आगरा: देवी प्रतिमा विजर्सित करने के लिए यमुना तटों पर उमड़ा हुजूम, गूंजे मातारानी के जयकारे
शारदीय नवरात्र में इस बार देवी मां डोली में सवार होकर आईं और हाथी पर बैठ कर विदा हो गईं। उनकी विदाई पर शुक्रवार को जमकर अबीर-गुलाल उड़ा।
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मां तुझको फिर से जलवा दिखाना ही होगा, अगले बरस आना है, आना ही होगा...। मुंह पर मैया के भजन, चेहरे पर गुलाल और हाथों में देवी की प्रतिमा। आगरा में शुक्रवार को विजयदशमी के अवसर पर यमुना किनारे सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ा। उत्सव का माहौल रहा। कुंडों में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर के कोने-कोने से श्रद्धालुओं की टोलियां पहुंचीं। सुबह से लेकर देर शाम तक यह सिलसिला चलता रहा।
सुबह छह बजे से ही यमुना किनारे बने कुंडों में देवी प्रतिमाओं को विसर्जित करना शुरू हो गया था। इन कुंडों को पानी से लबालब भर दिया गया था। किसी भी श्रद्धालु को नदी और इन कुंडों में जाने की इजाजत प्रशासन ने नहीं दी थी। कुंडों के चारों ओर बेरिकेडिंग कर दी गई थी। मौके पर पुलिसबल तैनात किया गया था।
कुंडों के आसपास कुछ युवकों की तैनाती की गई थी, जो श्रद्धालुओं के हाथ से देवी प्रतिमा लेकर उसे कुंड में विसर्जित कर रहे थे। सुबह से शुरू हुआ यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। यमुना किनारे गोताखोर भी तैनात किए गए थे। अगर कोई व्यक्ति नदी में उतर रहा था, तो उसे तत्काल ही बाहर निकाल दिया जाता था।
मुख्य रूप से हाथीघाट, कैलाश मंदिर, बल्केश्वर और दशहरा घाट पर बनाए गए कुंडों में प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। श्रद्धालु ढोल की थाप और भक्ति गीतों पर थिरकते हुए नजर आए।
कई बार लगा जाम
शुक्रवार को दशहरा की छुट्टी के चलते शहर में सड़कों पर तो ट्रैफिक कम था लेकिन यमुना किनारे जाने वाले रास्तों पर कई बार जाम लगा। लोग निजी और किराये के वाहनों में मां की प्रतिमाओं को विसर्जित करने पहुंचे। अधिक संख्या में बड़ी गाड़ियों के घाटों पर पहुंचने के कारण पुलिस को जाम खुलवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
मैया के साथ ली सेल्फी
यमुना तटों पर मूर्तियां विसर्जित करने आ रहे लोग देवी मां की प्रतिमा के साथ सेल्फी ले रहे थे तो तमाम युवा गानों पर थिरक रहे थे। माहौल उत्सव और आनंद से भरा था। तमाम बच्चे भी यमुना घाटों पर अपने माता-पिता के साथ पहुंचे।