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मौत के अस्पतालों की सूची में ‘खेल’
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 28 Mar 2015 01:43 AM IST
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नियमों को ताक पर रखकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले दर्जनभर अस्पतालों को सूची में खेल कर दिया गया। तीन महीने पहले दिसंबर में ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई के बाद इन चिकित्सा संस्थानों को बंद कराने के लिए इनकी सूची तैयार की गई थी। लेकिन जिला प्रशासन को जो सूची भेजी गई, उसमें बहुत से अस्पतालों का नाम नहीं है।
बता दें कि पिछले साल प्रशासन, नगर निगम और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की संयुक्त टीम ने शहर के 66 अस्पतालों पर छापा मारा था। यूपीपीसीबी ने अनियमितताएं मिलने पर 11 अस्पताल सहित मेडिकल बेस्ट निस्तारण कंपनी दत्ता इंटरप्राइजेज को बंदी के लिए नोटिस जारी किया था। हाल ही में यूपीपीसीबी के हेड ऑफिस से जिला प्रशासन को अस्पताल और पैथोलॉजी सहित 12 संस्थानों की बंदी के लिए सूची भेजी गई है। इस सूची में पिछली सूची के आठ नाम शामिल नहीं हैं।
बंदी का आया आदेश
हाल ही में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव जेएस यादव ने जिलाधिकारी को शहर के 12 अस्पताल और पैथोलॉजी को तत्काल प्रभाव से बंद किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसमें बोर्ड ने जल संस्थान और विद्युत विभाग को आपूर्ति बंद करने, सीएमओ को लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश हैं। बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद आगरा के कई अस्पतालों एवं पैथोलॉजी सेंटर का तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया था। चिकित्सालय एवं पैथोलॉजी में मेडिकल वेस्ट का निस्तारण सही ढंग से होता नहीं मिला। इसी को देखते हुए दर्जनभर अस्पतालों को बंद करने के निर्देश दिए हैं।
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इनसेट
आरटीआई के जवाब में भी नाम गायब
17 जनवरी को यूपीपीसीबी ने एक आरटीआई एक्टिविस्ट को जवाब भेजा कि विभाग ने बंदी के लिए जिन 27 अस्पतालों की सूची जारी की थी, उसमें से भी अधिकांश के नाम शामिल नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी जल्दी अस्पतालों ने मानकों का पालन कैसे कर लिया। इसका जवाब खुद विभाग के पास नहीं है।
इनसेट
दिसंबर में तैयार की गई सूची
1. श्रीगोपाल हॉस्पिटल, ट्रांस यमुना
2. नर्मदा देवी हॉस्पिटल, ट्रांस यमुना
3. एसएनवी नर्सिंग होम, ट्रांस यमुना
4. मधुवन हॉस्पिटल, सैयद चौराहा
5. गंगाराम हॉस्पिटल, ट्रांस यमुना
6. एसआर मेडिकल इंस्टीट्यूट, नामनेर
7. जीवन रेखा हॉस्पिटल, नामनेर
8. रामतेज हॉस्पिटल, विभव नगर
9. लीलावती हॉस्पिटल, आवास विकास
10. मोती हॉस्पिटल, बोदला-बिचपुरी रोड
11. विनायक हॉस्पिटल - आवास विकास
12. दत्ता इंटरप्राइजेज
इनसेट
हाल ही में जिला प्रशासन को भेजी गई सूची
1. ईश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल, राजपुर चुंगी
2. गोपाल हॉस्पिटल, ए-244, ट्रांस यमुना कालोनी
3. रामरघु हॉस्पिटल, चर्च रोड
4. विनायक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, सेक्टर-1, आवास विकास कालोनी
5. अग्रवाल हॉस्पिटल, जी-35, कमला नगर
6. मेटरनिटी एवं चाइल्ड केयर सेंटर, बी-119, कमला नगर
7. गोयल नर्सिंगहोम, ए-299, कमला नगर
8. अभिलाषा नर्सिंगहोम, सुल्तागंज पुलिया
9. मुरारी हॉस्पिटल, ईदगाह रेलवे पुल के पास
10. मेडिकेयर पैथोलॉजी, संजय प्लेस
11. एसएनवी नर्सिंग होम, बी-91, ट्रांस यमुना कालोनी
12. अनिल अग्रवाल क्लीनिक पैथोलाजी, बाईपास रोड
पिछले दिनों जिन अस्पतालों पर छापेमारी की गई थी, उन्हीं अस्पतालों में से यह सूची तैयार की गई है। कोई बदलाव नहीं किया गया है।
-एके आनंद, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी, यूपीपीसीबी
