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शाहदरा के बवाल में पुलिस ने कराया समझौता

Sun, 18 Dec 2016 12:53 AM IST
शाहदरा के बवाल में पुलिस ने कराया समझौता
शाहदरा के बवाल में पुलिस ने कराया समझौता Updated Sun, 18 Dec 2016 12:53 AM IST
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शाहदरा के बवाल में पुलिस ने कराया समझौता - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शाहदरा के बड़ी मस्जिद इलाके में शुक्रवार रात हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद शनिवार दोपहर सुलह की कोशिश भी शुरू हो गई। पुलिस की पहल पर दोनों ओर के लोग समझौते के लिए आगे आए। उन्होंने समझौतानामा लिखकर नुनिहाई पुलिस चौकी पर दे दिया। इस बीच एहतियातन पूरा इलाका पुलिस छावनी बना रहा। फ्लैगमार्च भी किया गया। बवाल में कुल तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
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बता दें, शुक्रवार रात महेंद्र वाल्मीकि के घर इकरार शिकायत लेकर पहुंचा था कि उसकी डिश नहीं आ रही है। महेंद्र का केबल का काम है। इसी शिकायत पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। इसी पर बाद में बवाल हो गया। इसमें पथराव हुआ। बीस राउंड फायरिंग की गई। 15 लोग जख्मी हो गए     थे। दस थानों की फोर्स के साथ पीएसी भी तैनात करनी पड़ी थी। 
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शनिवार को पुलिस का रवैया अचानक से बदला। पहले सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही थी। तीन केस दर्ज किए। इनमें पथराव, फायरिंग की बात भी है। इसके बाद पुलिस ने ही दोनों ओर के लोगों से समझौते के लिए कहा। मेयर इंद्रजीत आर्य और सपा के कई नेता पहुंच गए।
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इन लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने राजीनामा लिखकर पुलिस को दे दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने मौखिक आश्वासन दिया है कि फिलहाल बलवे के आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। जांच पड़ताल के बाद तय किया जाएगा कि किस किसकी गिरफ्तारी की जानी है और किसे क्लीन चिट देनी है। 

 पुलिस ने भी दर्ज किया केस
आगरा। थाना एत्माद्दौला में बवाल के मामले में दर्ज किए गए तीन केस में से एक मुकदमा इकरार की तहरीर पर लिखा गया है। दूसरा बहादुर वाल्मीकि की ओर से। तीसरा दरोगा अजय कौशिक की ओर से। इन मुकदमों में बलवा, जानलेवा हमला जैसी संगीन धाराएं हैं। महेंद्र, राजू और उसके दो बेटे, बहादुर के दो बेटे, पप्पू का बेटा, कमल, रंजीत, महेमद्र, अजय, बरुआ, नियाज मौहम्मद, मौहम्मद सईद, फिरोज खान, इकरार, पप्पू, जान मौहम्मद, पीर मौहम्मद नामजद हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि  माहौल शांत होते ही आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए जाएंगे।
बवाल बढ़ता तो नप जाते अफसर 
आगरा। पुलिस सूत्रों की मानें तो शुक्रवार रात में ही मामला शासन तक पहुंच गया था। एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने पुलिस अफसरों से इसकी रिपोर्ट ली। शासन से चेतावनी दी गई कि अगर पुलिस की ओर से जरा भी लापरवही गई और बवाल बढ़ा तो अफसरों की जिम्मेदारी होगी। इसके बाद रात भर अधिकारी दोनों पक्षों पर समझौते के लिए दबाव बनाने के लिए लगे रहे। उनसे कहा गया कि अगर राजीनामा नहीं किया तो एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस पर वे लोग मान गए। 
रात में ही करा दी धर्मस्थल में मरम्मत 
 आगरा।
 बवाल के दौरान हुए पथराव से एक धर्मस्थल को क्षति पहुंची थी। इसकी प्रतिमा भी खंडित हो गई थी। पुलिस को डर था कि इसका पता चलने पर लोग भड़क सकते हैं। इसके मद्देनजर रात में ही मिस्त्री लगाए गए। धर्मस्थल की मरम्मत कराई गई। प्रतिमा भी रात में ही बदलवा दी गई। सुबह लोग उठे तो धर्मस्थल में कुछ भी टूट फूट नहीं थी। इसे पूरी तरह ठीक करा दिया गया था। हिन्दू संगठनों के नेता भी धर्मस्थल को देखने के लिए पहुंचे थे। 

 पुलिस से उलझे भाजपा-विहिप नेता
आगरा। समझौता होने से पहले एक पक्ष के लोगों ने भाजपाइयों और विहिप नेताओं को फोन किए। उनका कहना था कि उनके घर आकर दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला किया। एक धर्मस्थल को क्षति पहुंचाई। इस पर भाजपा और विहिप के नेता वहां पहुंचे। उन्हें पुलिस ने रोक लिया। वे पुलिस से उलझ गए। उनमें गर्मागर्मी हो गई। भाजपा नेताओं का कहना था कि पुलिस का झुकाव एक पक्ष की ओर है। उसी की गलती है, इसलिए कार्रवाई के बजाय समझौता कराया जा रहा है। भाजपा और विहिप नेताओं में राम प्रताप सिंह चौहान, सुनील पाराशर, राजीव अग्रवाल, अजय जायसवाल, टीकम सिंह शामिल रहे।
 

दोनों पक्षों में सुलह हो गई है। उन्होंने राजीनामा लिखकर दिया है। पुलिस की ओर से दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अन्य किसी को परेशान नहीं किया जाएगा
- बीएस त्यागी ( सीओ छत्ता )
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