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बुखार के साथ बढ़ रहे अस्थमा के मरीज, दो की मौत
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30एमएनपी-12-जिला अस्पताल में दवा काउंटर पर लगी मरीजों की कतार
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले में संक्रामक बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही है। बुखार और अस्थमा से पीड़ित दो मरीजों की जिले में मौत हो गई। एक ने जिला अस्पताल में दम तोड़ा तो दूसरे की सैफई में उपचार के दौरान मौत हो गई।
जिले में संक्रामक बीमारियां पूरी तरह से हावी हैं। बुखार, डायरिया, अस्थमा आदि बीमारियों से मरीजों की मौत हो रही है। शुक्रवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। यहां बुखार, डायरिया, पेटदर्द व अस्थमा से पीड़ित 1400 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी 90 वर्षीय छबिनाथ सिंह को पिछले दो दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे।
गुरुवार की रात अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां से गंभीर हालत देखते हुए उन्हें सैफई रेफर कर दिया। सैफई में देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। भोगांव थाना क्षेत्र के गांव मंगली निवासी याकूब के 40 वर्षीय पुत्र अनवर को पिछले कुछ दिनों से अस्थमा की दिक्कत बढ़ गई थी। परिजनों ने उसे गंभीर हालत में गुरुवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान अनवर की मौत हो गई।
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जिला अस्पताल में शुक्रवार को बेड की संख्या कम पड़ गई। यहां 63 मरीजों को गंभीर हालत के चलते भर्ती कराया गया। नौ मरीजों को बुखार व डायरिया की दिक्कत होने पर मिनी पीजीआई सैफई रेफर किया गया। बड़ी संख्या में यहां मरीज पहुंचने के कारण बेड कम पड़ गए तो एक-एक बेड पर दो-दो मरीज लिटाए गए। इसके अतिरिक्त जिन मरीजों की हालत में कुछ सुधार हुआ था उन्हें जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया।
संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपाय
-घरों और आसपास साफ सफाई रखें
-घरों के पास पानी एकत्रित न होने दें
-मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
-जरा भी परेशानी होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से उपाचार लें
-शौंच जाने के बाद साबुन से हाथ धोएं
अनवर को अंतिम सांसों में जिला अस्पताल में लाया गया था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हुई है। वहीं छबिनाथ को हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया गया था।
डॉ. आरके सागर सीएमएस
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जिले में संक्रामक बीमारियां पूरी तरह से हावी हैं। बुखार, डायरिया, अस्थमा आदि बीमारियों से मरीजों की मौत हो रही है। शुक्रवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। यहां बुखार, डायरिया, पेटदर्द व अस्थमा से पीड़ित 1400 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी 90 वर्षीय छबिनाथ सिंह को पिछले दो दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे।
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गुरुवार की रात अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां से गंभीर हालत देखते हुए उन्हें सैफई रेफर कर दिया। सैफई में देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। भोगांव थाना क्षेत्र के गांव मंगली निवासी याकूब के 40 वर्षीय पुत्र अनवर को पिछले कुछ दिनों से अस्थमा की दिक्कत बढ़ गई थी। परिजनों ने उसे गंभीर हालत में गुरुवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान अनवर की मौत हो गई।
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जिला अस्पताल में शुक्रवार को बेड की संख्या कम पड़ गई। यहां 63 मरीजों को गंभीर हालत के चलते भर्ती कराया गया। नौ मरीजों को बुखार व डायरिया की दिक्कत होने पर मिनी पीजीआई सैफई रेफर किया गया। बड़ी संख्या में यहां मरीज पहुंचने के कारण बेड कम पड़ गए तो एक-एक बेड पर दो-दो मरीज लिटाए गए। इसके अतिरिक्त जिन मरीजों की हालत में कुछ सुधार हुआ था उन्हें जबरन डिस्चार्ज कर दिया गया।
संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपाय
-घरों और आसपास साफ सफाई रखें
-घरों के पास पानी एकत्रित न होने दें
-मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
-जरा भी परेशानी होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से उपाचार लें
-शौंच जाने के बाद साबुन से हाथ धोएं
अनवर को अंतिम सांसों में जिला अस्पताल में लाया गया था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हुई है। वहीं छबिनाथ को हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया गया था।
डॉ. आरके सागर सीएमएस