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साइबर क्राइम: इंटरनेट पर डाॅक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा भारी, 10 रुपये के पंजीकरण में गंवा दिए 1.34 लाख
Wed, 29 Jul 2026 08:16 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 29 Jul 2026 08:16 PM IST
सार
एक महिला को चिकित्सक का नंबर इंटरनेट पर तलाशना महंगा पड़ गया। साइबर शातिरों ने महिला के खाते से एक लाख से अधिक की रकम पार कर दी। महिला की शिकातय पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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cyber crime cyber fraud
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
पिता के इलाज के लिए गूगल पर चिकित्सक का नंबर खोजना एक महिला को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने 10 रुपये के पंजीकरण शुल्क के नाम पर लिंक भेजकर उनका बैंक खाता हैक कर लिया और तीन दिन बाद आठ ट्रांजेक्शन के जरिए 1.34 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़िता की तहरीर पर थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
भोपाल निवासी निशी कुलश्रेष्ठ ने पुलिस को बताया कि वह अपने अस्वस्थ पिता का इलाज कराने के लिए शास्त्रीपुरम स्थित अपने बड़े भाई के घर आई थीं। उन्हें एलएन हॉस्पिटल के डॉ. नागेंद्र सिंह के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने गूगल से नंबर खोजकर अपॉइंटमेंट के लिए कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने 10 रुपये पंजीकरण शुल्क जमा कराने के लिए उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा।
लिंक पर क्लिक कर भुगतान का प्रयास किया लेकिन ट्रांजेक्शन सफल नहीं हुआ। पीड़िता के अनुसार दो-तीन दिन बाद 15 जुलाई की सुबह उनके बैंक खाते से लगातार 8 ट्रांजेक्शन में कुल 1.34 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद उन्होंने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।
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भोपाल निवासी निशी कुलश्रेष्ठ ने पुलिस को बताया कि वह अपने अस्वस्थ पिता का इलाज कराने के लिए शास्त्रीपुरम स्थित अपने बड़े भाई के घर आई थीं। उन्हें एलएन हॉस्पिटल के डॉ. नागेंद्र सिंह के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने गूगल से नंबर खोजकर अपॉइंटमेंट के लिए कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने 10 रुपये पंजीकरण शुल्क जमा कराने के लिए उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा।
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लिंक पर क्लिक कर भुगतान का प्रयास किया लेकिन ट्रांजेक्शन सफल नहीं हुआ। पीड़िता के अनुसार दो-तीन दिन बाद 15 जुलाई की सुबह उनके बैंक खाते से लगातार 8 ट्रांजेक्शन में कुल 1.34 लाख रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद उन्होंने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।
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