Etah: पूर्व प्रधान की मौत पर आक्रोश, परिजनों ने 19 घंटे जाम रखा अवागढ़-जलेसर मार्ग, डीएम के आश्वासन पर हटे
जमीन के विवाद में घायल पूर्व प्रधान की इलाज के दौरान मौत हो गई। पूर्व प्रधान की मौत के बाद लोगों में आक्रोश पनप गया। ग्रामीणों ने अवागढ़-जलेसर मार्ग जाम कर दिया। काफी प्रयास के बाद भी पुलिस जाम नहीं खुलवा सकी। डीएम के आश्वासन पर ग्रामीण सड़क से हटे।
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एटा के जलेसर थाना क्षेत्र के गांव पुन्हैरा में जमीन विवाद में पूर्व प्रधान की मौत के बाद से परिजनों का आक्रोश शनिवार दोपहर तक बना रहा। शुक्रवार शाम 4.30 बजे से अवागढ़-जलेसर मार्ग पर लगा गया जाम रातभर खुलवाने में अफसर नाकाम रहे। शनिवार दोपहर को डीएम-एसएसपी ने पहुंचकर बात की। उनके आश्वासन पर करीब 19 घंटे बाद दोपहर 12 बजे जाम खुल सका।
पूर्व प्रधान शीलेंद्र पाल 27 जून को लेखपाल के साथ गांव में जुगेंद्रपाल के विवादित खेत का मुआयना करने के लिए गए थे। उसी समय जुगेंद्र के विरोधी खेत पर पहुंच गए। आरोपियों ने गालीगलौज करते हुए धारदार हथियारों से हमला कर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें शीलेंद्र, जुगेंद्र सहित अन्य दो घायल हो गए। मामले में नौ नामजद सहित पांच अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
गुरुवार की रात आगरा में इलाज के दौरान शीलेंद्र पाल (60) की मौत हो गई। शुक्रवार शाम करीब चार बजे उनका शव गांव पहुंचा। मृतक के परिजनों और गांव के लोगों ने शाम 4.30 बजे अवागढ़-जलेसर मार्ग पर जाम लगा दिया। सीओ जलेसर पहुंचे, लेकिन परिजन ने उनसे बात नहीं की। बाद में एटा से सीओ सिटी भी पहुंचे, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद रात में टेंट लगाकर सड़क पर ही रात काटी।
शनिवार सुबह अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा मौके पर पहुंचे। परिजनों का कहना था कि मुख्यमंत्री को बुलाया जाए। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों का दी गई। जिस पर डीएम अंकित अग्रवाल और एसएसपी उदय शंकर सिंह वहां पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार के लोगों से बात की। उनकी मांगों को पूरा कराने का अश्ववासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे परिजन शव को लेकर मार्ग से हटे। बाद में अंतिम संस्कार किया गया।
कई बार की शिकायत नहीं हुई सुनवाई
पीड़ित पक्ष ने बताया कि आरोपी दबंग प्रवृति के हैं। उनकी कई बार जलेसर पुलिस से शिकायत की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना था एक आरोपी पर पचास से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके बाद भी पुलिस उस पर कार्रवाई नहीं कर रही थी। एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल मुआयना करने आए थे। इस दौरान दबंगों ने इस घटना को अंजाम दे दिया।
राहगीर कच्चे रास्तों से होकर गंतव्य पर पहुंचे
जलेसर-अवागढ़ मार्ग पर जाम लगने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान राहगीर पड़ोस के गांवों में कच्चे रास्तों से होते हुए अवागढ़ और जलेसर को निकले। इसके चलते करीब चार किलोमीटर तक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा।
अधिकारियों से की यह मांगें
- दर्ज कराए गए मुकदमे को धारा 307 व 302 में तरमीम किया जाए ।
- पांच आरोपी अदालत में सरेंडर कर चुके हैं। बाकी को गिरफ्तार किया जाए ।
- आरोपियों के लाइसेंस निरस्त कर शस्त्र जब्त किए जाएं ।
- गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट सहित भू माफिया के तहत कार्रवाई की जाए ।
- पूर्व में दर्ज मुकदमों की पुन: विवेचना की जाए ।
- पूर्व में जो तहरीर दी गई हैं, उन पर भी रिपोर्ट दर्ज की जाए ।
- मृतक सहित जुगेंद्र के परिवार को सुरक्षा दी जाए ।
- जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए ।
- पूर्व प्रधानी में हुए घोटालों की जांच की जाए ।
- पीड़ित पक्ष के लोगों के शस्त्र लाइसेंस बनाए जाएं ।
अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा ने कहा कि मृतक के परिजनों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगाया गया। उच्चधिकारियों ने समझा बुझाकर जाम को खुलवा दिया। विवेचना की जा रही है। पांच आरोपी अदालत में समर्पण कर चुके हैं। अन्य की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।
नौ नामजद पांच अज्ञात पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
धारदार हथियार व असलाह से फायरिंग करने के मामले में जुगेंद्रपाल ने मोनू सहित नौ नामजद व पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ 27 जून को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीओ जलेसर इरफान नासिर खान ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है। अब इसे हत्या में तरमीम किया जाएगा। विवेचना कर कार्रवाई की जा रही है। मोनू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।