फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Cyber Cell Agra Arrests Transport Company Owner In Case Of Three Lakh Rupees Fraud

आगरा: ट्रक भाड़े के नाम पर जमा कराए तीन लाख रुपये, ट्रांसपोर्ट कंपनी का संचालक धोखाधड़ी में गिरफ्तार

Sun, 14 Mar 2021 09:30 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sun, 14 Mar 2021 09:30 PM IST
सार

  • फर्जी दस्तावेजों से खोले थे खाते 
  • शौक पूरे करने में खर्च करने लगा पिता का पैसा

विज्ञापन
Cyber Cell Agra Arrests Transport Company Owner In Case Of Three Lakh Rupees Fraud
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पिनाहट के अनिल सिंह परिहार से ट्रक भाड़े के नाम पर तीन लाख रुपये जमा कराकर धोखाधड़ी करने के आरोपी ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक रितिक शर्मा को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उसने ट्रक में माल लोड कराने के बाद यह रकम जमा कराई थी। मगर, ट्रक चालकों को भुगतान नहीं किया। आरोपी की दिल्ली और कोलकाता में ट्रांसपोर्ट कंपनी हैं। वह कर्ज चुकाने के लिए लोगों से ठगी कर रहा था।  
विज्ञापन


रेंज साइबर क्राइम थाना के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि अनिल सिंह परिहार गाजियाबाद की एक कंपनी में कर्मचारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि कंपनी ने सरकारी टेंडर लिया है। एक महीने पहले कंपनी का माल नागालैंड जाना था। कंपनी अधिकारियों ने अनिल से ट्रक बुक करने के लिए बोला। इस पर उसने ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक से ऑनलाइन संपर्क किया। संचालक ने कंपनी को चार ट्रक उपलब्ध कराए।
विज्ञापन

कृषि कानून पर शिवपाल का कड़ा रुख बरकरार, कहा-निजीकरण को मिलेगा बढ़ावा, किसानों का होगा अहित
विज्ञापन
विज्ञापन

इनका भाड़ा तीन लाख रुपये तय हुआ। कंपनी ने ट्रकों का पेमेंट ट्रांसपोर्ट कंपनी संचालक को कर दिया। मगर, ट्रक चालकों को भुगतान नहीं हुआ। इस पर कंपनी ने अनिल से रकम मांगी। मगर, अनिल भुगतान कर चुका था। उसने अपनी जमीन बेचकर कंपनी को पैसा दिया। इस पर कंपनी ने चालकों को ट्रक भाड़े का भुगतान किया।

उधर, अनिल की शिकायत पर रेंज साइबर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना में पता चला कि दिल्ली और कोलकाता की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक ने ठगी की है। फर्जी दस्तावेज से खाते खोले गए थे। सिम भी ली थी। ठगी में रितिक शर्मा का नाम प्रकाश में आया। वह दिल्ली के प्लॉट नंबर 09, फर्स्ट फ्लोर, ब्लॉक डी, द्वारका सेक्टर आठ, बगडोला दक्षिण पश्चिमी का रहने वाला है।

उसकी लोकेशन कोलकाता में मिलने पर पुलिस टीम रवाना की गई। 11 मार्च को आरोपी को कोलकाता के टेक्नोसिटी थाना क्षेत्र में पकड़ लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर आगरा लेकर आए। उसके पास से दो मोबाइल, दो चेक बुक, दो एटीएम कार्ड, दो पेन कार्ड, एक आधार कार्ड बरामद किए गए। 

फर्जी दस्तावेजों से खोले थे खाते 
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि रितिक शर्मा दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम पास है। उसके पिता की ट्रांसपोर्ट कंपनी है। उनका कार्यालय मुंबई में है। रितिक पिता का पैसा शौक पूरे करने में खर्च करने लगा। इस पर पिता ने उससे नाता तोड़ लिया। रितिक ने अपनी ट्रांसपोर्ट कंपनी खोल ली। दिल्ली और कोलकाता में कंपनी के कार्यालय खोल लिए। इनमें कर्मचारी भी रखे। नाम विशाल गुड्स एंड सर्विस रखा। लॉकडाउन में उस पर कर्ज हो गया। कर्ज देने वाले उसके घर के चक्कर काट रहे थे। इस पर उसने लोगों से ठगी का प्लान बनाया। एक महीने में दो लोगों से खाते में रकम जमा कराने के बाद सिम बंद कर ली थी। मगर, पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed