साइबर अपराध: ऑनलाइन ऑर्डर किए दो जोड़ी जूते, डिलीवरी भी हुई नहीं, खाते से 1.40 लाख रुपये पार
आगरा में स्टेशन प्रबंधक की पत्नी साइबर धोखाधड़ी की शिकार हो गईं। साइबर अपराधियों ने ओटीपी पूछकर उनके खाते से 1.40 लाख रुपये निकाले लिए।
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आगरा के साइबर अपराधियों ने रेलवे स्टेशन के प्रबंधक की पत्नी के खाते से 1.40 लाख रुपये निकाल लिए। उन्होंने फेसबुक पर एक कंपनी के जूते-चप्पल का विज्ञापन देखा था। 500 रुपये में दो जोड़ी बुक कराए। डिलीवरी नहीं होने पर कॉल किया। इस पर साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल पर ओटीपी भेजकर रकम निकाल ली। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 16 निवासी राहुल राजेश कुमार बिल्लोचपुरा रेलवे स्टेशन पर प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी अंजू देवी ने 18 जून को फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा था। इसमें जूते-चप्पल दिखाए गए थे। इस पर अंजू ने विज्ञापन में दिए नंबर पर बात की। बात करने वाले ने कहा कि 500 रुपये में एक-एक जोड़ी जूते चप्पल आ जाएंगे।
बुकिंग कैंसिल की कहकर मांगा ओटीपी
एक वेबसाइट के माध्यम से पेमेंट करने के लिए बोल दिया। वेबसाइट पर जाकर अंजू ने आईसीआईसीआई बैंक के खाते से यूपीआई के माध्यम से पेमेंट कर दिया। मगर, 15 दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हुई। इस पर 14 जुलाई को राहुल राजेश कुमार ने कंपनी के नंबर पर कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले ने अपने बॉस से बात कराई। उन्होंने कहा कि डिलीवरी में देरी हो गई है। चाहो तो बुकिंग कैंसिल करनी होगी। बस एक ओटीपी बताना होगा।
इस पर राजेश के मोबाइल पर एक ओटीपी आया। उन्होंने बता दिया। कह दिया कि 24 घंटे में रकम खाते में आ जाएगी। मगर, ऐसा नहीं हुआ। 16 जुलाई की सुबह मोबाइल पर एक के बाद एक कई मैसेज आए। इसमें खाते से 80 हजार रुपये निकलने की जानकारी थी।
इस पर अंजू बेटी आशु के साथ बैंक गईं। उन्होंने खाता ब्लॉक करने के लिए एक फॉर्म भरकर दे दिया। बैंक कर्मियों ने खाते को ब्लॉक करने की बात कही। इसके बावजूद दूसरे दिन 60 हजार रुपये और निकल गए। इस पर फिर से बैंक में शिकायत की। वहीं साइबर सेल में प्रार्थनापत्र दिया है।
आगरा से बाहर की बैंक के खातों में जमा करके निकाली रकम
राहुल राजेश कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने बैंक में शिकायत दर्ज करा दी थी, इसके बावजूद खाते से रकम कैसे निकल गई। ऐसे में कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि खाते से रकम आगरा के बाहर के जिलों में निकाली गई है। यह अलग-अलग बैंक के खाते में गई है।