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अब दिल्ली दूर नहीं रही
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 06 Apr 2016 12:04 AM IST
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गतिमान एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस मंगलवार की सुबह नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से निर्धारित 100 मिनट में 11:48 बजे आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची तो लगा मानो अब दिल्ली दूर नहीं रह गई। गतिमान ने 188 किलोमीटर के सफर में ज्यादातर हिस्सा 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तय किया। पहली बार गतिमान के सफर का हिस्सा बने यात्री ट्रेन में हवाई यात्रा जैसी सुविधाएं मिलने से गदगद थे। इससे पहले
रेलवे के डेढ़ साल के प्रयासों के बाद यह ट्रेन मंगलवार को हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से सुबह 10:10 बजे आगरा कैंट के लिए चली। इस दौरान रेलवे फाटकों और मानवरहित क्रॉसिंगों पर रेलवे ने कर्मचारी तैनात किए थे, ताकि हादसों को रोका जा सके। ट्रेन ने दिल्ली से पलवल के बीच 160 से 170 की गति पकड़ी। कई जगह रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा रही, लेकिन कहीं भी रफ्तार 100 से कम नहीं रही। आगरा कैंट के आउटर पर ट्रेन 11:28 बजे पहुंची।
प्लेटफार्म नंबर एक पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया, डीआरएम प्रभाष कुमार, एडीआरएम एसपी सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने यात्रियों का स्वागत किया। रेलवे स्टाफ ने यात्रियों को गुलाब भेंट किए। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों ने यात्रा को रोमांचक और सुविधाओं के लिहाज से सबसे बेहतर बताया। दिल्ली से पहले दिन एसी चेयरकार में 172 यात्री, एग्जीक्यूटिव चेयर कार में 39 यात्रियों ने सफर किया। नौ यात्रियों ने ट्रेन में ही चेयरकार का टिकट बनवाया। इस तरह दिल्ली से कुल 211 यात्रियों ने आगरा तक का सफर किया। अन्य यात्रियों में रेलवे के अधिकारी और दिल्ली की मीडिया के लोग शामिल थे। रेलवे बोर्ड के अपर महानिदेशक (जनसंपर्क) अनिल सक्सेना ने बताया कि गतिमान एक्सप्रेस निर्धारित 100 मिनट में आगरा कैंट आई। भविष्य में यह दूरी 90 मिनट में तय करने की कोशिश होगी।
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आगरा कैंट से दिल्ली जाने वाली गतिमान एक्सप्रेस में एसी चेयरकार के लिए 251 लोगों ने बुकिंग कराई, जबकि एग्जिक्यूटिव चेयरकार के टिकट 22 यात्रियों ने ली। ट्रेन शाम 5:50 बजे दिल्ली के लिए रवाना की गई।
गतिमान एक्सप्रेस: सबसे तेज गाड़ी
अधिकतम स्पीड: निजामुद्दीन से कोसीकलां: औसत 160-180 किमी/घंटा
न्यूनतम स्पीड: मथुरा से फरह के बीच: औसत 100-120
लक्ष्य : 90 मिनट
प्राप्ति : 100 मिनट
सबसे तेज रेलगाड़ियां रफ्तार (किमी/घंटा औसत)
शताब्दी एक्सप्रेस 140-150
राजधानी एक्सप्रेस 100-120
दूरंतो एक्सप्रेस 110-120
गतिमान एक्सप्रेस 160-150
गतिमान के ट्रायल
पहला ट्रायल: 03 जुलाई 2014
दूसरा ट्रायल: 11 सितंबर 2014
तीसरा ट्रायल: 23 दिसंबर 2014
चौथा ट्रायल: 24 दिसंबर 2014
पांचवां ट्रायल: 26 दिसंबर 2015
छठवां ट्रायल: जनवरी 2015
फाइनल ट्रायल: 22 मार्च 2016
गतिमान से सब हैरान
