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जिले में डेंगू की दहशत, ढाई सौ से ज्यादा बीमार
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06एमएनपी-06-जिला अस्पताल में रक्तजांच करते लैब टैक्नीशियन
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले में डेंगू की दहशत है। अब तक ढाई सौ से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिला अस्पताल में 79 मरीज डेगूं से पीड़ित पहुंचे हैं। वहीं निजी पैथोलॉजी पर यह आंकड़ा दो की संख्या पार कर चुका है। इतना ही नहीं जिलास्तरीय अधिकारी समेत कई लोगों की मौत भी डेंगू से हो चुकी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग सीएमओ जिले में हुई मौतों का कारण डेंगू नहीं मान रहा है।
पिछले दो माह से जिले में डेंगू का प्रकोप जारी है। इसकी शुरुआत सितंबर माह में नगर के मोहल्ला नगला निरंजन से हुई थी। यहां अब तक पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी डेंगू का अपने पांव पसार चुका है। भोगांव आदि में भी डेंगू के मरीज मिले थे।
जिले में नहीं हैं चिकित्सा के इंतजाम
जिले में डेंगू के मरीज जिला अस्पताल, आगरा, सैफई, दिल्ली, नोएडा, कानपुर आदि स्थानों पर उपचार करा रहे हैं। जिले में उपचार के नाम पर कोई खास व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग किसी भी मौत को डेंगू से नहीं मान रहा है। जबकि आगरा व दिल्ली में कई लोगों की इससे मौत हो चुकी है। वहीं सच्चाई देखी जाए तो मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पुष्प कुमार सहित 50 से अधिक लोगों की डेंगू से मौत हुई है।
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16 में से नौ को मिला डेंगू पॉजिटिव
जिला अस्पताल की लैब में चार नवंबर को कराई गईं डेंगू की जांच रिपोर्ट बुधवार को मिल गईं हैं। इसमें 16 में से नौ मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
रिपोर्ट आने तक मरीज की हालत हो जाती है नाजुक
स्वास्थ्य विभाग भले ही जिले में डेंगू को लेकर पर्याप्त व्यवस्थाओं की बात कर रहा है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। जिले में डेंगू की जांच महज जिला अस्पताल में ही होती है। यहां भी रिपोर्ट आने में तीन दिन लग जाते है। इससे मरीज की हालत और ज्यादा बिगड़ने लगती है। इसी के चलते मरीजों को बड़ी संख्या में रेफर किया जाता है।
पालिका लोगों को ही बता रही है जिम्मेदार
जिले में यदि साफ-सफाई की बात की जाए तो कई मोहल्लों में गंदगी के ढेर लगे हैं। लोग जलभराव और गंदगी से परेशान हैं। शहर के संसारपुर में जलभराव से लोग जूझ रहे हैं। नगला निरंजन व नगला पजाबा में कई घरों से मलेरिया विभाग को डेंगू का लार्वा मिला। पालिका का कहना है कि संसारपुर में जलभराव के लिए लोग खुद जिम्मेदार हैं। पालिका ने यहां से पानी निकालने का प्रयास किया ही नहीं हैं।
डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद प्रशासन हुआ सख्त
जिले में लोग डेंगू से दो माह से परेशान हैं। दो नवंबर जिले में आए डिप्टी सीएम ने अधिकारियों के इस संबंध में पेंच कसे। इसके बाद से जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए प्रतिदिन स्वास्थ्य विभग की टीम देखभाल कर रही है।
मरीज बढ़े तो कार्ड की जांच करा दी बंद
सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग ने जिले में कार्ड से ही डेंगू की जांच शुरू की थी। जब एक के बाद एक 22 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई तो अफसरों ने जिला अस्पताल में कार्ड से जांच ही बंद करा दी। जबकि पहले सीएमओ ने स्वयं जांच के लिए कार्ड भेजे थे। अब जिला अस्पताल में डेंगू की जांच एलाइजा से कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट तीन दिन बाद मिलती है, जबकि कार्ड से उसी दिन जांच रिपोर्ट मिल जाती थी। हालांकि कार्ड रिपोर्ट से पूरी तरह डेंगू की पुष्टि नहीं होती है।
