आगरा के बटेश्वर में उमड़ा आस्था का सैलाब: पांचवें कुंभ की मांग कर नागा साधुओं ने किया शाही स्नान
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पौराणिक तीर्थ बटेश्वर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने शिव मंदिर शृंखला के घाट पर यमुना में आस्था की डुबकी लगाई। शाम को यमुना घाट पर दीपदान किया गया।
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आगरा के बटेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर यमुना स्नान के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान शिव मंदिर शृंखला के घाट पर श्रद्धालुओं ने यमुना में डुबकी लगाई। वहीं साधु-संत और नागाओं ने पौराणिक तीर्थ बटेश्वर को पांचवां कुंभ घोषित किए जाने की मांग को लेकर दूसरा शाही स्नान किया। शाम को यमुना तट पर श्रद्धालुओं ने शौर्य, ज्ञान, धन और धैर्य वृद्धि के लिए दीपदान किया।
कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए बृहस्पतिवार की शाम से ही बटेश्वर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मध्य रात्रि में घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव बढ़ने पर ब्रह्मलालजी मंदिर के पट खोलने पडे़। इसी के साथ मंदिर शृंखला के घाट पर स्नान का दौर शुरू हो गया जो शुक्रवार को शाम तक जारी रहा।
स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलालजी मंदिर और गौरी शंकर मंदिर में पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि एवं सौभाग्य की कामना की। विभिन्न मंदिरों में वृंदावन, वाराणसी एवं बटेश्वर के पुजारियों ने अनुष्ठान कराए। इस दौरान दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, एमपी, राजस्थान, गुजरात से भी श्रद्धालु पहुंचे। बटेश्वर के घाट पर तीर्थ स्थल ट्रस्ट समिति के गोताखोरों के अलावा पुलिस, पीएसी के गोताखोर मुस्तैद रहे।
साधु-संतों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
महामंडलेश्वर बाबा बालक दास के नेतृत्व में शुक्रवार को साधु-संत और नागाओं ने दूसरा शाही स्नान किया। शिव की नगरी बटेश्वर जय श्रीराम के घोष से गूंज उठी। परिक्रमा मार्ग पर साधु-संत ने अपने अस्त्र-शस्त्र के साथ हैरतअंगेज प्रदर्शन किए।
परिक्रमा होने के बाद शाही स्नान हुआ। ब्रह्मलाल जी मंदिर में दर्शन पूजन के बाद महा मंडलेश्वर बाबा बालक दास ने मेला में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ से बटेश्वर को कुंभ का दर्जा दिलाने की मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया। इस दौरान विभिन्न अखाड़ों के साधु संत और नागा मौजूद रहे।
यमुना तट पर किया दीपदान
देव दिवाली पर 580 साल बाद बने अद्भुत संयोग में बटेश्वर के यमुना तट पर श्रद्धालुओं ने शौर्य, ज्ञान, धन और धैर्य वृद्धि के लिए दीपदान किया। कर्ज और बीमारी से मुक्ति की प्रार्थना की। कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने बटेश्वर के घाट पर तुलसी के पौधे के आगे दीपक जलाकर भगवान विष्णु की पूजा की और अपने सौभाग्य के लिए शिव-पार्वती की पूजा की।
तीन किमी तक चलना पड़ा पैदल
बटेश्वर खांद पर वाहनों की पार्किंग के चलते श्रद्धालुओं को मंदिर शृंखला तक पहुंचने के लिए तीन किमी तक पैदल चलना पड़ा। मनमथ नाथ तिराहे, सदरबाजार तिराहे पर जाम के हालात बने रहे। मनमथ पर वाहनों की लंबी कतारें जाम की वजह बनी। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने यातायात सुचारु करवाया।