रफ्तार ही नहीं, सुविधाएं भी बेजोड़
अमर उजाला ब्यूरो
आगरा। दुल्हन की तरह सजी-संवरी रेलगाड़ी। मिश्री सी मीठी बोली में वेलकम करतीं ट्रेन हास्टेस। चमकते-दमकते शानदार कोच। नर्म-मुलायम सोफे सी आरामदायक कुर्सियां। और रफ्तार में तूफान की तेजी। गति की रानी गतिमान को जिसने भी देखा, दीवाना हो गया। रोमांच से भरे यादगार सफर के बाद सुकून से भरे मुसाफिर बोले, वाह क्या ट्रेन है, मजा आ गया। कभी सोचा भी नहीं था कि भारतीय रेल में हवाई जहाज जैसा सफर करने को मिल सकता है। हैरानी सिर्फ गतिमान की गति से नहीं हो रही थी। सबसे बड़ा ताज्जुब था इसकी शानदार सुविधाएं। फ्री वाई फाई, हॉट-स्पॉट, ऑडियो-वीडियो की डाउनलोडिंग ... सब कुछ बेहतरीन। ब्रेकफास्ट में लजीज व्यंजन परोसे गए। मुसाफिरों के मन में भारतीय रेल की छवि बदल रही थी। ट्रेन हास्टेस ने गुलाब के फूलों से स्वागत किया। हर कोच खुश्बू से महक रहा था। पता ही नहीं चला कि कब दिल्ली से चले और कब आगरा आ गया।
--। गतिमान एक्सप्रेस में सफर आरामदायक रहा। यात्रियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया। दिल्ली से आगरा कब पहुंच गए, पता ही नहीं चला। आज पहला दिन था। यह बहुत खास अनुभव रहा।
-रवि गोयल-बबीता गोयल, कालकाजी, दिल्ली
बेहतर हैं सुविधाएं
हम एक अप्रैल से ही गतिमान एक्सप्रेस में आनलाइन बुकिंग कराने की कोशिश में थे, लेकिन दो को टिकट बुक हो सकी। केवल गतिमान में सफर करने के लिए ही आगरा आए। शाम को इसी गाड़ी से लौटेंगे। यात्री सुविधाएं अन्य ट्रेनों से बेहतर हैं।
-अनिल शर्मा, व्यवसायी, गुड़गांव
सबसे हॉट ट्रेन
शताब्दी और ताज एक्सप्रेस से इतर गतिमान का सफर बेहतर रहा। अगर स्पीड मेंटेन रहती है तो आगरा से दिल्ली के बीच की सबसे हॉट ट्रेन होगी।
-विपुल मंगला, गुड़गांव
गतिमान में फूड क्वालिटी बहुत अच्छी थी। ट्रेन होस्टेस की सर्विस भी बेहतरीन रही। सफर में पता नहीं चला कि दिल्ली से आगरा कब पहुंच गए।
-हर्षपाल सिंह
ट्रेन होस्टेस ने कहा, अच्छा अनुभव
गतिमान एक्सप्रेस में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर चुके 15 युवकों और 15 युवतियों का ट्रेन होस्टेस स्टाफ था। इनकी सेवाओं की देखरेख को दो सुपरवाइजर भी थे। ट्रेन होस्टेस नीलम ने बताया कि पहला मौका है जबकि ट्रेन में होस्टेस का काम किया है। इसके पूर्व नई दिल्ली स्थित एयरपोर्ट के लाउंज में सर्विस कर चुकी हैं। यात्रियों का व्यवहार अच्छा था।
पायलट का फोटो है
पायलट ने ली थी स्पेशल ट्रेनिंग
गतिमान एक्सप्रेस को ट्रैक पर दौड़ाने वाले उत्तर रेलवे के लोको पायलट राजेश सागर और उमाशंकर पाठक रहे। उनका कहना था कि गतिमान एक्सप्रेस के ट्रायल के दौरान स्पेशल ट्रेनिंग ली थी। इन्हें हाईस्पीड गाड़ियां चलाने का लंबा अनुभव है। बोले, दिल्ली से आगरा के बीच का अनुभव अच्छा रहा। ट्रेन में टिकट चेकिंग स्टाफ के टीटी विजय कुमार ने भी यात्रा को अच्छा बताया।
मोबाइल और लैपटाप पर मनोरंजन
गतिमान में माई फ्री टीवी नामक एंटरटेनमेंट कंपनी ने वाई-फाई से लैस गाड़ी में यात्रियों को उनके मोबाइल और लैपटाप पर मनोरंजक कार्यक्रम दिखाए। कंपनी के निदेशक ने बताया कि उन्होंने स्टाफ के साथ यात्रियों की रुचि के मुताबिक, रिकार्डेड गाने, शार्ट फिल्म, चैनल्स के कार्यक्रम दिखाए। यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में यात्रियों को डा. अंजलि क्वात्रा (रिकार्डेड आडियो) ने जानकारी दी।
