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UP: जांच में नहीं किया सहयोग, नगरायुक्त ने निदेशालय भेजी रिपोर्ट; जलकल महाप्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश
Wed, 22 Apr 2026 09:56 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 22 Apr 2026 09:56 AM IST
सार
आगरा जलकल विभाग में पाइपलाइन और अन्य कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच महाप्रबंधक पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है। जांच समिति को सहयोग न करने और करोड़ों की अनियमितताओं के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
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जलकल विभाग आगरा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
जलकल विभाग में पाइपलाइन मरम्मत और नई लाइन बिछाने के नाम पर हुए भ्रष्टाचार व अन्य मामलों में जांच कमेटी का सहयोग नहीं करने महाप्रबंधक अरुणेंद्र कुमार राजपूत के खिलाफ नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने कार्रवाई की सिफारिश करते हुए निदेशालय को रिपोर्ट भेजी है।
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भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों में घिरे महाप्रबंधक अरुणेंद्र कुमार राजपूत के वित्तीय अधिकार फरवरी में ही सीज कर दिए थे। अन्य मामलों की जांच में सहयोग नहीं करने पर मंगलवार को एक और विस्तृत रिपोर्ट शासन और निदेशालय को भेजकर कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि शहर में 16 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाने और मरम्मत कार्य में धांधली व अन्य शिकायतों पर अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी।
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आरोप है कि महाप्रबंधक ने समिति के सामने उपस्थित होने से न केवल इनकार किया, बल्कि संबंधित फाइलें भी उपलब्ध नहीं कराईं। साक्ष्यों के संकलन के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट नगरायुक्त को सौंपी है। महाप्रबंधक पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग में करीब 2.5 करोड़ रुपये का गोलमाल करने और लखनऊ की कंपनियों से 80 लाख रुपये के स्लूज वाल्व खरीद में भारी अनियमितता के आरोप हैं। इसके अलावा परीक्षा उत्तीर्ण न करने वाले लिपिकों को पदोन्नति देने जबकि मृतक आश्रित को बिना योग्यता जेई पद पर कार्य कराने के आरोप हैं। सेवानिवृत्त सहायक अभियंता को 18 वर्ष बाद भी पेंशन व बकाया भुगतान नहीं मिला।