Agra University: डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि के नए आदेश, परीक्षा के दौरान केंद्र में नहीं जा सकेंगे ये लोग
नोडल केंद्र प्रभारी परीक्षा केंद्रों के लिए शील्ड प्रश्नपत्र व अन्य सामग्री परीक्षा शुरू होने से 50 मिनट पहले या परीक्षा केंद्र की दूरी अधिक होने पर समयावधि अपने विवेकानुसार निर्धारित कर सकते हैं।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्नातक प्रथम वर्ष की द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नोडल केंद्र प्रभारियों व परीक्षा केंद्राध्यक्षों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। परीक्षा के दौरान या उसके अंतराल में केंद्र में कॉलेज प्रबंधन से जुड़ा कोई व्यक्ति नहीं जा सकेेगा। उसके प्रवेश को प्रतिबंधित किया गया है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि प्रश्नपत्र और लिखित उत्तर पुस्तिका नोडल केंद्र पर जमा कराने के लिए परीक्षा केंद्रों से नोडल केंद्र पर पहुंचने वाले व्यक्तियों को संबंधित परीक्षा केंद्र के प्राचार्य (जो विश्वविद्यालय की ओर से अनुमोदित हो) से अधिकृत पत्र नोडल केंद्र को उपलब्ध कराना होगा। कॉलेज के लेटर पैड पर संबंधित व्यक्ति (प्रतिनिधि) की फोटो लगाकर प्रमाणित कर अधिकृत कराना होगा। अधिकृत पत्र की एक कॉपी वाहक को अपने साथ नोडल केंद्र पर ले जाना होगा। वहीं, प्राचार्य अपने अनुमोदन पत्र की कॉपी नोडल केंद्र को पत्र के साथ संलग्न करें।
डेढ़ घंटे में जमा करानी होंगी नोडल केंद्र में कॉपियां
नोडल केंद्र प्रभारी परीक्षा केंद्रों के लिए शील्ड प्रश्नपत्र व अन्य सामग्री परीक्षा शुरू होने से 50 मिनट पहले या परीक्षा केंद्र की दूरी अधिक होने पर समयावधि अपने विवेकानुसार निर्धारित कर सकते हैं। परीक्षा केंद्रों को परीक्षा समाप्त होने के डेढ़ घंटे के अंदर प्रत्येक पाली की कॉपियों के बंडल को नोडल केंद्र में जमा कराना होगा।
बजट न देने से केंद्रों की मुश्किल बढ़ी
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार अपने खर्च में कटौती की है, इससे परीक्षा केंद्रों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस बार परीक्षा केंद्रों को नोडल केंद्रों से प्रश्नपत्र व अन्य गोपनीय सामग्री खुद ले जानी है, परीक्षा के बाद कॉपियां पहुंचानी है। गत परीक्षाओं में यह विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी थी। परीक्षा केंद्रों को इसके लिए कोई बजट नहीं दिया गया है। कॉलेजों के प्राचार्य परेशान हैं। उनके पास प्रश्नपत्र नोडल केंद्र से प्राप्त करने और कॉपियां पहुंचाने के लिए बजट नहीं हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि इस संबंध में प्रभारी कुलपति के साथ चर्चा की जाएगी, इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।