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सारा केस की जांच में हो सकता है नया खुलासा
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 28 Jul 2015 02:20 AM IST
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सारा की रहस्मय मौत की सीबीआई जांच शुरू होने से पहले ही उलझी गुत्थी सुलझाने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे फोरेंसिक एक्सपर्ट भी तमाम जांच पड़ताल के बावजूद किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। पहले आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों की जांच में सारा के मरने की वजह सड़क हादसा पाया गया, अब लखनऊ की टीम को कई ऐसे तथ्य मिले हैं, जिनमें यह दुर्घटना नहीं लग रही है। माना जा रहा है कि इस जांच की रिपोर्ट चौंकाने वाली होगी।
केस से जुड़े सूत्रों का कहना है लखनऊ की टीम को दो नए तथ्य मिले हैं। एक तो कार की छत टूटी मिली है। दूसरा पीछे की ओर कुछ निशान हैं। इनसे अभी सिर्फ अनुमान लगाए जा रहे हैं। छत क्यों टूटी और पीछे निशान क्यों आए जैसे सवालों को वैज्ञानिक परीक्षण की कसौटी पर परखा जा रहा है।
पीछे की ओर निशान से एक आशंका यह भी है कि कार को पीछे से किसी और वाहन ने धक्का दिया हो। हालांकि ऐसा कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिला है लेकिन अगर यह अनुमान सही निकला तो बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
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गौरतलब है कि आगरा टीम ने कार के दो रिम टूटे मिलने के आधार पर इसे हादसा मान लिया था। यह रिपोर्ट लखनऊ लैब के डायरेक्टर डाक्टर श्याम बिहारी उपाध्याय ने देखी। इसके बाद नए सिरे से जांच कराने का फैसला लिया गया। इससे लग रहा है कि आगरा लैब की रिपोर्ट में कुछ न कुछ कमी मानी गई। इन दोनों टीम के बाद सीबीआई के फोरेंसिक एक्सपर्ट भी पड़ताल करेंगे। प्रदेश सरकार केस की सीबीआई जांच की संस्तुति कर चुकी है। देखना यह है कि सीबीआई के फोरेंसिक एक्सपर्ट किस नजरिए पर चलते हैं।
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केस से जुड़े सूत्रों का कहना है लखनऊ की टीम को दो नए तथ्य मिले हैं। एक तो कार की छत टूटी मिली है। दूसरा पीछे की ओर कुछ निशान हैं। इनसे अभी सिर्फ अनुमान लगाए जा रहे हैं। छत क्यों टूटी और पीछे निशान क्यों आए जैसे सवालों को वैज्ञानिक परीक्षण की कसौटी पर परखा जा रहा है।
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पीछे की ओर निशान से एक आशंका यह भी है कि कार को पीछे से किसी और वाहन ने धक्का दिया हो। हालांकि ऐसा कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिला है लेकिन अगर यह अनुमान सही निकला तो बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
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गौरतलब है कि आगरा टीम ने कार के दो रिम टूटे मिलने के आधार पर इसे हादसा मान लिया था। यह रिपोर्ट लखनऊ लैब के डायरेक्टर डाक्टर श्याम बिहारी उपाध्याय ने देखी। इसके बाद नए सिरे से जांच कराने का फैसला लिया गया। इससे लग रहा है कि आगरा लैब की रिपोर्ट में कुछ न कुछ कमी मानी गई। इन दोनों टीम के बाद सीबीआई के फोरेंसिक एक्सपर्ट भी पड़ताल करेंगे। प्रदेश सरकार केस की सीबीआई जांच की संस्तुति कर चुकी है। देखना यह है कि सीबीआई के फोरेंसिक एक्सपर्ट किस नजरिए पर चलते हैं।