फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   DAP fertilizer price increase 150 rupees per bag after increase diesel rate 

किसानों को महंगाई का बड़ा झटका: डीजल के बाद, अब डीएपी खाद के दाम में भी हुआ भारी इजाफा 

Sun, 03 Apr 2022 03:56 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 03 Apr 2022 03:56 PM IST
सार

डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से पहले ही किसान परेशान है, ऐसे में डीएपी खाद के दाम में भी भारी इजाफा हुआ है। डीएपी के 50 किलो के बैग पर 150 रुपये बढ़ा दिए गए हैं।

विज्ञापन
DAP fertilizer price increase 150 rupees per bag after increase diesel rate 
डीएपी खाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किसानों द्वारा फसलों में सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले डीएपी खाद की कीमत 150 रुपये प्रति कट्टा बढ़ गई है। पहले 50 किलोग्राम के बैग की कीमत 1200 रुपये थी। जो अब 1350 रुपये हो गई है। उधर, यूरिया की कीमत नहीं बढ़ी, लेकिन बैग में पांच किलो माल कम हो गया है। 50 किलो की जगह यूरिया बैग में 45 किलो खाद आएगा।
विज्ञापन


जिले में पिछले साल 58 हजार मीट्रिक टन डीएपी का इस्तेमाल हुआ था। समय पर डीएपी नहीं मिलने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ी थी। इस बार डीएपी की नई रेक पांच अप्रैल तक आगरा आ सकती है। जिला कृषि अधिकारी विनोद सिंह ने बताया कि डीएपी पर 150 रुपये बढ़ने से 1200 रुपये कीमत का बैग अब 1350 रुपये में मिलेगा। 
विज्ञापन


वहीं यूरिया का 45 किलो का बैग 267 रुपये में मिलेगा, जबकि एनपीके खाद की कीमतें कंपनी व मिश्रण के अनुपात के हिसाब से अलग-अलग हैं। आगरा में सबसे ज्यादा डीएपी व यूरिया इस्तेमाल होता है। अब जिले में जायद फसलों का सीजन शुरू हो गया है। इसमें मूंग, उड़द, मक्का इत्यादि दलहन की फसलें होंगी। इनमें डीएपी नई रेट पर किसानों को खरीदना पड़ेगा। जुलाई में धान व बाजरा की बुआई के लिए खरीफ फसल में डीएपी का इस्तेमाल होता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य किसान सलाहकार समिति के सदस्य बंगाली बाबू अरेला ने बताया कि खेती की लागत बढ़ रही है, लेकिन किसानों का मुनाफा नहीं बढ़ रहा है। डीएपी महंगी होने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। बता दें डीजल की कीमत बढ़ने से किसान पहले ही परेशान हैं। किसान की खेती का ज्यादातर काम ईधन पर निर्भर है। खेत की जुताई से लेकर कटाई और फसल को मंडी ले जाने तक किसान ट्रैक्टर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में डीजल के रेट में हुई बढ़ोतरी किसानों के सामने पहले से ही बड़ी समस्या बनी हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed