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Agra News: सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में आस्था की डुबकी
Mon, 02 Sep 2024 10:37 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 02 Sep 2024 10:37 PM IST
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कासगंज/सोरोंजी। भाद्रपद मास की सोमवती अमावस्या पर तीर्थनगरी में हरि की पौड़ी, कछला गंगा घाट, लहरा घाट, कादरगंज घाट सहित अन्य गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। गंगा स्नान के साधु संतों और जरूरतमंदों को दान किया। श्रद्धालुओं ने पुरोहितों से अनुष्ठान भी कराए।
गंगा स्नान के लिए जनपद के अतिरिक्त राजस्थान, एमपी, गुजरात, दिल्ली आदि विभिन्न प्रांतों से भी श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयकारे लगाते हुए हरि की पौड़ी व अन्य गंगा घाटों पर गंगा में डुबकी लगाई। गंगा स्नान से पूर्व श्रद्धालुओं ने मुंडन संस्कार कराकर तीर्थ पुरोहितों से अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए पूजन अनुष्ठान कराया। तीर्थपुरोहितों व ब्राह्मणों को श्रद्धा पूर्वक भोजन कराकर श्रद्धालुओ ने दान दक्षिणा दी।
गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी की परिक्रमा की। सोमवती अमावस्या के अवसर पर पितृ पूजन व श्राद्ध करने वाले श्रद्धालुओं की हरि की पौड़ी के चारों ओर भागीरथी गंगा घाट, लाल घाट, वराह घाट, राजा वाले घाट, श्याम वराह घाट, सोमेश्वर घाट, लक्ष्मणजी घाट, बरी वाले घाट, लठ्ठा वाले घाट आदि सभी घाटों पर भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने परिक्रमा मार्ग में बैठे गरीब निर्धनों को वस्त्र अनाज आदि का दान किया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर गंगा मैया की पैरावनी भी की। कुश ग्रहणी अमावस्या होने के कारण तीर्थ पुरोहितों ने जंगलों में जाकर वर्ष भर देव पितृ कार्यों के लिए कुश संग्रहीत किए।
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गंगा स्नान के लिए जनपद के अतिरिक्त राजस्थान, एमपी, गुजरात, दिल्ली आदि विभिन्न प्रांतों से भी श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयकारे लगाते हुए हरि की पौड़ी व अन्य गंगा घाटों पर गंगा में डुबकी लगाई। गंगा स्नान से पूर्व श्रद्धालुओं ने मुंडन संस्कार कराकर तीर्थ पुरोहितों से अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए पूजन अनुष्ठान कराया। तीर्थपुरोहितों व ब्राह्मणों को श्रद्धा पूर्वक भोजन कराकर श्रद्धालुओ ने दान दक्षिणा दी।
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गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी की परिक्रमा की। सोमवती अमावस्या के अवसर पर पितृ पूजन व श्राद्ध करने वाले श्रद्धालुओं की हरि की पौड़ी के चारों ओर भागीरथी गंगा घाट, लाल घाट, वराह घाट, राजा वाले घाट, श्याम वराह घाट, सोमेश्वर घाट, लक्ष्मणजी घाट, बरी वाले घाट, लठ्ठा वाले घाट आदि सभी घाटों पर भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने परिक्रमा मार्ग में बैठे गरीब निर्धनों को वस्त्र अनाज आदि का दान किया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर गंगा मैया की पैरावनी भी की। कुश ग्रहणी अमावस्या होने के कारण तीर्थ पुरोहितों ने जंगलों में जाकर वर्ष भर देव पितृ कार्यों के लिए कुश संग्रहीत किए।
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