हर घर तिरंगा अभियान: आगरा में बढ़ी राष्ट्रीय ध्वज की मांग, खादी आश्रम पर पहले से ज्यादा बिक्री की उम्मीद
हर घर तिरंगा अभियान से राष्ट्रीय ध्वज की मांग बढ़ी है। कॉटन और पॉलिस्टर के आने के बाद भी खादी के झंडे की मांग में कमी नहीं आई है।
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आजादी के अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा अभियान के लिए राष्ट्र ध्वज की मांग बढ़ी है। आगरा के खादी आश्रम में बना खादी का झंडा पॉलिस्टर और कॉटन के मुकाबले काफी महंगा है। इसके बावजूद इसकी मांग पर कोई असर नहीं पड़ा है। इससे आश्रम ने कम कीमत का झंडा भी उपलब्ध कराया है, जो बिना गुल्ली वाला है।
राष्ट्र ध्वज संहिता में संशोधन के बाद खादी के साथ पॉलिस्टर और कॉटन के झंडे फहराने की अनुमति का असर खादी के झंडों पर नहीं पड़ा है। शहर में राजा की मंडी, संजय प्लेस, प्रतापपुरा, कमला नगर, जौहरी बाजार, जयपुर हाउस में गांधी आश्रम है, जहां खादी का 2×3 फीट का गुल्ली समेत झंडा 1200 रुपये का है, लेकिन डंडे या पाइप में लगाने वाले कम कीमत के झंडे भी यहां पहली बार उपलब्ध कराए गए हैं। इसकी कीमत 350 रुपये है।
सप्लाई बढ़ाने की मांग
हर घर तिरंगा अभियान को देखते हुए गांधी आश्रम कमेटी ने हुबली से तिरंगों की सप्लाई बढ़ाकर मांगी है। खादी आश्रम से छोटे झंडे प्राइमरी स्कूलों में, 3×4.5 फुट वाले सरकारी कार्यालयों में और 4×6 के ध्वज सेना, कलेक्ट्रेट, पुलिस आदि ज्यादा उपयोग करते हैं। घरों में छोटे झंडे की मांग ज्यादा रहने की उम्मीद है।
गांधी आश्रम के मंत्री एसपी गुप्ता ने बताया कि पॉलिस्टर और कॉटन के झंडे की अनुमति तो हैं, पर खादी के झंडे ही चलन में हैं। केवल यही मानक पूरे करते हैं और इसी वजह से इनकी मांग बरकरार है। हर साल आगरा में 600 से ज्यादा झंडे बिकते हैं। इस बार बढ़ोतरी की उम्मीद है।
खादी के झंडों का ये है रेट
साइज - रेट
2×3 फीट - 1200 रुपये
3×4.5 फीट - 2120 रुपये
4×6 फीट - 3120 रुपये