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सरसों केतेल में पकड़ा मिलावट का बड़ा खेल
सरसों केतेल में पकड़ा मिलावट का बड़ा खेल
Updated Wed, 05 Oct 2016 12:51 AM IST
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सरसों केतेल में पकड़ा मिलावट का बड़ा खेल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने मंगलवार को जीवनी मंडी धर्मकांटा के सामने स्थित कृष्णा ऑयल ट्रेडर्स पर छापा मारकर आठ टन कलर्ड पकड़ा है। फर्म के रिकार्ड से पता चला है कि सेहत के लिए नुकसानदेह यह अखाद्य तेल सरसों तेल की मिलों को सप्लाई किया जा रहा था। इसे सरसों के तेल में मिलाकर बेचा जाता है। कृष्णा आयल ट्रेडर्स को सीज कर दिया गया है। तेल के सैंपल परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि अखाद्य तेल का कारोबार अवैध तरीके से किया जा रहा था। कृष्णा ऑयल ट्रेडर्स के संचालक के पास छत्ता बाजार में खाद्य तेल बेचने का लाइसेंस है। जीवनी मंडी में बिना लाइसेंस के कारोबार किया जा रहा है।
टीम फर्म पर पहुंची तो पांच बडे़ टैंकाें में तेल भरा हुआ था। संचालक ने बताया कि एक को धान की भूसी का तेल, एक को सोयाबीन ऑयल और एक को सेमी रिफाइंड बताया गया। लेकिन मौके पर की गई पड़ताल में उसका बयान झूठा निकला।
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अभिहीत अधिकारी का कहना है कि रिफाइंड ऑयल क्लीयर होता है, जबकि जो तेल बरामद किया गया, उसका रंग पीला है। यह सरसों के तेल की तरह दिख रहा है। सेमी रिफाइंड ऑयल इंडस्ट्री को भेजा जाता है, उपभोक्ताओं को बेचा नहीं जा सकता। तीनों तरह के तेल के सैंपल भरे गए। जांच के बाद वास्तविक रिपोर्ट सामने आएगी।
छापा मारने वाली टीम में अभिहीत अधिकारी के साथ मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामचंद्र यादव शामिल रहे।
किडनी और लिवर के लिए खतरनाक
आगरा। एसएन मेडिकल कालेज के वरिष्ठ फिजियशन डा. आशीष गौतम ने बताया कि कलर्ड ऑयल बेहद खतरनाक होता है। इससे पैरों में सूजन की बीमारी होती है। लंबे समय तक उपयोग करने पर व्यक्ति हार्ट, किडनी और लिवर का रोगी बन सकता है। इस आयल का सेवन करने वाले लोगों का ब्लड सैंपल कराने के बाद भी कारण पता करना मुश्किल होता है, चिकित्सक अनुभव के आधार पर इलाज करते हैं।
सरसों तेल के छह नमूने फेल
आगरा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अगस्त माह में बरौली अहीर स्थित जय मां गौरी ऑयल मिल से सरसों तेल के सैंपल लिए थे। इसकी जांच रिपोर्ट आ गई है। अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि छह सैंपल अनसेफ आए हैं। फर्म संचालक मिथुन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने की संस्तुति की जा रही है। सैंपल अनसेफ पाए जाने पर छह माह से लेकर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है।
अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि अखाद्य तेल का कारोबार अवैध तरीके से किया जा रहा था। कृष्णा ऑयल ट्रेडर्स के संचालक के पास छत्ता बाजार में खाद्य तेल बेचने का लाइसेंस है। जीवनी मंडी में बिना लाइसेंस के कारोबार किया जा रहा है।
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टीम फर्म पर पहुंची तो पांच बडे़ टैंकाें में तेल भरा हुआ था। संचालक ने बताया कि एक को धान की भूसी का तेल, एक को सोयाबीन ऑयल और एक को सेमी रिफाइंड बताया गया। लेकिन मौके पर की गई पड़ताल में उसका बयान झूठा निकला।
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अभिहीत अधिकारी का कहना है कि रिफाइंड ऑयल क्लीयर होता है, जबकि जो तेल बरामद किया गया, उसका रंग पीला है। यह सरसों के तेल की तरह दिख रहा है। सेमी रिफाइंड ऑयल इंडस्ट्री को भेजा जाता है, उपभोक्ताओं को बेचा नहीं जा सकता। तीनों तरह के तेल के सैंपल भरे गए। जांच के बाद वास्तविक रिपोर्ट सामने आएगी।
छापा मारने वाली टीम में अभिहीत अधिकारी के साथ मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामचंद्र यादव शामिल रहे।
किडनी और लिवर के लिए खतरनाक
आगरा। एसएन मेडिकल कालेज के वरिष्ठ फिजियशन डा. आशीष गौतम ने बताया कि कलर्ड ऑयल बेहद खतरनाक होता है। इससे पैरों में सूजन की बीमारी होती है। लंबे समय तक उपयोग करने पर व्यक्ति हार्ट, किडनी और लिवर का रोगी बन सकता है। इस आयल का सेवन करने वाले लोगों का ब्लड सैंपल कराने के बाद भी कारण पता करना मुश्किल होता है, चिकित्सक अनुभव के आधार पर इलाज करते हैं।
सरसों तेल के छह नमूने फेल
आगरा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अगस्त माह में बरौली अहीर स्थित जय मां गौरी ऑयल मिल से सरसों तेल के सैंपल लिए थे। इसकी जांच रिपोर्ट आ गई है। अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि छह सैंपल अनसेफ आए हैं। फर्म संचालक मिथुन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने की संस्तुति की जा रही है। सैंपल अनसेफ पाए जाने पर छह माह से लेकर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है।