विभागीय रिपोर्ट भी नहीं खा रही मिलान
सीएमओ डॉ. एके पांडेय की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अभी तक डेंगू से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। मात्र 14 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि जिला अस्पताल से उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार अब तक 79 मरीजों को डेंगू पॉजिटिव पाया गया है।
जिले में वायरल फीवर के मरीज हैं। डेंगू से अभी तक एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। उन्हें 14 मरीजों में डेंगू की अंतिम पुष्टि की रिपोर्ट मिली है। मरीजों की देखभाल के लिए हर संभव व्यवस्थाएं की गई हैं।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ
जिला अस्पताल में हुई जांच के अनुसार अब तक 79 मरीज डेंगू पॉजिटिव निकले हैं। इनकी जानकारी उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
डॉ. अशोक कुमार, प्रभारी सीएमएस
नगर पालिका क्षेत्र में डेंगू से बचाव के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। फॉगिंग का कार्य प्रतिदिन प्रभावित इलाकों में कराया जा रहा है। जहां सभी भी सूचना मिल रही है, वहां विशेष टीम भेज सफाई कराई जा रही है।
लालचंद्र भारतीय, ईओ
वार्ड में कई जगह जलभराव और गंदगी है। इसकी जानकारी नगर पालिका को दी गई है। वार्ड में कई मरीज डेंगू से पीड़ित मिले हैं और कुछ की मौत भी हुई है। इसके बाद भी नगर पालिका कोई स्थाई समाधान नहीं कर रही है। नगर पालिका क्षेत्र में नियमित रूप से फॉगिंग भी नहीं कराई जा रही है।
संध्या देवी, सभासद संसारपुर वार्ड
गांव में नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। इसके कारण नालियों का पानी सड़कों पर भर रहा है। सफाई कर्मचारी सफाई करने नहीं पहुंच रहा है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। जिला प्रशासन को अभियान चलाकर सफाई करानी चाहिए।
पी कुमार, सदस्य ग्राम पंचायत रठेरा
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पिछले दो माह से जिले में डेंगू का प्रकोप जारी है। इसकी शुरुआत सितंबर माह में नगर के मोहल्ला नगला निरंजन से हुई थी। यहां अब तक पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी डेंगू का अपने पांव पसार चुका है। भोगांव आदि में भी डेंगू के मरीज मिले थे।
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जिले में नहीं हैं चिकित्सा के इंतजाम
जिले में डेंगू के मरीज जिला अस्पताल, आगरा, सैफई, दिल्ली, नोएडा, कानपुर आदि स्थानों पर उपचार करा रहे हैं। जिले में उपचार के नाम पर कोई खास व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग किसी भी मौत को डेंगू से नहीं मान रहा है। जबकि आगरा व दिल्ली में कई लोगों की इससे मौत हो चुकी है। वहीं सच्चाई देखी जाए तो मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पुष्प कुमार सहित 50 से अधिक लोगों की डेंगू से मौत हुई है।
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16 में से नौ को मिला डेंगू पॉजिटिव
जिला अस्पताल की लैब में चार नवंबर को कराई गईं डेंगू की जांच रिपोर्ट बुधवार को मिल गईं हैं। इसमें 16 में से नौ मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
रिपोर्ट आने तक मरीज की हालत हो जाती है नाजुक
