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पांच साल बाद दंत चिकित्सक को मिली डिग्री
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 24 Dec 2014 02:04 AM IST
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पांच साल के लंबे इंतजार के बाद सूचना आयोग के दखल से एक दंत चिकित्सक को डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय से डिग्री मिली। राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने विश्वविद्यालय से संबंधित 18 मामलों को सुना।
विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों को कई साल बाद भी डिग्री और मार्कशीट मुहैया नहीं कराई गई है। ऐसे तमाम मामलों की विशेष सुनवाई राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव कर रहे हैं। विशेष सुनवाई में 18 केसों पर विचार किया गया। आयोग के सख्त रुख को देखते हुए विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव बीके पांडेय और कुलसचिव प्रभात रंजन सुबह ही इंदिरा भवन स्थित आयोग के दफ्तर में पहुंच गए थे।
दोनों अधिकारियों ने आयोग को बताया कि 18 में से आठ प्रकरणों में वादियों को मार्कशीट और डिग्री रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से उपलब्ध करा दी गई है। सुबूत के तौर पर डाक रसीद और डिग्री व मार्कशीट की छायाप्रति भी आयोग में पेश की। आयोग ने दंत चिकित्सक डॉ. पवन तिवारी का मामला भी सुना। सन 2009 में उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से बीडीएस किया था। लेकिन उन्हें डिग्री सोमवार को ही दी गई। आयोग ने सुनवाई में लगे बाकी के 10 प्रकरणों में भी छात्रों को राहत देने के निर्देश कुलसचिव प्रभात रंजन को दिए। अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
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विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों को कई साल बाद भी डिग्री और मार्कशीट मुहैया नहीं कराई गई है। ऐसे तमाम मामलों की विशेष सुनवाई राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव कर रहे हैं। विशेष सुनवाई में 18 केसों पर विचार किया गया। आयोग के सख्त रुख को देखते हुए विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव बीके पांडेय और कुलसचिव प्रभात रंजन सुबह ही इंदिरा भवन स्थित आयोग के दफ्तर में पहुंच गए थे।
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दोनों अधिकारियों ने आयोग को बताया कि 18 में से आठ प्रकरणों में वादियों को मार्कशीट और डिग्री रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से उपलब्ध करा दी गई है। सुबूत के तौर पर डाक रसीद और डिग्री व मार्कशीट की छायाप्रति भी आयोग में पेश की। आयोग ने दंत चिकित्सक डॉ. पवन तिवारी का मामला भी सुना। सन 2009 में उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से बीडीएस किया था। लेकिन उन्हें डिग्री सोमवार को ही दी गई। आयोग ने सुनवाई में लगे बाकी के 10 प्रकरणों में भी छात्रों को राहत देने के निर्देश कुलसचिव प्रभात रंजन को दिए। अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
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