साइड इफेक्ट
पर्यटन की गति नहीं बढ़ाएगी ‘गतिमान’
रिवर्स शताब्दी बनती गतिमान, तो पर्यटन को लगते पंख
आगरा से सुबह चलकर शाम को दिल्ली से लौटाने की मांग
आगरा। प्रीमियम केटेगरी के पर्यटकों के लिए शुरू हुई गतिमान एक्सप्रेस से पर्यटक तो आगरा आएंगे, लेकिन शहर के पर्यटन को उसका फायदा नहीं मिल पाएगा। दिल्ली से आगरा की दूरी कम होने से पर्यटकों का नाइट स्टे और कम हो जाएगा। ताजनगरी के पर्यटन उद्यमियों में गतिमान को लेकर यही चिंताएं हैं। उन्होंने आगरा से गतिमान को सुबह चलाने की मांग की।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश चौहान के मुताबिक यमुना एक्सप्रेस वे बनने के बाद आगरा में पर्यटकों की संख्या में तो इजाफा हुआ है, लेकिन नाइट स्टे एकदम घट गया। होटल खाली पड़े हैं, लेकिन ताजमहल पर वीकएंड पर सैलानियों की भीड़ है। समय कम लगने से पर्यटक दिल्ली से आगरा सुबह आकर रात को लौट जाते हैं। यही गतिमान से होगा। एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन पूर्व अध्यक्ष शमशुद्दीन के मुताबिक रिवर्स शताब्दी की मांग लंबे समय से की जा रही है। आगरा के पर्यटन के लिए गतिमान को अगर सुबह आगरा से चलाया जाए और शाम को दिल्ली से वापस लाया जाता तो बेहतर रहता। शताब्दी और गतिमान को एक घंटे के अंतराल पर चलाने से पर्यटक तो बढ़ेंगे, लेकिन नाइट स्टे एकदम कम हो जाएगा।
...और दूर हुआ एयरपोर्ट
आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मांग पुरानी है, लेकिन दिल्ली आगरा के बीच कम समय लगने से हवाई उड़ान सफल नहीं हो सकी। उसी आधार पर सरकारें एयरपोर्ट को लेकर संजीदा नहीं रहीं। अब यमुना एक्सप्रेस वे के बाद गतिमान एक्सप्रेस के चलने से दिल्ली आगरा के बीच दूरी और घट गई। दिल्ली से महज 100 मिनट में आगरा आने का तर्क देकर दिल्ली लॉबी आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कवायद पर ब्रेक लगा सकती है।
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रेलवे के डेढ़ साल के प्रयासों के बाद यह ट्रेन मंगलवार को हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से सुबह 10:10 बजे आगरा कैंट के लिए चली। इस दौरान रेलवे फाटकों और मानवरहित क्रॉसिंगों पर रेलवे ने कर्मचारी तैनात किए थे, ताकि हादसों को रोका जा सके। ट्रेन ने दिल्ली से पलवल के बीच 160 से 170 की गति पकड़ी। कई जगह रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा रही, लेकिन कहीं भी रफ्तार 100 से कम नहीं रही। आगरा कैंट के आउटर पर ट्रेन 11:28 बजे पहुंची।
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प्लेटफार्म नंबर एक पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया, डीआरएम प्रभाष कुमार, एडीआरएम एसपी सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने यात्रियों का स्वागत किया। रेलवे स्टाफ ने यात्रियों को गुलाब भेंट किए। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों ने यात्रा को रोमांचक और सुविधाओं के लिहाज से सबसे बेहतर बताया। दिल्ली से पहले दिन एसी चेयरकार में 172 यात्री, एग्जीक्यूटिव चेयर कार में 39 यात्रियों ने सफर किया। नौ यात्रियों ने ट्रेन में ही चेयरकार का टिकट बनवाया। इस तरह दिल्ली से कुल 211 यात्रियों ने आगरा तक का सफर किया। अन्य यात्रियों में रेलवे के अधिकारी और दिल्ली की मीडिया के लोग शामिल थे। रेलवे बोर्ड के अपर महानिदेशक (जनसंपर्क) अनिल सक्सेना ने बताया कि गतिमान एक्सप्रेस निर्धारित 100 मिनट में आगरा कैंट आई। भविष्य में यह दूरी 90 मिनट में तय करने की कोशिश होगी।
