लापरवाही: उत्तर पुस्तिका में पास अंक अंकतालिका में फेल, सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही आई सामने, उत्तर पुस्तिका में छात्र को मिले 42 अंक वहीं अंकतालिका में 27 अंक चढ़ाकर छात्र को फेल दिखा दिया। दो महीने से परिजन विवि के चक्कर लगा रहे हैं।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही सामने आई है। उत्तर पुस्तिका में 42 अंक होने पर अंकतालिका में 27 अंक चढ़ाकर छात्र को फेल दर्शा दिया है। छात्रा को यह जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मिली। इस त्रुटि को ठीक कराने के लिए छात्रा विश्वविद्यालय के लगातार चक्कर काट रही है। परेशानी हल न होने पर अब उनके परिजन दो महीने से विवि में भटकने को मजबूर हैं।
मथुरा के ज्ञानप्रकाश ने बताया कि उनकी भांजी शिवानी रानी ब्रज चिकित्सा संस्थान की बीएससी नर्सिंग की छात्रा है। 27 अगस्त को द्वितीय वर्ष का परिणाम जारी किया। विवि की वेबसाइट से अंकतालिका डाउन लोड की तो उसमें कम्युनिकेशन एजूकेशन एंड टेक्नोलॉजी में 100 में से 27 अंक दर्ज हैं और फेल कर दिया है। सूचना के अधिकार के तहत जब इस विषय की उत्तर पुस्तिका देखी तो उसमें 42 अंक दर्ज हैं। इस तरह से छात्रा उत्तीर्ण है। इस त्रुटि को ठीक कराने के लिए महीने भर से चक्कर काटने पर भी सुधार नहीं हुआ। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव का कहना है कि छात्रा की अंकतालिका में सुधार कराया जा रहा है, जल्द नई अंकतालिका जारी की जाएगी। छात्रों के प्रार्थनापत्रों को प्राथमिकता पर समाधान कराया जा रहा है।
हेल्प डेस्क पर 450 से अधिक प्रार्थनापत्र
विश्वविद्यालय की हेल्प डेस्क पर रोजाना औसतन 400 से 450 शिकायती पत्र आ रहे है। यह शिकायती पत्र अंकतालिका में त्रुटियां, डिग्री न मिलने, माइग्रेशन, अंकतालिका नहीं मिलने समेत अन्य परेशानी के हैं। ऑनलाइन समस्याओं का सुधार न होने के कारण छात्रों को दूरदराज से यहां चक्कर काटने को मजबूर हैं।
डिग्री के लिए काट रहा चक्कर
फिरोजाबाद के धर्मवीर सिंह ने बताया कि उनकी बहन पूजा देवी की 2016 बीएससी कृषि की डिग्री है। तीन साल पहले आवेदन किया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ऐसे में बीते साल जुलाई में दोबारा आवेदन किया है, बहन चक्कर काटकर परेशान हो गई तो अब मुझे डिग्री के लिए भटकना पड़ रहा है।
कॉलेज-विश्वविद्यालय के बीच चकरघिन्नी बना
टप्पल के देवदत्त सिंह ने बताया कि बीएससी कृषि 2017 की अंतिम वर्ष की अंकतालिका कॉलेज नहीं पहुंची। विश्वविद्यालय आने पर कॉलेज भेजने की बात कह रहे हैं। छह से आठ बार प्रार्थनापत्र दिए हैं। अधिकारियों से मिला तब बताया कि अब यह अंकतालिका एजेंसी से बनकर आएगी।
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