{"_id":"efd604c3c30b889cf0edfc7f1c836d0d","slug":"teacher-commit-sucide-at-hotel-harpal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" दिल्ली के शिक्षक ने होटल में करंट लगाकर किया सुसाइड ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दिल्ली के शिक्षक ने होटल में करंट लगाकर किया सुसाइड
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 10 Jun 2015 02:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के कालका जी स्थित देश बंधु कालेज के पास रहने वाले जगदीश राज
विज्ञापन
सेठी (65) पुत्र एमआर सेठी गणित के शिक्षक थे। वह होम ट्यूशन देते थे। उनका
एक बेटा पुनीत और बेटी सोनिया है। बेटी की शादी हो गई है। जगदीश बेटे के
साथ ही रहते थे। वह सोमवार शाम तकरीबन सात बजे अपनी आई 10 कार से गुरु तेग
बहादुर कालोनी, सिकंदरा में होटल हरपाल में आए। उन्होंने कमरा नंबर 107 बुक
किया। मंगलवार सुबह तकरीबन 9:30 बजे नाश्ते के बाद फिर से अपने कमरे में
चले गए। इसके बाद बाहर नहीं आए। दोपहर तकरीबन ढाई बजे मैनेजर संतोष खन्ना
ने कार को हटाने के लिए उन्हेें फोन मिलाया तो वह दिल्ली में उनकी बेटी
सोनिया को लगा। सोनिया ने बताया कि उसके पिता लापता है। जब उन्हें पता चला
कि पिता आगरा में हैं तो पति के साथ यहां के लिए निकल गईं।
उधर, होटल कर्मचारियों ने कमरे का गेट खटखटाया तो कोई उत्तर नहीं मिला। रात तकरीबन आठ बजे सोनिया पहुंच गईं। उनके साथ होटल की दूसरी चाभी से गेट खोला गया। अंदर जगदीश राज का शव पड़ा हुआ था। उनके एक हाथ की घड़ी तो दूसरे हाथ में पहने कड़े से बिजली का तार जुड़ा हुआ था। उसमें करंट भी चालू था। पुलिस ने करंट को बंद किया।
सुसाइड नोट : मेरा बेटा नहीं करें अंतिम संस्कार
कमरे में मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरी मौत के बाद लाश बेटे को नहीं सौंपा जाए। उसे मेरी मौत की जानकारी भी न दें। मेरा अंतिम संस्कार भाई राजन करे। अगर, वो न आए तो पंडित से अंतिम संस्कार करा दिया जाए। इस घटना के लिए होटल स्टाफ को भी न परेशान किया जाए। मेरा कड़ा और लिफाफा मेरी बेटी को दे देना।
मंत्रियों के बच्चों को पढ़ाते थे
बेटी के नहीं रुक रहे आंसू
घटना की जानकारी पर बेटी सोनिया और दामाद हरिओम सचदेवा भी पहुंच गए। बेटी के आंसू नहीं रुक रहे हैं। परिवारीजनों ने बताया कि बेटे और बहू से आए दिन कहासुनी होती थी। सोमवार को भी कहासुनी हुई थी। इसके बाद ही घर से निकलकर आए थे। उन्होंने अपना फोन भी स्विच आफ कर दिया था। जगदीश राज दिल्ली के कई मंत्री के बच्चों को भी पढ़ाते थे।
उधर, होटल कर्मचारियों ने कमरे का गेट खटखटाया तो कोई उत्तर नहीं मिला। रात तकरीबन आठ बजे सोनिया पहुंच गईं। उनके साथ होटल की दूसरी चाभी से गेट खोला गया। अंदर जगदीश राज का शव पड़ा हुआ था। उनके एक हाथ की घड़ी तो दूसरे हाथ में पहने कड़े से बिजली का तार जुड़ा हुआ था। उसमें करंट भी चालू था। पुलिस ने करंट को बंद किया।
सुसाइड नोट : मेरा बेटा नहीं करें अंतिम संस्कार
कमरे में मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरी मौत के बाद लाश बेटे को नहीं सौंपा जाए। उसे मेरी मौत की जानकारी भी न दें। मेरा अंतिम संस्कार भाई राजन करे। अगर, वो न आए तो पंडित से अंतिम संस्कार करा दिया जाए। इस घटना के लिए होटल स्टाफ को भी न परेशान किया जाए। मेरा कड़ा और लिफाफा मेरी बेटी को दे देना।
मंत्रियों के बच्चों को पढ़ाते थे
बेटी के नहीं रुक रहे आंसू
घटना की जानकारी पर बेटी सोनिया और दामाद हरिओम सचदेवा भी पहुंच गए। बेटी के आंसू नहीं रुक रहे हैं। परिवारीजनों ने बताया कि बेटे और बहू से आए दिन कहासुनी होती थी। सोमवार को भी कहासुनी हुई थी। इसके बाद ही घर से निकलकर आए थे। उन्होंने अपना फोन भी स्विच आफ कर दिया था। जगदीश राज दिल्ली के कई मंत्री के बच्चों को भी पढ़ाते थे।