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आगरा कैंट से दिल्ली जाने वाली गतिमान एक्सप्रेस में एसी चेयरकार के लिए 251 लोगों ने बुकिंग कराई, जबकि एग्जिक्यूटिव चेयरकार के टिकट 22 यात्रियों ने ली। ट्रेन शाम 5:50 बजे दिल्ली के लिए रवाना की गई।
गतिमान एक्सप्रेस: सबसे तेज गाड़ी
अधिकतम स्पीड: निजामुद्दीन से कोसीकलां: औसत 160-180 किमी/घंटा
न्यूनतम स्पीड: मथुरा से फरह के बीच: औसत 100-120
लक्ष्य : 90 मिनट
प्राप्ति : 100 मिनट
सबसे तेज रेलगाड़ियां रफ्तार (किमी/घंटा औसत)
शताब्दी एक्सप्रेस 140-150
राजधानी एक्सप्रेस 100-120
दूरंतो एक्सप्रेस 110-120
गतिमान एक्सप्रेस 160-150
गतिमान के ट्रायल
पहला ट्रायल: 03 जुलाई 2014
दूसरा ट्रायल: 11 सितंबर 2014
तीसरा ट्रायल: 23 दिसंबर 2014
चौथा ट्रायल: 24 दिसंबर 2014
पांचवां ट्रायल: 26 दिसंबर 2015
छठवां ट्रायल: जनवरी 2015
फाइनल ट्रायल: 22 मार्च 2016
गतिमान से सब हैरान
रफ्तार ही नहीं, सुविधाएं भी बेजोड़
अमर उजाला ब्यूरो
आगरा। दुल्हन की तरह सजी-संवरी रेलगाड़ी। मिश्री सी मीठी बोली में वेलकम करतीं ट्रेन हास्टेस। चमकते-दमकते शानदार कोच। नर्म-मुलायम सोफे सी आरामदायक कुर्सियां। और रफ्तार में तूफान की तेजी। गति की रानी गतिमान को जिसने भी देखा, दीवाना हो गया। रोमांच से भरे यादगार सफर के बाद सुकून से भरे मुसाफिर बोले, वाह क्या ट्रेन है, मजा आ गया। कभी सोचा भी नहीं था कि भारतीय रेल में हवाई जहाज जैसा सफर करने को मिल सकता है। हैरानी सिर्फ गतिमान की गति से नहीं हो रही थी। सबसे बड़ा ताज्जुब था इसकी शानदार सुविधाएं। फ्री वाई फाई, हॉट-स्पॉट, ऑडियो-वीडियो की डाउनलोडिंग ... सब कुछ बेहतरीन। ब्रेकफास्ट में लजीज व्यंजन परोसे गए। मुसाफिरों के मन में भारतीय रेल की छवि बदल रही थी। ट्रेन हास्टेस ने गुलाब के फूलों से स्वागत किया। हर कोच खुश्बू से महक रहा था। पता ही नहीं चला कि कब दिल्ली से चले और कब आगरा आ गया।
--। गतिमान एक्सप्रेस में सफर आरामदायक रहा। यात्रियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया। दिल्ली से आगरा कब पहुंच गए, पता ही नहीं चला। आज पहला दिन था। यह बहुत खास अनुभव रहा।
-रवि गोयल-बबीता गोयल, कालकाजी, दिल्ली
बेहतर हैं सुविधाएं
हम एक अप्रैल से ही गतिमान एक्सप्रेस में आनलाइन बुकिंग कराने की कोशिश में थे, लेकिन दो को टिकट बुक हो सकी। केवल गतिमान में सफर करने के लिए ही आगरा आए। शाम को इसी गाड़ी से लौटेंगे। यात्री सुविधाएं अन्य ट्रेनों से बेहतर हैं।
-अनिल शर्मा, व्यवसायी, गुड़गांव
सबसे हॉट ट्रेन
शताब्दी और ताज एक्सप्रेस से इतर गतिमान का सफर बेहतर रहा। अगर स्पीड मेंटेन रहती है तो आगरा से दिल्ली के बीच की सबसे हॉट ट्रेन होगी।
-विपुल मंगला, गुड़गांव
गतिमान में फूड क्वालिटी बहुत अच्छी थी। ट्रेन होस्टेस की सर्विस भी बेहतरीन रही। सफर में पता नहीं चला कि दिल्ली से आगरा कब पहुंच गए।
-हर्षपाल सिंह
ट्रेन होस्टेस ने कहा, अच्छा अनुभव
