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और धीमी पड़ गई कातिलों की तलाश
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Tue, 24 Nov 2015 01:37 AM IST
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खंदारी डबल मर्डर (अवनीश और ऊषा ग्रोवर) में पुलिस को वैसे ही कोई सुराग नहीं मिल रहा। ऊपर से अब फुलट्टी गोलीकांड की चुनौती और सामने आ गई है। ऐसे में दंपति के कातिलों की तलाश और मुश्किल हो गई है। जो क्राइम ब्रांच डबल मर्डर के खुलासे में लगी थी, उसे सराफ के हमलावरों की तलाश में लगा दिया गया है।
दोहरे हत्याकांड में अभी तक जितने भी तथ्य सामने आए हैं, उनमें से 70 फीसदी दंपति के परिवार ने ही जुटाए हैं। पुलिस को पता नहीं चला कि हत्या में गेंती का भी इस्तेमाल हुआ है। न ही यह जानकारी मिली कि हत्यारों ने चौखट की लकड़ी काटकर कमरे में प्रवेश करने के लिए इंतजाम किया था।
पुलिस यह भी मालूम नहीं कर पाई कि दंपति के मुंह और पैर बांधने के लिए इस्तेमाल किया गया टेप खास किस्म का है, इसका प्रयोग जूता कारखानों में होता है। ये तमाम जानकारियां ग्रोवर फैमिली ने जुटाकर पुलिस को दी हैं। पुलिस इन कड़ियों को जोड़कर कातिलों तक पहुंचने का रास्ता भी नहीं बना पाई है। जांच पहले से ही ढीली चल रही थी।
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अब सराफ धनकुमार जैन पर हमले के बाद गति और धीमी हो गई है। इसे लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। क्राइम ब्रांच और हरीपर्वत सर्किल के अधिकारी भी इसी में लगा दिए गए हैं।
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दोहरे हत्याकांड में अभी तक जितने भी तथ्य सामने आए हैं, उनमें से 70 फीसदी दंपति के परिवार ने ही जुटाए हैं। पुलिस को पता नहीं चला कि हत्या में गेंती का भी इस्तेमाल हुआ है। न ही यह जानकारी मिली कि हत्यारों ने चौखट की लकड़ी काटकर कमरे में प्रवेश करने के लिए इंतजाम किया था।
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पुलिस यह भी मालूम नहीं कर पाई कि दंपति के मुंह और पैर बांधने के लिए इस्तेमाल किया गया टेप खास किस्म का है, इसका प्रयोग जूता कारखानों में होता है। ये तमाम जानकारियां ग्रोवर फैमिली ने जुटाकर पुलिस को दी हैं। पुलिस इन कड़ियों को जोड़कर कातिलों तक पहुंचने का रास्ता भी नहीं बना पाई है। जांच पहले से ही ढीली चल रही थी।
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अब सराफ धनकुमार जैन पर हमले के बाद गति और धीमी हो गई है। इसे लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। क्राइम ब्रांच और हरीपर्वत सर्किल के अधिकारी भी इसी में लगा दिए गए हैं।