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फर्जी मार्कशीट प्रकरणः फरार आरोपियों के घर की कुर्की की तैयारी

Wed, 24 Feb 2016 01:33 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा Updated Wed, 24 Feb 2016 01:33 AM IST
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 डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के फर्जी मार्कशीट प्रकरण में फरार चल रहे छह लिपिकों में से आगरा पुलिस एक को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई। इस पर एसआईटी ने उनके घरों की कुर्की की तैयारी की है। इसी सप्ताह कोर्ट में इसके लिए अर्जी दी जाएगी। इनके वारंट पहले से ही जारी हैं।
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उधर, आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने का काम भी तेजी से चल रहा है। एसआईटी अभी तक 100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें विवि कर्मियोें के अलावा वे सहायक अध्यापक भी शामिल हैं, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उन्हें नौकरी जाली मार्कशीट के सहारे मिली है। पूर्व रजिस्ट्रार शिव पूजन सिंह से भी पूछताछ की जा चुकी है। अब अगर आगरा पुलिस एक दो दिन में ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करती है तो एसआईटी कुर्की के लिए अर्जी देगी।
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रणवीर की जमानत खारिज
आगरा। एसआईटी के सूत्रों ने बताया कि लखनऊ कोर्ट में आरोपी लिपिक रणवीर की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी गई। उसे एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
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शैलेंद्र के फिर वारंट जारी
एसपी के सूत्रों का कहना है कि आरोपी लिपिक शैलेंद्र के फिर से वारंट जारी हो गए हैं। उसे पहले गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया था। लेकिन एसआईटी की ओर से कोर्ट में साक्ष्य देने पर फिर से वारंट जारी कर दिया गया है।

ओमेंद्र के खिलाफ और सुबूत जुटाएगी पुलिस
आगरा। डा. बीआरए यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ परीक्षा सहायक सतेंद्र सिंह की हत्या में मैनपुरी के दबंग कॉलेज संचालक  ओमेंद्र यादव को आरोपी बनाए जाने के बाद पुलिस अब और सुबूत जुटाएगी। सोमवार को मैनपुरी कोर्ट में आरोपी ने 10 साल पुराने मारपीट के मामले में सरेंडर किया था। पुलिस को सतेंद्र की हत्या में आगरा कोर्ट से ओमेंद्र का बी वारंट मंगलवार को मिल गया है। उससे जल्द पूछताछ की जाएगी।
पुलिस पहले ही दावा कर चुकी है कि सतेंद्र की हत्या फीस के फर्जीवाड़े में की गई है। पुलिस की मानें तो ओमेंद्र के कॉलेजों पर यूनिवर्सिटी की 60 लाख फीस बकाया थी। वह इसे जमा कराए बगैर लॉग-इन कोड हासिल करना चाहता था। पुलिस ने इस संबंध में पहले ही फीस का रिकार्ड यूनिवर्सिटी से हासिल कर लिया था। अब उसके कॉलेजों से भी फीस का रिकार्ड लिया जाएगा।
हालांकि जेल जाने से पहले उसने खुद को बेकुसूर बताया था, लेकिन पुलिस का दावा है कि उसके खिलाफ तमाम साक्ष्य मौजूद हैं। उधर, मंगलवार को पुलिस को उसका बी वारंट मिल गया है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या में इस्तेमाल असलाह को बरामद करने की है। इस बारे में भी ओमेंद्र से सवाल किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि उससे यह भी पूछा जाएगा कि वह 12 से 21 फरवरी के बीच कहां रहा?

एसपी सिटी सुशील घुले ने बताया कि पुलिस पता करेगी कि वारदात में वह अकेला शामिल रहा या साथ में कोई और भी था। जांच अधिकारी एवं सीओ हरीपर्वत अनुराग वत्स ने बताया कि ओमेंद्र के खिलाफ पहले ही काफी सुबूत जुटा लिए गए हैं। उसका वारंट मिल गया है। अब उससे पूछताछ की जाएगी।
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