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बाढ़ के पानी की निकासी न होने से हालात बदतर, कई गांवों पर मंडरा रहा ये 'खतरा'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
Updated Fri, 07 Sep 2018 04:14 PM IST
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गांव में भरा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज में गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को 10 सेंटीमीटर की गिरावट आई है। इससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद बंधी है, लेकिन अभी तक गंगा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाढ़ के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इसके कारण हालात बदतर बने हुए हैं।
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पिछले 13 दिनों से लगातार मध्यम बाढ़ के हालात बने हुए हैं। अभी एक दो दिन और बाढ़ से मुक्ति मिलने की उम्मीद नहीं है। 26 अगस्त को 1.62 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज होते ही जिले में मीडियम फ्लड के हालात हो गए, जो लगातार जारी हैं।
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शुक्रवार को भी 1.85 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। अभी एक दो दिन और मध्यम बाढ़ के हालात रहने की उम्मीद है। डेढ़ लाख क्यूसेक से कम डिस्चार्ज होने पर ही बाढ़ के हालात से निजात मिलेगी।
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बीमारियां पसार रहीं पैर
वहीं बाढ़ प्रभावित गांव हंसी नगला, नगला जाटवान, बमनपुरा, अजीतनगर, किलौनी किसौल सहित बाढ़ प्रभावित अन्य गांव में संक्रामक बीमारियां पैर पसार रही हैं। लोग बुखार, डायरिया, स्किन डिसीज, गले के इन्फेक्शन आदि के शिकार हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ के कारण जगह जगह मार्ग कटे होने से सभी जगह नहीं पहुंच पा रही हैं। बाढ़ का पानी बूढ़ी गंगा की धार में भी आ चुका है। जहां से उसमानपुर की पुलिया भी कट चुकी है। कई इलाकों में सड़क और पुलियों के यही हाल हैं।
बाढ़ का पानी रहने के कारण मरम्मत का कार्य भी नहीं हो पा रहा। बाढ़ उतरे तो क्षतिग्रस्त मार्गों और पुलियों की मरम्मत हो सके। जिससे आवागमन सुचारू हो। कादरगंज इलाके में गंगा की पैनी धार से कटान का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ के कारण जगह जगह मार्ग कटे होने से सभी जगह नहीं पहुंच पा रही हैं। बाढ़ का पानी बूढ़ी गंगा की धार में भी आ चुका है। जहां से उसमानपुर की पुलिया भी कट चुकी है। कई इलाकों में सड़क और पुलियों के यही हाल हैं।
बाढ़ का पानी रहने के कारण मरम्मत का कार्य भी नहीं हो पा रहा। बाढ़ उतरे तो क्षतिग्रस्त मार्गों और पुलियों की मरम्मत हो सके। जिससे आवागमन सुचारू हो। कादरगंज इलाके में गंगा की पैनी धार से कटान का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
सिंचाई विभाग सतर्क
जलस्तर और कम होने पर यहां कटान हो सकता है। इसको लेकर सिंचाई विभाग सतर्क है। लगातार निगरानी की जा रही है। लगातार बाढ़ के पानी में फसलें डूबी होने के कारण पीली पड़कर बर्बाद हो गई हैं। लोग पानी उतरने की प्रतिक्षा कर रहे हैं। जिससे जन जीवन पटरी पर आ सके।
सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह ने बताया कि गंगा का डिस्चार्ज नरौरा से कम हुआ है। हालांकि अभी मध्यम बाढ़ के हालात हैं, लेकिन बिजनौर और हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज कम हो रहा है। इससे हालात में सुधार होगा। जलस्तर में और कमी आएगी।
सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह ने बताया कि गंगा का डिस्चार्ज नरौरा से कम हुआ है। हालांकि अभी मध्यम बाढ़ के हालात हैं, लेकिन बिजनौर और हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज कम हो रहा है। इससे हालात में सुधार होगा। जलस्तर में और कमी आएगी।