{"_id":"6a8549c27ba9dcdf4c05f5d5","slug":"cybersecurity-course-made-mandatory-for-all-students-iit-kanpur-to-issue-certificates-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: अब हर छात्र को पढ़नी होगी साइबर सुरक्षा, IIT कानपुर देगा सर्टिफिकेट; 75 घंटे की ट्रेनिंग होगी अनिवार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: अब हर छात्र को पढ़नी होगी साइबर सुरक्षा, IIT कानपुर देगा सर्टिफिकेट; 75 घंटे की ट्रेनिंग होगी अनिवार्य
Wed, 19 Aug 2026 11:44 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 19 Aug 2026 11:44 AM IST
सार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में दूसरे सेमेस्टर के सभी छात्र-छात्राओं के लिए 75 घंटे का साइबर सुरक्षा व्यावसायिक पाठ्यक्रम अनिवार्य किया गया है। पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों को आईआईटी कानपुर की ओर से अधिकृत प्रमाणपत्र मिलेगा, जिसमें ऑनलाइन कक्षाओं के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शामिल होगा।
विज्ञापन
आगरा विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डिजिटल सुरक्षा के बढ़ते खतरों के बीच युवाओं को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में दक्ष और रोजगार योग्य बनाने के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय ने आईआईटी कानपुर के साइबर सुरक्षा केंद्र ‘सी3आईहब’ और विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन के साथ 14 अगस्त को त्रिपक्षीय समझौता किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय के सभी आवासीय विभागों और संबद्ध महाविद्यालयों में दूसरे सेमेस्टर के प्रत्येक छात्र-छात्राओं के लिए साइबर सुरक्षा व्यावसायिक पाठ्यक्रम अनिवार्य किया गया है।
कुल 75 घंटे के इस पाठ्यक्रम में 45 घंटे के ऑनलाइन अथवा रिकॉर्डेड व्याख्यान और 30 घंटे का व्यावहारिक आभासी प्रयोगशाला प्रशिक्षण होगा। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण से जोड़ने और महाविद्यालयों के साथ समन्वय के लिए प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षण समन्वयक नियुक्त किए जाएंगे।
पाठ्यक्रम और मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को आईआईटी कानपुर की ओर से अधिकृत प्रमाणपत्र दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी सहायता, नेटवर्क प्रशासन और आंकड़ा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में रोजगार के लिए उपयोगी कौशल प्रदान करेगा। इससे आगरा मंडल और आसपास के जनपदों के हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन
समझौते के मौके पर विश्वविद्यालय की ओर से विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. संजय चौधरी, विश्वविद्यालय कंप्यूटर केंद्र के निदेशक प्रो. अनिल गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश और फाउंडेशन के प्रबंधक योगेश तोमर और आईआईटी कानपुर के सी3आईहब से परियोजना निदेशक प्रो. सुरेंदर बासवाना और मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद हांडा , आईआईटी कानपुर के निदेशक पद्मश्री प्रो. मणिंद्र अग्रवाल और कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
कुल 75 घंटे के इस पाठ्यक्रम में 45 घंटे के ऑनलाइन अथवा रिकॉर्डेड व्याख्यान और 30 घंटे का व्यावहारिक आभासी प्रयोगशाला प्रशिक्षण होगा। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण से जोड़ने और महाविद्यालयों के साथ समन्वय के लिए प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षण समन्वयक नियुक्त किए जाएंगे।
विज्ञापन
पाठ्यक्रम और मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को आईआईटी कानपुर की ओर से अधिकृत प्रमाणपत्र दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी सहायता, नेटवर्क प्रशासन और आंकड़ा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में रोजगार के लिए उपयोगी कौशल प्रदान करेगा। इससे आगरा मंडल और आसपास के जनपदों के हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन
समझौते के मौके पर विश्वविद्यालय की ओर से विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. संजय चौधरी, विश्वविद्यालय कंप्यूटर केंद्र के निदेशक प्रो. अनिल गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश और फाउंडेशन के प्रबंधक योगेश तोमर और आईआईटी कानपुर के सी3आईहब से परियोजना निदेशक प्रो. सुरेंदर बासवाना और मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद हांडा , आईआईटी कानपुर के निदेशक पद्मश्री प्रो. मणिंद्र अग्रवाल और कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक भी मौजूद रहे।