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Agra News: श्रद्धालुओं ने लगाई शूकरक्षेत्र की पंचकोशी परिक्रमा
Wed, 19 Jun 2024 12:35 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 19 Jun 2024 12:35 AM IST
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सोरोंजी। निर्जला एकादशी पर बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा कर पुण्यलाभ अर्जित किया। सुबह हरि की पौड़ी में गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालु क्षेत्राधीश भगवान वराह मंदिर पहुंचे। यहां भगवान वराह का पूजन व आरती करने उपरांत शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा में श्रद्धालु सम्मलित हुए।
शूकरक्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति के तत्वावधान में परिक्रमा शुरू हुई। परिक्रमा मार्ग सूर्यकुंड, दूधेश्वर, बटुक भैरव मंदिर जया पीठ, ग्राम देवी मंदिर होती हुई प्रथम पड़ाव 84 घंटे वाली मां मंदिर पहुंची। मां गंगा भगवान वराह की महिमा का संकीर्तन करते हुए श्रद्धालु इसके बाद नगला सेडू, बाछरू महाराज, सीता रसोई होते हुए प्रेमजी की बगीची पर पहुंचे। जहां गंगा वराह महासभा द्वारा श्रद्धालुओं को फल व लस्सी का अल्पाहार कराया गया। यहां से अगले पड़ाव सिंगल वाले महाराज स्थल पर भी धर्म प्रेमियों ने श्रद्धालुओं को फलाहार कराया। यहां से करुआ देव महाराज, बनखंडेश्वर महादेव, कपिल मुनि आश्रम, भागीरथ गुफा, चैतन्य महाप्रभुजी की बैठक, काला गोरा भैरव बाबा मंदिर होते हुए श्रद्धालु वापस भगवान वराह मंदिर पहुंचे। भीषण गर्मी व आसमान से बरस रही आग भी परिक्रमा मार्ग से श्रद्धालुओं के पग न डिगा सकी। परिक्रमा संयोजक शरद कुमार पांडे ने बताया कि मोक्ष प्रदान करने वाली निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन व्रत करने के अलावा गंगा में स्नान करने और दान करने का विशेष महत्व होता है। पंचकोसी परिक्रमा में शिवानंद उपाध्याय, प्रवीण कुमार द्विवेदी, विनोद दीक्षित, शशांक दीक्षित, राधे मोहन झा, गिरजा शंकर पाठक, नेकसू प्रधान ,भरत शर्मा, पवन वशिष्ठ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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शूकरक्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा समाज सेवा समिति के तत्वावधान में परिक्रमा शुरू हुई। परिक्रमा मार्ग सूर्यकुंड, दूधेश्वर, बटुक भैरव मंदिर जया पीठ, ग्राम देवी मंदिर होती हुई प्रथम पड़ाव 84 घंटे वाली मां मंदिर पहुंची। मां गंगा भगवान वराह की महिमा का संकीर्तन करते हुए श्रद्धालु इसके बाद नगला सेडू, बाछरू महाराज, सीता रसोई होते हुए प्रेमजी की बगीची पर पहुंचे। जहां गंगा वराह महासभा द्वारा श्रद्धालुओं को फल व लस्सी का अल्पाहार कराया गया। यहां से अगले पड़ाव सिंगल वाले महाराज स्थल पर भी धर्म प्रेमियों ने श्रद्धालुओं को फलाहार कराया। यहां से करुआ देव महाराज, बनखंडेश्वर महादेव, कपिल मुनि आश्रम, भागीरथ गुफा, चैतन्य महाप्रभुजी की बैठक, काला गोरा भैरव बाबा मंदिर होते हुए श्रद्धालु वापस भगवान वराह मंदिर पहुंचे। भीषण गर्मी व आसमान से बरस रही आग भी परिक्रमा मार्ग से श्रद्धालुओं के पग न डिगा सकी। परिक्रमा संयोजक शरद कुमार पांडे ने बताया कि मोक्ष प्रदान करने वाली निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन व्रत करने के अलावा गंगा में स्नान करने और दान करने का विशेष महत्व होता है। पंचकोसी परिक्रमा में शिवानंद उपाध्याय, प्रवीण कुमार द्विवेदी, विनोद दीक्षित, शशांक दीक्षित, राधे मोहन झा, गिरजा शंकर पाठक, नेकसू प्रधान ,भरत शर्मा, पवन वशिष्ठ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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