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UP: दिल्ली और मेवात में बैठे हैं डिजिटल अरेस्ट गैंग के सदस्य, आगरा से भेजे जा रहे सिम; पुलिस ने सप्लायर दबोचा
Fri, 18 Oct 2024 12:47 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 18 Oct 2024 12:47 PM IST
सार
डिजिटल अरेस्ट गैंग के सदस्यों को आगरा से सिम सप्लाई की जा रही थीं। पुलिस ने सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरा साथी पुलिस के हाथ से निकल गया। आरोपी से पुलिस ने 10 सिम भी बरामद की हैं।
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सप्लायर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली और मेवात के डिजिटल अरेस्ट कर ठगने वाले गैंग को सिम और खाते अछनेरा और मथुरा के सप्लायर उपलब्ध करा रहे थे। एसटीएफ आगरा यूनिट ने बुधवार रात को गैंग के एक सदस्य शाहरुख को गिरफ्तार किया। उसके पास से 10 सिम और 14 खातों के एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। उसका साथी भागने में सफल रहा।
एसटीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि दिल्ली और मेवात में सक्रिय साइबर ठगों को आगरा से सिम बेचे जाने की जानकारी मिली थी। इस पर एसटीएफ टीम पड़ताल में लगी थी। बुधवार रात को केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड, खंदारी पर आई-10 कार को रोका गया। उसमें दो युवक थे। एक भाग गया, दूसरे को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार युवक अछनेरा निवासी शाहरुख है। उसके पास से 10 एक्टिवेटेड सिम और 14 एटीएम कार्ड बरामद किए गए।
पूछताछ में पता चला कि शाहरुख कबाड़ का काम करता है। दिल्ली में उसका भाई एमके रहता है। मेवात, हरियाणा में भी रिश्तेदारी है। इससे वह साइबर अपराधियों के संपर्क में आ गया। वह मथुरा के रहने वाले तेजवीर के साथ मिलकर अपराधियों को सिम उपलब्ध कराता था।
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ग्रामीण इलाके के मजदूर वर्ग के लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके नाम से बैंक में खाते खुलवा लेता था। उन्हें 2 से 5 हजार रुपये तक देता था। खातों से उनकी आईडी पर लिए गए सिम को लिंक कराने के बाद साइबर ठगों को उपलब्ध करा देता था। साइबर अपराधी इन खातों में लोगों से ठगी गई रकम ट्रांसफर करा लेते थे। सिमों को प्रयोग यूपीआई आईडी चलाने और लोगों को व्हाट्सएप काॅल करने में करते थे। मामले में थाना न्यू आगरा में केस दर्ज कराया गया है।
कम पढ़े लोगों को फंसा रहा था गैंग
पुलिस ने बताया कि गैंग कम पढ़े लोगों को फंसा रहा था। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर लालच देता था। उनकी आईडी से सिम खरीदे जाते थे। बाद में बैंक में खाते खुलवाए जाते थे। बदले में एक बार रकम दी जाती थी। साइबर ठग रकम को इन खातों में ट्रांसफर कराते थे। पुलिस खाताधारक के पते पर दस्तक देती थी। मगर, मजदूर होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं कर पाती थी।
पहले भी अछनेरा में पकड़ा गया गैंग
आगरा से फर्जी आईडी पर चालू सिम बेचने में पहले भी आरोपी पकड़े जा चुके हैं। दिल्ली में जगदीशपुरा के रहने वाले 3 युवक पकड़े गए थे। वह विदेश में सप्लाई होने वाले सिम की खेप गैंग को उपलब्ध कराते थे। अछनेरा में कई आरोपी साइबर ठगी में पकड़े जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि कस्बे के कई परिवारों की रिश्तेदार राजस्थान के भरतपुर में है। भरतपुर में साइबर ठगी के कई गैंग सक्रिय हैं। इस कारण अछनेरा के कई युवा भी इन गैंग का सहयोग कर रहे हैं।
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एसटीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि दिल्ली और मेवात में सक्रिय साइबर ठगों को आगरा से सिम बेचे जाने की जानकारी मिली थी। इस पर एसटीएफ टीम पड़ताल में लगी थी। बुधवार रात को केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड, खंदारी पर आई-10 कार को रोका गया। उसमें दो युवक थे। एक भाग गया, दूसरे को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार युवक अछनेरा निवासी शाहरुख है। उसके पास से 10 एक्टिवेटेड सिम और 14 एटीएम कार्ड बरामद किए गए।
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पूछताछ में पता चला कि शाहरुख कबाड़ का काम करता है। दिल्ली में उसका भाई एमके रहता है। मेवात, हरियाणा में भी रिश्तेदारी है। इससे वह साइबर अपराधियों के संपर्क में आ गया। वह मथुरा के रहने वाले तेजवीर के साथ मिलकर अपराधियों को सिम उपलब्ध कराता था।
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ग्रामीण इलाके के मजदूर वर्ग के लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके नाम से बैंक में खाते खुलवा लेता था। उन्हें 2 से 5 हजार रुपये तक देता था। खातों से उनकी आईडी पर लिए गए सिम को लिंक कराने के बाद साइबर ठगों को उपलब्ध करा देता था। साइबर अपराधी इन खातों में लोगों से ठगी गई रकम ट्रांसफर करा लेते थे। सिमों को प्रयोग यूपीआई आईडी चलाने और लोगों को व्हाट्सएप काॅल करने में करते थे। मामले में थाना न्यू आगरा में केस दर्ज कराया गया है।
कम पढ़े लोगों को फंसा रहा था गैंग
पुलिस ने बताया कि गैंग कम पढ़े लोगों को फंसा रहा था। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर लालच देता था। उनकी आईडी से सिम खरीदे जाते थे। बाद में बैंक में खाते खुलवाए जाते थे। बदले में एक बार रकम दी जाती थी। साइबर ठग रकम को इन खातों में ट्रांसफर कराते थे। पुलिस खाताधारक के पते पर दस्तक देती थी। मगर, मजदूर होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं कर पाती थी।
पहले भी अछनेरा में पकड़ा गया गैंग
आगरा से फर्जी आईडी पर चालू सिम बेचने में पहले भी आरोपी पकड़े जा चुके हैं। दिल्ली में जगदीशपुरा के रहने वाले 3 युवक पकड़े गए थे। वह विदेश में सप्लाई होने वाले सिम की खेप गैंग को उपलब्ध कराते थे। अछनेरा में कई आरोपी साइबर ठगी में पकड़े जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि कस्बे के कई परिवारों की रिश्तेदार राजस्थान के भरतपुर में है। भरतपुर में साइबर ठगी के कई गैंग सक्रिय हैं। इस कारण अछनेरा के कई युवा भी इन गैंग का सहयोग कर रहे हैं।