को बोलेरो में बिठा लिया। पीड़ित के अनुसार सिपाही ने खुद को एसओजी टीम का बताया। युवक को ले जाने के दौरान रास्ते में छोड़ने के लिए सौदेबाजी भी शुरू हो गई।
बागपत का रहने वाला है बर्खास्त सिपाही
यह जानकारी राजा के परिजनों ने पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर बर्खास्त सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। वहीं नगला इंदे निवासी युवक को उसके घर पहुंचा दिया। पकड़ा गया बर्खास्त सिपाही अनुज चौधरी मूल रूप से गांव नोरोजपुर गुर्जर थाना कोतवाली बागपत का रहने वाला है।
वर्ष 2011 में जनपद में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कुरावली थाने में उसकी तैनाती रही थी। 18 दिसंबर 2019 को कुर्रा क्षेत्र में बोलेरो लूट के मामले में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा थाना दन्नाहार क्षेत्र में सरसों का लदा ट्रक लूट की वारदात उसने अंजाम दी थी।
सिपाही के खिलाफ बोलेरो लूट व फिरोजाबाद में धोखाधड़ी का भी मामला दर्ज हुआ था। आपराधिक क्रियाकलाप के चलते सिपाही को पुलिस सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। युवक को अगवा करने व रुपये की मांग करने के मामले में पुलिस ने बर्खास्त सिपाही सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
27 नवंबर को भी राजा से लिए थे रुपये
रणधीर उर्फ राजा के पिता सूबेदार निवासी नगला इंदे ने बताया कि गांव रंपुरा निवासी अनुज शाक्य, गांव गपकापुर निवासी अनुपम यादव, बर्खास्त सिपाही अनुज चौधरी, कुलदीप और सूर्यप्रताप ने उनके पुत्र को 27 नवंबर को हरीसिंगपुर के जंगल में बुलाया था।
वहां से गाड़ी में बैठाकर ले गए और 60 हजार रुपये लेने के बाद छोड़ा था। सोमवार को दोबारा से इन लोगों ने झूठे मुकदमे में फंसाकर रुपये की मांग की। थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। सभी आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।