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राम का बाण लगते ही धूंधूंकर जला बुराई का प्रतीक रावण का पुतला
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टूंडला के हठीले हनुमान मंदिर के पास जलता रावण का पुतला
- फोटो : TUNDLA
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टूंडला (फिरोजाबाद)। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम द्वारा रावण की नाभि में तीर मारने के साथ ही रावण कटे वृक्ष की तरह धाराशाही होकर गिर पड़ा। साथ ही बुराई के प्रतीक रावण का पुतला धू-धूकर जल उठा।
कोरोना संक्रमण के बीच भले ही रामलीला नहीं हो पाई लेकिन बच्चों ने रावण बध की लीलाकर बुराई के प्रतीक रावण का पुतला तैयार कर जलाया। बच्चों ने रामलीला का मंचन भी किया।
अंत में विभीषण ने रावण को हारता न देख राम को युद्ध मैदान में पहुंचकर अवगत कराया कि रावण की नाभि में अमृत है। इस बात की जानकारी मिलने पर श्रीराम ने सीधा अग्रिवाण रावण की नाभि में मारा उसके साथ ही रावण धरासायी होकर गिर पड़ा। हठीले हनुमान मंदिर, टूंडली रोड, रामलीला मैदान के निकट रावण दहन का बच्चों ने ही नहीं परिजनों ने भी आनंद लिया। 4 फुट का एक रावण का पुतला बनाकर असत्य पर सत्य की विजय का पताका फहराया। दीपेश श्रीवास्तव, आरती श्रीवास्तव, दृष्टांत श्रीवास्तव, यशु, रूबल, कहैया, हनु, फौजी, काव्या, साक्षी, प्राची, प्रशस्त, अनमोल, निर्जला, साधना, नैतिक, कृष्णा, वेदिका, शौर्य, वी र, आशीष, खुशी, छवि आदि रहे।
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कोरोना संक्रमण के बीच भले ही रामलीला नहीं हो पाई लेकिन बच्चों ने रावण बध की लीलाकर बुराई के प्रतीक रावण का पुतला तैयार कर जलाया। बच्चों ने रामलीला का मंचन भी किया।
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अंत में विभीषण ने रावण को हारता न देख राम को युद्ध मैदान में पहुंचकर अवगत कराया कि रावण की नाभि में अमृत है। इस बात की जानकारी मिलने पर श्रीराम ने सीधा अग्रिवाण रावण की नाभि में मारा उसके साथ ही रावण धरासायी होकर गिर पड़ा। हठीले हनुमान मंदिर, टूंडली रोड, रामलीला मैदान के निकट रावण दहन का बच्चों ने ही नहीं परिजनों ने भी आनंद लिया। 4 फुट का एक रावण का पुतला बनाकर असत्य पर सत्य की विजय का पताका फहराया। दीपेश श्रीवास्तव, आरती श्रीवास्तव, दृष्टांत श्रीवास्तव, यशु, रूबल, कहैया, हनु, फौजी, काव्या, साक्षी, प्राची, प्रशस्त, अनमोल, निर्जला, साधना, नैतिक, कृष्णा, वेदिका, शौर्य, वी र, आशीष, खुशी, छवि आदि रहे।
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