गतिमान एक्सप्रेस में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर चुके 15 युवकों और 15 युवतियों का ट्रेन होस्टेस स्टाफ था। इनकी सेवाओं की देखरेख को दो सुपरवाइजर भी थे। ट्रेन होस्टेस नीलम ने बताया कि पहला मौका है जबकि ट्रेन में होस्टेस का काम किया है। इसके पूर्व नई दिल्ली स्थित एयरपोर्ट के लाउंज में सर्विस कर चुकी हैं। यात्रियों का व्यवहार अच्छा था।
पायलट का फोटो है
पायलट ने ली थी स्पेशल ट्रेनिंग
गतिमान एक्सप्रेस को ट्रैक पर दौड़ाने वाले उत्तर रेलवे के लोको पायलट राजेश सागर और उमाशंकर पाठक रहे। उनका कहना था कि गतिमान एक्सप्रेस के ट्रायल के दौरान स्पेशल ट्रेनिंग ली थी। इन्हें हाईस्पीड गाड़ियां चलाने का लंबा अनुभव है। बोले, दिल्ली से आगरा के बीच का अनुभव अच्छा रहा। ट्रेन में टिकट चेकिंग स्टाफ के टीटी विजय कुमार ने भी यात्रा को अच्छा बताया।
मोबाइल और लैपटाप पर मनोरंजन
गतिमान में माई फ्री टीवी नामक एंटरटेनमेंट कंपनी ने वाई-फाई से लैस गाड़ी में यात्रियों को उनके मोबाइल और लैपटाप पर मनोरंजक कार्यक्रम दिखाए। कंपनी के निदेशक ने बताया कि उन्होंने स्टाफ के साथ यात्रियों की रुचि के मुताबिक, रिकार्डेड गाने, शार्ट फिल्म, चैनल्स के कार्यक्रम दिखाए। यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में यात्रियों को डा. अंजलि क्वात्रा (रिकार्डेड आडियो) ने जानकारी दी।
साइड इफेक्ट
पर्यटन की गति नहीं बढ़ाएगी ‘गतिमान’
रिवर्स शताब्दी बनती गतिमान, तो पर्यटन को लगते पंख
आगरा से सुबह चलकर शाम को दिल्ली से लौटाने की मांग
आगरा। प्रीमियम केटेगरी के पर्यटकों के लिए शुरू हुई गतिमान एक्सप्रेस से पर्यटक तो आगरा आएंगे, लेकिन शहर के पर्यटन को उसका फायदा नहीं मिल पाएगा। दिल्ली से आगरा की दूरी कम होने से पर्यटकों का नाइट स्टे और कम हो जाएगा। ताजनगरी के पर्यटन उद्यमियों में गतिमान को लेकर यही चिंताएं हैं। उन्होंने आगरा से गतिमान को सुबह चलाने की मांग की।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश चौहान के मुताबिक यमुना एक्सप्रेस वे बनने के बाद आगरा में पर्यटकों की संख्या में तो इजाफा हुआ है, लेकिन नाइट स्टे एकदम घट गया। होटल खाली पड़े हैं, लेकिन ताजमहल पर वीकएंड पर सैलानियों की भीड़ है। समय कम लगने से पर्यटक दिल्ली से आगरा सुबह आकर रात को लौट जाते हैं। यही गतिमान से होगा। एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन पूर्व अध्यक्ष शमशुद्दीन के मुताबिक रिवर्स शताब्दी की मांग लंबे समय से की जा रही है। आगरा के पर्यटन के लिए गतिमान को अगर सुबह आगरा से चलाया जाए और शाम को दिल्ली से वापस लाया जाता तो बेहतर रहता। शताब्दी और गतिमान को एक घंटे के अंतराल पर चलाने से पर्यटक तो बढ़ेंगे, लेकिन नाइट स्टे एकदम कम हो जाएगा।
...और दूर हुआ एयरपोर्ट
आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मांग पुरानी है, लेकिन दिल्ली आगरा के बीच कम समय लगने से हवाई उड़ान सफल नहीं हो सकी। उसी आधार पर सरकारें एयरपोर्ट को लेकर संजीदा नहीं रहीं। अब यमुना एक्सप्रेस वे के बाद गतिमान एक्सप्रेस के चलने से दिल्ली आगरा के बीच दूरी और घट गई। दिल्ली से महज 100 मिनट में आगरा आने का तर्क देकर दिल्ली लॉबी आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कवायद पर ब्रेक लगा सकती है।