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डीडीओ ने जांच आख्या के विरुद्ध वीडीओ को किया बर्खास्त
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मैनपुरी। एक ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) को निलंबित जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने जांच रिपोर्ट के विरुद्ध जाकर सेवा से बर्खास्त कर दिया। ये आदेश शासन द्वारा डीडीओ के निलंबन के बाद पंजीकृत डाक से ब्लॉक कार्यालय में भेजा गया। बिना पत्रांक और जांच रिपोर्ट के जारी बर्खास्तगी के पत्र के बाद प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।
मृतक आश्रितों को सेवायोजित करने में लापरवाही पर डीडीओ प्रवीण कुमार राय को शासन ने निलंबित कर दिया है। 13 जून को शासन ने निलंबन आदेश जारी किया था।डीडीओ कार्यालय की ओर से 15 जून को एक आदेश ब्लॉक कुरावली को भेजा गया। बिना पत्रांक संख्या के इस आदेश में तारीख 12 जून डाली गई है। पत्र में निलंबित चल रहे ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ऐसा तब किया गया है जब मामले की जांच तत्कालीन खंड विकास अधिकारी कुरावली पीके अग्रवाल ने की और अपनी रिपोर्ट में आरोप साबित नहीं कर पाए। ऐसे में जांच विरुद्ध, बिना पत्रांक के जारी बर्खास्तगी आदेश से कर्मचारियों में रोष है।
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फर्जी बताया जा रहा आदेश
ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती बर्खास्तगी आदेश को गलत बता रहे हैं। उनका आरोप है कि यह आदेश डीडीओ ने निलंबित होने के बाद द्वेष भावना से जारी किया है। इसी के चलते यह पत्र 15 जून को मिला, जबकि डीडीओ 13 जून को ही निलंबित हो चुके थे। जांच रिपोर्ट के विरुद्ध की गई कार्रवाई पूर्ण रूप से गलत है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर न्याय दिलाने की मांग की है।
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इसलिए नहीं डाला जा सका पत्रांक
शासन द्वारा डीडीओ प्रवीण कुमार राय के निलंबन के बाद कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह के आदेश से सुरक्षित कर दिए गए थे। ग्राम विकास अधिकारी का आरोप है कि इसी कारण बर्खास्तगी आदेश में पत्रांक नहीं डाला जा सका। उन्होंने कहा कि ये आदेश पूरी तरह अवैध है।
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ये था मामला
विकास खंड सुल्तानगंज की ग्राम पंचायत सांडा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती को 11 जनवरी 2021 को निलंबित कर दिया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने मनमाने ढंग से ग्राम पंचायत भवन के लिए भूमि का चिह्नांकन किया। जबकि राजस्व विभाग ने अन्यत्र भूमि चिह्नित की थी। जांच में ये सामने आया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों के कहने पर पंचायत भवन के निर्माण का स्थान चिह्नित किया गया था, इसके बाद ग्राम विकास अधिकारी को जांच अधिकारी ने दोषमुक्त कर दिया था।
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आदेश पूर्व जिला विकास अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है, जो भी आदेश मिलेगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-केके सिंह, परियोजना निदेशक/डीडीओ
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मृतक आश्रितों को सेवायोजित करने में लापरवाही पर डीडीओ प्रवीण कुमार राय को शासन ने निलंबित कर दिया है। 13 जून को शासन ने निलंबन आदेश जारी किया था।डीडीओ कार्यालय की ओर से 15 जून को एक आदेश ब्लॉक कुरावली को भेजा गया। बिना पत्रांक संख्या के इस आदेश में तारीख 12 जून डाली गई है। पत्र में निलंबित चल रहे ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ऐसा तब किया गया है जब मामले की जांच तत्कालीन खंड विकास अधिकारी कुरावली पीके अग्रवाल ने की और अपनी रिपोर्ट में आरोप साबित नहीं कर पाए। ऐसे में जांच विरुद्ध, बिना पत्रांक के जारी बर्खास्तगी आदेश से कर्मचारियों में रोष है।
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फर्जी बताया जा रहा आदेश
ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती बर्खास्तगी आदेश को गलत बता रहे हैं। उनका आरोप है कि यह आदेश डीडीओ ने निलंबित होने के बाद द्वेष भावना से जारी किया है। इसी के चलते यह पत्र 15 जून को मिला, जबकि डीडीओ 13 जून को ही निलंबित हो चुके थे। जांच रिपोर्ट के विरुद्ध की गई कार्रवाई पूर्ण रूप से गलत है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर न्याय दिलाने की मांग की है।
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इसलिए नहीं डाला जा सका पत्रांक
शासन द्वारा डीडीओ प्रवीण कुमार राय के निलंबन के बाद कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह के आदेश से सुरक्षित कर दिए गए थे। ग्राम विकास अधिकारी का आरोप है कि इसी कारण बर्खास्तगी आदेश में पत्रांक नहीं डाला जा सका। उन्होंने कहा कि ये आदेश पूरी तरह अवैध है।
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ये था मामला
विकास खंड सुल्तानगंज की ग्राम पंचायत सांडा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती को 11 जनवरी 2021 को निलंबित कर दिया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने मनमाने ढंग से ग्राम पंचायत भवन के लिए भूमि का चिह्नांकन किया। जबकि राजस्व विभाग ने अन्यत्र भूमि चिह्नित की थी। जांच में ये सामने आया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों के कहने पर पंचायत भवन के निर्माण का स्थान चिह्नित किया गया था, इसके बाद ग्राम विकास अधिकारी को जांच अधिकारी ने दोषमुक्त कर दिया था।
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आदेश पूर्व जिला विकास अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है, जो भी आदेश मिलेगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-केके सिंह, परियोजना निदेशक/डीडीओ
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