- मैंने अस्पतालों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। 31 मार्च को सुनवाई है। इसी वजह से बोर्ड ने आनन-फानन में बंदी की कार्रवाई के लिए अस्पतालों की सूची जारी कर दी है। इसमें से बहुत से अस्पताल के नाम नहीं हैं, जिन्हें नोटिस दिया गया था।
- शबी हैदर जाफरी, आरटीआई एक्टिविस्ट
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बता दें कि पिछले साल प्रशासन, नगर निगम और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की संयुक्त टीम ने शहर के 66 अस्पतालों पर छापा मारा था। यूपीपीसीबी ने अनियमितताएं मिलने पर 11 अस्पताल सहित मेडिकल बेस्ट निस्तारण कंपनी दत्ता इंटरप्राइजेज को बंदी के लिए नोटिस जारी किया था। हाल ही में यूपीपीसीबी के हेड ऑफिस से जिला प्रशासन को अस्पताल और पैथोलॉजी सहित 12 संस्थानों की बंदी के लिए सूची भेजी गई है। इस सूची में पिछली सूची के आठ नाम शामिल नहीं हैं।
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बंदी का आया आदेश
हाल ही में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव जेएस यादव ने जिलाधिकारी को शहर के 12 अस्पताल और पैथोलॉजी को तत्काल प्रभाव से बंद किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसमें बोर्ड ने जल संस्थान और विद्युत विभाग को आपूर्ति बंद करने, सीएमओ को लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश हैं। बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद आगरा के कई अस्पतालों एवं पैथोलॉजी सेंटर का तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया था। चिकित्सालय एवं पैथोलॉजी में मेडिकल वेस्ट का निस्तारण सही ढंग से होता नहीं मिला। इसी को देखते हुए दर्जनभर अस्पतालों को बंद करने के निर्देश दिए हैं।
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आरटीआई के जवाब में भी नाम गायब
17 जनवरी को यूपीपीसीबी ने एक आरटीआई एक्टिविस्ट को जवाब भेजा कि विभाग ने बंदी के लिए जिन 27 अस्पतालों की सूची जारी की थी, उसमें से भी अधिकांश के नाम शामिल नहीं हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी जल्दी अस्पतालों ने मानकों का पालन कैसे कर लिया। इसका जवाब खुद विभाग के पास नहीं है।
इनसेट
दिसंबर में तैयार की गई सूची
1. श्रीगोपाल हॉस्पिटल, ट्रांस यमुना
2. नर्मदा देवी हॉस्पिटल, ट्रांस यमुना
3. एसएनवी नर्सिंग होम, ट्रांस यमुना
4. मधुवन हॉस्पिटल, सैयद चौराहा
5. गंगाराम हॉस्पिटल, ट्रांस यमुना
6. एसआर मेडिकल इंस्टीट्यूट, नामनेर
7. जीवन रेखा हॉस्पिटल, नामनेर
8. रामतेज हॉस्पिटल, विभव नगर
9. लीलावती हॉस्पिटल, आवास विकास
10. मोती हॉस्पिटल, बोदला-बिचपुरी रोड
11. विनायक हॉस्पिटल - आवास विकास
12. दत्ता इंटरप्राइजेज
इनसेट
हाल ही में जिला प्रशासन को भेजी गई सूची
1. ईश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल, राजपुर चुंगी
2. गोपाल हॉस्पिटल, ए-244, ट्रांस यमुना कालोनी
3. रामरघु हॉस्पिटल, चर्च रोड
4. विनायक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, सेक्टर-1, आवास विकास कालोनी
5. अग्रवाल हॉस्पिटल, जी-35, कमला नगर
6. मेटरनिटी एवं चाइल्ड केयर सेंटर, बी-119, कमला नगर
7. गोयल नर्सिंगहोम, ए-299, कमला नगर
8. अभिलाषा नर्सिंगहोम, सुल्तागंज पुलिया
9. मुरारी हॉस्पिटल, ईदगाह रेलवे पुल के पास
10. मेडिकेयर पैथोलॉजी, संजय प्लेस
11. एसएनवी नर्सिंग होम, बी-91, ट्रांस यमुना कालोनी
12. अनिल अग्रवाल क्लीनिक पैथोलाजी, बाईपास रोड
पिछले दिनों जिन अस्पतालों पर छापेमारी की गई थी, उन्हीं अस्पतालों में से यह सूची तैयार की गई है। कोई बदलाव नहीं किया गया है।
-एके आनंद, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी, यूपीपीसीबी
- मैंने अस्पतालों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। 31 मार्च को सुनवाई है। इसी वजह से बोर्ड ने आनन-फानन में बंदी की कार्रवाई के लिए अस्पतालों की सूची जारी कर दी है। इसमें से बहुत से अस्पताल के नाम नहीं हैं, जिन्हें नोटिस दिया गया था।
- शबी हैदर जाफरी, आरटीआई एक्टिविस्ट