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दस्त नियंत्रण पखवाड़ा के बीच डायरिया से पीड़ित किशोर की मौत
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मैनपुरी। एक से 15 जून तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा दस्त नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है वहीं डायरिया से मरीजों की मौत हो रही हैं। रविवार को कोतवाली थाना क्षेत्र में गोला बाजार निवासी किशोर की मौत हो गई। शनिवार को शहर के ही ज्योंती तिराहा निवासी बालक ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों को डायरिया से बचाव, दस्त नियंत्रण आदि के बारे में जागरूक कर रही हैं। इसके बाद भी लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। शहर के मोहल्ला गोलाबाजार निवासी पप्पू के 16 वर्षीय पुत्र अरवाज को कुछ दिनों से डायरिया की दिक्कत थी। परिजन निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ी तो जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चिकित्साधीक्षक पखवाड़े पर रखें नजर
सीएमओ ने चिकित्साधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि दस्त नियंत्रण पखवाड़े के दौरान डायरिया के मरीजों का ख्याल रखा जाए। बच्चों को दस्त से बचाने के लिए दवा उपलब्ध कराई जाए। किसी मरीज को दिक्कत है तो उसे अस्पताल में उपचार के लिए भिजवाया जाए। चेतावनी दी कि यदि कहीं उपचार में लापरवाही मिली तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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बीमारी के कारण
- गर्म से ठंडे वातावरण में आना
- रोटा वायरस का इंफेक्शन
- दूषित पानी का प्रयोग करना
- बाहर का दूध व दूषित खाना
बचाव के उपाय
- तेज धूप में जाने से बचें
- दाल का पानी, दही-केला खाएं
- चावल का मांड सेवन कराएं
- चाय व पाचन युक्त भोजन लें
कुछ दिन से डायरिया के मरीज बढ़े हैं। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को हर संभव उपचार की व्यवस्था है। लोग पहले प्राइवेट इलाज कराते रहते हैं जब मरीज अंतिम सांसों में पहुंच जाता है तब उसे जिला अस्पताल लाया जाता है। यदि समय से मरीज जिला अस्पताल पहुंचे तो उसे ठीक किया जा सकता है। एक किशोर को मृत अवस्था में लाया गया था।
डॉ. अरविंद कुमार गर्ग, सीएमएस
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संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों को डायरिया से बचाव, दस्त नियंत्रण आदि के बारे में जागरूक कर रही हैं। इसके बाद भी लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। शहर के मोहल्ला गोलाबाजार निवासी पप्पू के 16 वर्षीय पुत्र अरवाज को कुछ दिनों से डायरिया की दिक्कत थी। परिजन निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ी तो जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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चिकित्साधीक्षक पखवाड़े पर रखें नजर
सीएमओ ने चिकित्साधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि दस्त नियंत्रण पखवाड़े के दौरान डायरिया के मरीजों का ख्याल रखा जाए। बच्चों को दस्त से बचाने के लिए दवा उपलब्ध कराई जाए। किसी मरीज को दिक्कत है तो उसे अस्पताल में उपचार के लिए भिजवाया जाए। चेतावनी दी कि यदि कहीं उपचार में लापरवाही मिली तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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बीमारी के कारण
- गर्म से ठंडे वातावरण में आना
- रोटा वायरस का इंफेक्शन
- दूषित पानी का प्रयोग करना
- बाहर का दूध व दूषित खाना
बचाव के उपाय
- तेज धूप में जाने से बचें
- दाल का पानी, दही-केला खाएं
- चावल का मांड सेवन कराएं
- चाय व पाचन युक्त भोजन लें
कुछ दिन से डायरिया के मरीज बढ़े हैं। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को हर संभव उपचार की व्यवस्था है। लोग पहले प्राइवेट इलाज कराते रहते हैं जब मरीज अंतिम सांसों में पहुंच जाता है तब उसे जिला अस्पताल लाया जाता है। यदि समय से मरीज जिला अस्पताल पहुंचे तो उसे ठीक किया जा सकता है। एक किशोर को मृत अवस्था में लाया गया था।
डॉ. अरविंद कुमार गर्ग, सीएमएस