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पशुओं में फैली बीमारी, आठ दिन में 12 मवेशी मरे
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पशुओं में फैली बीमारी, धरियाई गांव में 12 मवेशी मरे
पशुपालकों में हड़कंप, पशुपालन विभाग की टीम ने पहुंचकर जांच और उपचार किया
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। निबोहरा क्षेत्र के गांव धरियाई के पशुओं में बीमारी फैली है। इसकी जद में आने से आठ दिनों में 12 पशु मर गए। बुधवार को पशुपालन विभाग की टीम ने पहुंच कर बीमार पशुओं का इलाज किया। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केसी लोधी ने बताया कि लक्षण मुंहपका और खुरपका नामक संक्रामक बीमारी के हैं।
धरियाई निवासी त्रिवननाथ और रामबाबू आदि पशुपालकों ने बताया कि बीमार पशुओं के मुंह से झाग निकलने लगता है। वे चारा-पानी छोड़ देते हैं। त्रिभुवन नाथ के मुताबिक उसकी तीन भैंस व एक गाय इस बीमारी से आठ दिन के भीतर मर गईं। तीन गाय और चार भैंस बीमार पड़ी हैं। वहीं रामबाबू की दो भैस तथा सात बकरियां मरी हैं। पशुओं में बीमारी फैलने की सूचना पर बुधवार को उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी फतेहाबाद डॉ. केसी लोधी ने टीम के साथ गांव धरियाई पहुंच कर बीमार पशुओं का इलाज किया गया।
बताया कि गांव के 490 पशुओं के खुरपका व मुंहपका रोग से बचाव के लिए टीका लगाया गया उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने बताया कि पशुओं मे फूड प्वाइजनिंग के साथ खुरपका, मुंहपका रोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। पशुओं के मुंह में छाले हैं। बीमार पशुओं का उपचार किया गया है।
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पशुपालकों में हड़कंप, पशुपालन विभाग की टीम ने पहुंचकर जांच और उपचार किया
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। निबोहरा क्षेत्र के गांव धरियाई के पशुओं में बीमारी फैली है। इसकी जद में आने से आठ दिनों में 12 पशु मर गए। बुधवार को पशुपालन विभाग की टीम ने पहुंच कर बीमार पशुओं का इलाज किया। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केसी लोधी ने बताया कि लक्षण मुंहपका और खुरपका नामक संक्रामक बीमारी के हैं।
धरियाई निवासी त्रिवननाथ और रामबाबू आदि पशुपालकों ने बताया कि बीमार पशुओं के मुंह से झाग निकलने लगता है। वे चारा-पानी छोड़ देते हैं। त्रिभुवन नाथ के मुताबिक उसकी तीन भैंस व एक गाय इस बीमारी से आठ दिन के भीतर मर गईं। तीन गाय और चार भैंस बीमार पड़ी हैं। वहीं रामबाबू की दो भैस तथा सात बकरियां मरी हैं। पशुओं में बीमारी फैलने की सूचना पर बुधवार को उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी फतेहाबाद डॉ. केसी लोधी ने टीम के साथ गांव धरियाई पहुंच कर बीमार पशुओं का इलाज किया गया।
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बताया कि गांव के 490 पशुओं के खुरपका व मुंहपका रोग से बचाव के लिए टीका लगाया गया उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने बताया कि पशुओं मे फूड प्वाइजनिंग के साथ खुरपका, मुंहपका रोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। पशुओं के मुंह में छाले हैं। बीमार पशुओं का उपचार किया गया है।
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