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कार का लालच देकर फौजी से साढ़े तीन लाख की धोखाधड़ी
Mon, 08 Apr 2019 11:09 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 08 Apr 2019 11:09 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : demo pic
फौजी को इनाम में कार का झांसा देकर खाते में 3.5 लाख रुपये जमा करा लिए गए। पीड़ित को पता चला तो डीआईजी से शिकायत की। इसके बाद साइबर सेल ने जांच की।
पुलिस ने जिस खाते में रकम जमा हुई थी, उसके धारक का पता कर लिया। पुलिस ने रकम वापस करा दी है। पीड़ित फौजी आगरा में तैनात हैं।
बताया गया कि पिछले दिनों उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें एक वेबसाइट के माध्यम से शापिंग करने पर आफर की बात कही गई थी। एक लिंक भी दिया था। उन्होंने लिंक पर क्लिक करने के बाद एक शर्ट की खरीद कर ली। शर्ट कंपनी की थी। उन्हें पसंद आई। कुछ दिन बाद उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा वह आनलाइन शापिंग कराने वाली कंपनी से बोल रहा है।
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पुलिस ने जिस खाते में रकम जमा हुई थी, उसके धारक का पता कर लिया। पुलिस ने रकम वापस करा दी है। पीड़ित फौजी आगरा में तैनात हैं।
बताया गया कि पिछले दिनों उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें एक वेबसाइट के माध्यम से शापिंग करने पर आफर की बात कही गई थी। एक लिंक भी दिया था। उन्होंने लिंक पर क्लिक करने के बाद एक शर्ट की खरीद कर ली। शर्ट कंपनी की थी। उन्हें पसंद आई। कुछ दिन बाद उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा वह आनलाइन शापिंग कराने वाली कंपनी से बोल रहा है।
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फौजी ने बताया कि फोन करने वाले ने कहा कि शर्ट खरीदने पर उन्हें इनाम मिल रहा है। इसमें स्विफ्ट कार दी जाएगी। कॉल करने वाले ने कहा कि कार की कीमत उनकी कंपनी अदा करेगी। मगर, उन्हें रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस के 3.5 लाख रुपये जमा करने होंगे।
फौजी के पास घर बनाने के लिए लोन की रकम के रुपये थे। उन्होंने बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। मगर, उनके पास कार नहीं आई। फोन भी बंद हो गए।
शक होने पर उन्होंने डीआईजी से शिकायत की। डीआईजी ने साइबर सेल को जांच के आदेश किए। पुलिस ने जिस खाते में रकम जमा हुई थी, उसके धारक का पता किया। उससे फोन पर बात की।
युवक ने बताया कि वह कुछ दिन पहले दिल्ली गया था। तब गांव का युवक मिला था। उसने नौकरी लगवाने के लिए उनसे कागजात लिए थे। उसी पर शक है कि खाता खोलकर रकम जमा कराई हो। इस पर पुलिस ने कार्रवाई की बात कही। खाता धारक ने कुछ दिन बाद रकम वापस कर दी।
फौजी के पास घर बनाने के लिए लोन की रकम के रुपये थे। उन्होंने बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। मगर, उनके पास कार नहीं आई। फोन भी बंद हो गए।
शक होने पर उन्होंने डीआईजी से शिकायत की। डीआईजी ने साइबर सेल को जांच के आदेश किए। पुलिस ने जिस खाते में रकम जमा हुई थी, उसके धारक का पता किया। उससे फोन पर बात की।
युवक ने बताया कि वह कुछ दिन पहले दिल्ली गया था। तब गांव का युवक मिला था। उसने नौकरी लगवाने के लिए उनसे कागजात लिए थे। उसी पर शक है कि खाता खोलकर रकम जमा कराई हो। इस पर पुलिस ने कार्रवाई की बात कही। खाता धारक ने कुछ दिन बाद रकम वापस कर दी।