Mathura News: ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान राधारानी के रोपवे से दर्शन कर सकेंगे भक्त, कार्तिक में मिलेगी सौगात
मथुरा में ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान श्री राधा रानी के दर्शन भक्त रोपवे से भी कर सकेंगे। कार्तिक माह में भक्तों को इसकी सौगात मिलेगी।
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तीर्थनगरी मथुरा में ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान राधारानी के दर्शन इस बार कार्तिक में रोपवे से भी हो सकेंगे। इसे देखते हुए रोपवे परियोजना को कार्तिक से पूर्व पूरा करने की तैयारी हो रही है। अभी तक यह परियोजना चीन में कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन में उपकरणों की उपलब्धता न होने के कारण लटका हुआ था।
बरसाना स्थित ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान श्रीजी के दर्शन के लिए भक्तों को करीब 251 सीढि़यां चढ़कर मंदिर जाना होता है। बुजुर्ग और बच्चों के लिए मंदिर की यह चढ़ाई कठिन रहती है। पूर्व में यहां इस स्थिति के लिए पालकी भी चलती थीं, जो अब बंद हैं। चंद वाहन जोखिम भरी डगर से ऊपर पहुंचते हैं। कई बार वाहनों के लिए यह रास्ता दुर्घटना का भी कारण बना है।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए बरसाना में रोपवे की योजना पर काम किया जा रहा है। कछुआ गति से चल रही इस परियोजना पर अब तेजी से काम होने लगा है। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना को अब कार्तिक में पूरा करने की समय सीमा संबंधित एजेंसी के लिए तय कर दी है।
माना जा रहा है कि कार्तिक में बड़ी संख्या में भक्त कार्तिक की नियम सेवा के लिए ब्रज आते हैं। ये लोग 40 दिन ब्रज प्रवास करते हुए यहां कार्तिक सेवा करते हैं। इसमें बड़ी संख्या विदेशी भक्तों की होती है, जो बरसाना, राधाकुंड, वृंदावन और गोकुल में रहकर कार्तिक सेवा करते हैं। इस दौरान ब्रजभूमि आने वाले कृष्ण भक्त रोपवे का लुत्फ उठा सकेंगे।
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कदम-कदम पर उलझी योजना
ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान राधारानी के मंदिर तक भक्तों को आसानी से पहुंचाने के लिए करीब एक दशक पहले बरसाना में रोपवे की योजना बनाई गई थी। यह परियोजना कदम कदम पर उलझी रही। कभी जमीन का हस्तांतरण तो कभी पेड़ काटने की अनुमति ने इस परियोजना में देरी की। अब पिछले कई साल से चाइना का लॉकडाउन भी इस पर भारी पड़ा।
बरसाना में रोपवे का दायित्व तत्कालीन प्रदेश सरकार ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को सौंपा। रोपवे के लिए मंदिर के निकट जमीन और बीच में आ रहे पेड़ हटाने में लंबा वक्त लगा। वन विभाग से जमीन भी खरीदी गई। इस पर करीब तीन करोड़ रुपये विकास प्राधिकरण ने खर्च किए।
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रोपवे बनाने और उसके संचालन का दायित्व प्राधिकरण द्वारा राधारानी रोप-वे प्रा.लि के साथ एक अन्य कंपनी को सौंपा गया, जो प्रोजेक्ट पर करीब 15.5 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। चीन में लॉकडाउन के चलते परियोजना पर काम कर रही कंपनी को रोपवे उपकरणों की आपूर्ति नहीं हो सकी थी। अब लॉकडाउन खुलने के बाद काफी सामान की आपूर्ति हो चुकी है।
157 फीट ऊंचा, 216 मीटर लंबा है रोपवे
बरसाना रोपवे राधारानी मंदिर के लिए 216 मीटर लंबा है, ऊंचाई 157 फीट है। यहां छह ट्रॉली का संचालन होगा। प्रत्येक ट्रॉली में छह लोगों को बैठने की सुविधा मिलेगी। बरसाना में राधारानी मंदिर के दर्शन के लिए जाने वाले भक्त रोपवे के माध्यम से सीधे मंदिर के निकट पहुंच सकेंगे। संबंधित कंपनी के साथ प्राधिकरण ने 25 साल तक रोपवे के संचालन का अनुबंध किया है।
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