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शैलेंद्र के भाई से पुलिस ने की पूछताछ
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 21 Oct 2015 02:09 AM IST
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हाईप्रोफाइल जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल के साथ धोखाधड़ी के मामलों में नामजद उसके बाई नितेंद्र अग्रवाल से क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार को काफी देर तक पूछताछ की। उसे हरीपर्वत थाने में रखा गया है। हालंाकि देर रात तक पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी बताने से बचते रहे।
क्राइम ब्रांच उसे शाम को लेकर हरीपर्वत थाने पहुंची। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसे उसके विभव नगर स्थित घर से लाया गया। हरीपर्वत थाना पुलिस ने सिर्फ इतना बताया कि क्राइम ब्रांच उसे छोड़कर चली गई है। कोई लिखा-पढ़ी नहीं की गई है। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि शैलेंद्र अग्रवाल की जालसाजी के पीड़ित काफी समय से अधिकारियों से कह रहे हैं कि उसके परिवारीजनों की भी गिरफ्तारी की जाए।
पुलिस कार्रवाई के बजाय उन्हें बचाने में लगी है। उन्हें 23 मुकदमों में क्लीन चिट दी जा चुकी है। गैंगस्टर एक्ट में शैलेंद्र के साथ उसके मैनेजर और ड्राइवर को रखा, लेकिन परिवारीजनों और रिश्तेदारों को बचा दिया। जबकि ड्राइवर और मैनेजर के मुकाबले ये लोग चार गुना मुकदमों में नामजद कराए गए थे। माना जा रहा है कि पीड़ितों के दबाव के चलते पुलिस ने उससे पूछताछ की है। उसे गिरफ्तार किया जाएगा या नहीं, इस पर अभी पुलिस फैसला नहीं ले सकी है।
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क्राइम ब्रांच उसे शाम को लेकर हरीपर्वत थाने पहुंची। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसे उसके विभव नगर स्थित घर से लाया गया। हरीपर्वत थाना पुलिस ने सिर्फ इतना बताया कि क्राइम ब्रांच उसे छोड़कर चली गई है। कोई लिखा-पढ़ी नहीं की गई है। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि शैलेंद्र अग्रवाल की जालसाजी के पीड़ित काफी समय से अधिकारियों से कह रहे हैं कि उसके परिवारीजनों की भी गिरफ्तारी की जाए।
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पुलिस कार्रवाई के बजाय उन्हें बचाने में लगी है। उन्हें 23 मुकदमों में क्लीन चिट दी जा चुकी है। गैंगस्टर एक्ट में शैलेंद्र के साथ उसके मैनेजर और ड्राइवर को रखा, लेकिन परिवारीजनों और रिश्तेदारों को बचा दिया। जबकि ड्राइवर और मैनेजर के मुकाबले ये लोग चार गुना मुकदमों में नामजद कराए गए थे। माना जा रहा है कि पीड़ितों के दबाव के चलते पुलिस ने उससे पूछताछ की है। उसे गिरफ्तार किया जाएगा या नहीं, इस पर अभी पुलिस फैसला नहीं ले सकी है।
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