फिरोजाबाद जिले के नगला छ्त्त्तु गांव में गुरुवार को मगरमच्छ आने से हड़कंप मच गया। आगरा से पहुंची वाइल्डलाइफ एसओएस और वन विभाग की टीम ने पांच फीट लंबे मगरमच्छ को पकड़ा। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। माना जा रहा है कि गांव के पास बहने वाली नहर से निकलकर मगरमच्छ गांव तक पहुंचा था।
जानकारी के मुताबिक नगला छत्तू गांव के ग्रामीणों ने गुरुवार को एक मगरमच्छ को सड़क पर घूमते देखा, जिससे वे दहशत में आ गए। घटना की सूचना वन विभाग को दी गई। वन विभाग ने वाइल्डलाइफ एसओएस की तीन सदस्यीय टीम को बचाव अभियान में सहायता के लिए बुलाया। इस दौरान मगरमच्छ को देखने के लिए वहां ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने आवश्यक उपकरणों के साथ रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे वापस प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
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मगरमच्छ
- फोटो : Wildlife SOS
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि मगरमच्छ पास ही स्थित नहर से गांव पहुंचा होगा। संस्था का उद्देश्य लोगों को जागरूक कर कारणों से अवगत कराकर ऐसी परिस्थिति को कम करना है, जो मगरमच्छों को आबादी वाले इलाकों में आने के लिए मजबूर करती हैं।
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पिंजड़े में मगरमच्छ
- फोटो : Wildlife SOS
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंजर्वेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एम.वी ने कहा कि मगरमच्छ तालाबों, नदियों, झीलों और दलदलों सहित मीठे पानी में पाए जाते हैं। वे अधिक उपयुक्त आवास की तलाश में भूमि पर भी काफी दूरी तय कर सकते हैं।
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मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
जसराना के क्षेत्रीय वनाधिकारी सुरेंद्र सारस्वत ने बताया कि वाइल्डलाइफ एसओएस के सहयोग से मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से पकड़ लिया गया है। इसके बाद उसे गांव से दूर लेकर प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
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ग्रामीणों ने मगरमच्छ को रस्सी से बांधा (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
थाना जसराना क्षेत्र में मगरमच्छ पूर्व में भी नहर से निकलकर गांवों में पहुंच चुके हैं। 2 नवंबर 2021 को गांव सिरौला में मगरमच्छ घर में घुस आया था। 11 अक्तूबर 2021 को खड़ीत नहर से मगरमच्छ खेतों से होता हुआ मिलावली गांव के नाले तक पहुंच गया था।