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मानवाधिकार पहुंचा भूरी सिंह की मौत का मामला
मानवाधिकार पहुंचा भूरी सिंह की मौत का मामला
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:54 PM IST
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मानवाधिकार पहुंचा भूरी सिंह की मौत का मामला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शमसाबाद के गढ़ी नवादा में पुलिस की दबिश के दौरान 32 वर्षीय युवक भूरी सिंह की मौत हो जाने का मामला मानवाधिकार पहुंच गया है। इसमें पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया है। इस पर अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। जांच बहुत सुस्त चल रही है।
इसी तरह का मामला एत्मादपुर में पिछले साल हुआ था। यहां पुलिस हिरासत में युवक की मौत हो गई थी। पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। लेकिन जांच को लंबा खींचा गया।
बाद में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। अब खेड़ा नवादा के मामले में भी पुलिस का यही प्लान लग रहा है। इस बीच अधिवक्ता भंवर सिंह जादौन ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। इसे स्वीकार कर नंबर भी आवंटित कर दिया गया है। जादौन ने मांग की है कि आयोग से एक दल जांच के लिए घटनास्थल पर भेजा जाए। बता दें, भूरी सिंह की मौत तालाब में गिर जाने से हुई थी। आरोप है कि उसे पुलिस ने धक्का दिया। पुलिस उसके रिश्तेदार की तलाश में आई थी।
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इसमें एक दरोगा नामजद और 12 पुलिसकर्मी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दरोगा को निलंबित कर दिया गया लेकिन दबिश में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के नाम अभी तक लिखापढ़ी में नहीं आए हैं। उनके खिलाफ निलंबन जैसी कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है।
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इसी तरह का मामला एत्मादपुर में पिछले साल हुआ था। यहां पुलिस हिरासत में युवक की मौत हो गई थी। पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। लेकिन जांच को लंबा खींचा गया।
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बाद में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। अब खेड़ा नवादा के मामले में भी पुलिस का यही प्लान लग रहा है। इस बीच अधिवक्ता भंवर सिंह जादौन ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। इसे स्वीकार कर नंबर भी आवंटित कर दिया गया है। जादौन ने मांग की है कि आयोग से एक दल जांच के लिए घटनास्थल पर भेजा जाए। बता दें, भूरी सिंह की मौत तालाब में गिर जाने से हुई थी। आरोप है कि उसे पुलिस ने धक्का दिया। पुलिस उसके रिश्तेदार की तलाश में आई थी।
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इसमें एक दरोगा नामजद और 12 पुलिसकर्मी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दरोगा को निलंबित कर दिया गया लेकिन दबिश में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के नाम अभी तक लिखापढ़ी में नहीं आए हैं। उनके खिलाफ निलंबन जैसी कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है।