स्वास्थ्य विभाग भले ही जिले में डेंगू को लेकर पर्याप्त व्यवस्थाओं की बात कर रहा है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। जिले में डेंगू की जांच महज जिला अस्पताल में ही होती है। यहां भी रिपोर्ट आने में तीन दिन लग जाते है। इससे मरीज की हालत और ज्यादा बिगड़ने लगती है। इसी के चलते मरीजों को बड़ी संख्या में रेफर किया जाता है।
पालिका लोगों को ही बता रही है जिम्मेदार
जिले में यदि साफ-सफाई की बात की जाए तो कई मोहल्लों में गंदगी के ढेर लगे हैं। लोग जलभराव और गंदगी से परेशान हैं। शहर के संसारपुर में जलभराव से लोग जूझ रहे हैं। नगला निरंजन व नगला पजाबा में कई घरों से मलेरिया विभाग को डेंगू का लार्वा मिला। पालिका का कहना है कि संसारपुर में जलभराव के लिए लोग खुद जिम्मेदार हैं। पालिका ने यहां से पानी निकालने का प्रयास किया ही नहीं हैं।
डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद प्रशासन हुआ सख्त
जिले में लोग डेंगू से दो माह से परेशान हैं। दो नवंबर जिले में आए डिप्टी सीएम ने अधिकारियों के इस संबंध में पेंच कसे। इसके बाद से जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए प्रतिदिन स्वास्थ्य विभग की टीम देखभाल कर रही है।
मरीज बढ़े तो कार्ड की जांच करा दी बंद
सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग ने जिले में कार्ड से ही डेंगू की जांच शुरू की थी। जब एक के बाद एक 22 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई तो अफसरों ने जिला अस्पताल में कार्ड से जांच ही बंद करा दी। जबकि पहले सीएमओ ने स्वयं जांच के लिए कार्ड भेजे थे। अब जिला अस्पताल में डेंगू की जांच एलाइजा से कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट तीन दिन बाद मिलती है, जबकि कार्ड से उसी दिन जांच रिपोर्ट मिल जाती थी। हालांकि कार्ड रिपोर्ट से पूरी तरह डेंगू की पुष्टि नहीं होती है।
विभागीय रिपोर्ट भी नहीं खा रही मिलान
सीएमओ डॉ. एके पांडेय की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अभी तक डेंगू से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। मात्र 14 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि जिला अस्पताल से उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार अब तक 79 मरीजों को डेंगू पॉजिटिव पाया गया है।
जिले में वायरल फीवर के मरीज हैं। डेंगू से अभी तक एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। उन्हें 14 मरीजों में डेंगू की अंतिम पुष्टि की रिपोर्ट मिली है। मरीजों की देखभाल के लिए हर संभव व्यवस्थाएं की गई हैं।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ
जिला अस्पताल में हुई जांच के अनुसार अब तक 79 मरीज डेंगू पॉजिटिव निकले हैं। इनकी जानकारी उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
डॉ. अशोक कुमार, प्रभारी सीएमएस
नगर पालिका क्षेत्र में डेंगू से बचाव के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। फॉगिंग का कार्य प्रतिदिन प्रभावित इलाकों में कराया जा रहा है। जहां सभी भी सूचना मिल रही है, वहां विशेष टीम भेज सफाई कराई जा रही है।
लालचंद्र भारतीय, ईओ
वार्ड में कई जगह जलभराव और गंदगी है। इसकी जानकारी नगर पालिका को दी गई है। वार्ड में कई मरीज डेंगू से पीड़ित मिले हैं और कुछ की मौत भी हुई है। इसके बाद भी नगर पालिका कोई स्थाई समाधान नहीं कर रही है। नगर पालिका क्षेत्र में नियमित रूप से फॉगिंग भी नहीं कराई जा रही है।
संध्या देवी, सभासद संसारपुर वार्ड
गांव में नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। इसके कारण नालियों का पानी सड़कों पर भर रहा है। सफाई कर्मचारी सफाई करने नहीं पहुंच रहा है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। जिला प्रशासन को अभियान चलाकर सफाई करानी चाहिए।
पी कुमार, सदस्य ग्राम पंचायत रठेरा