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हास्पिटल से निकलते ही जेल जाएगा संजीव रस्तोगी
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Sun, 26 Jun 2016 02:03 AM IST
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पुलिस ने ड्राइवर को छोड़ा, गागा की भी होगी गिरफ्तारी
- फोटो : file photo
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इसलिए होगी गिरफ्तारी
- संजीव रस्तोगी ने कालोनी गेट के रजिस्टर में अपना नाम गागा भाई दर्ज कराया।
- सीसीटीवी फुटेज से पता चला वह राजकुमार से कागजात और मोबाइल छीनकर ले गया था।
- ये कागजात और मोबाइल छिपा दिए गए, पूछने पर भी पुलिस को इनके बारे में नहीं बताया गया।
- मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अध्ययन से माना गया कि राजकुमार को गोली संजीव ने मारी थी।
भरतपुर हाउस गोलीकांड के छठे दिन शनिवार को पुलिस ने जांच की तस्वीर साफ कर दी। तय हो गया कि जूता कारोबारी राजकुमार लालवानी की हत्या में नामजद आरोपी सराफ संजीव रस्तोगी को गिरफ्तार किया जाएगा। उसका दिल्ली में उपचार चल रहा है। इसी केस में नामजद उसके ड्राइवर रवि शर्मा को क्लीन चिट देकर छोड़ दिया गया है। साजिश रचने के आरोपी स्वदेश वर्मा उर्फ गागा की गिरफ्तारी के लिए भी अफसरों ने हरी झंडी दे दी है। इसकेबाद ही उसकी तलाश तेज हुई है, लेकिन मिला नहीं है।
गोलीकांड 20 जून की दोपहर राजकुमार लालवानी की कोठी में हुआ था। राजकुमार की जान गई थी। संजीव की पीठ में दो गोली लगी थी। कुल चार गोलियां चलने की आवाज सुनी गई थी। राजकुमार की रिवाल्वर में छह में से दो ही गोलियां मिली थीं। इससे माना गया कि चारों गोलियां इसी रिवाल्वर से चलीं।
शुरू में पुलिस को न क्राइम सीन समझ आ रहा था और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट। इसके लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद ली गई। राजकुमार के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने और निकलने के स्थान पर ब्लेकनिंग, बर्निंग और टेटोइंग में से किसी का जिक्र नहीं था। ये निशान तब आते हैं जब नजदीक से गोली मारी जाए।
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रिपोर्ट से पता चला कि गोली पांच फुट से अधिक दूरी से चलाई गई। मतलब उन्हें संजीव ने गोली मारी क्योंकि मौके पर दोनों के सिवाय कोई नहीं था। लेकिन दिक्कत यह आ रही थी कि फोरेंसिक एक्सपर्ट में ही मतभेद था। कई की राय थी कि चूंकि पोस्टमार्टम से पहले गोली लगने और निकलने के निशान पर टांके लगाए गए, इसलिए विस्तृत अध्ययन जरूरी है। इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट भी देखी गई।
इसके बाद पुलिस ने माना कि गोली दूर से ही मारी गई है। लेकिन पुख्ता साक्ष्य के लिए संजीव और राजकुमार के रिवाल्वर फोरेंसिक लैब भेजे। साथ ही दोनों के अलावा ड्राइवर रवि के हाथों से स्वैप करके गन शाट रिजिड्यू (जीएसआर) भेजे गए। इनकी रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस ने संजीव की गिरफ्तारी का फैसला जांच के आधार पर लिया। उधर, उसके परिवार का कहना है कि उनकेठीक होने में दो से तीन महीने लग सकते हैं।
संजीव के ठीक होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गागा के खिलाफ भी साक्ष्य मिले हैं। उसे भी पकड़ा जाएगा। ड्राइवर रवि के खिलाफ फिलहाल सुबूत नहीं मिले। उसे छोड़ दिया गया है। - सुशील घुले ( एसपी सिटी)
सीसीटीवी ने बचा दिया रवि को
आगरा। भरतपुर हाउस कालोनी के गेट पर लगे सीसीटीवी की फुटेज ने संजीव रस्तोगी के ड्राइवर रवि शर्मा को जेल जाने से बचा दिया। उसे भी हत्या केस में नामजद कराया गया था। लेकिन फुटेज से पता चला कि उसका वारदात में कोई रोल नहीं है। उसे छह दिन की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
गागा ने बदले मोबाइल नंबर
आगरा। गागा के तीन मोबाइल नंबर पुलिस को मिले थे। तीनों बंद आ रहे हैं। माना जा रहा है कि उसने सिम बदल लिए हैं। पुलिस उसके नए नंबर तलाश कर रही है। उसके करीबी रिश्तेदार के फोन भी नहीं मिल रहे हैं।
राजीव की पत्नी की तबीयत बिगड़ी
आगरा। गोलीकांड में मारे गए राजकुमार लालवानी की पत्नी निर्मला की तबीयत अचानक से बिगड़ गई है। उनके उपचार के लिए डाक्टर को बुलाना पड़ा। वह सदमे में हैं। कई बार बेहोश हो चुकी हैं। इस केस में सबसे अहम उनकी ही गवाही मानी जा रही हैं।
सोमवार से शुरू होगा लैब में परीक्षण
आगरा। पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लैब में रवि, राजकुमार और संजीव के जो जीएसआर भेजे हैं, इन पर परीक्षण सोमवार से शुरू हो पाएगा। पुलिस अफसर केस की त्वरित जांच के लिए पैरवी कर रहे हैं। लैब सूत्रों का कहना है कि परीक्षण में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है।
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- संजीव रस्तोगी ने कालोनी गेट के रजिस्टर में अपना नाम गागा भाई दर्ज कराया।
- सीसीटीवी फुटेज से पता चला वह राजकुमार से कागजात और मोबाइल छीनकर ले गया था।
- ये कागजात और मोबाइल छिपा दिए गए, पूछने पर भी पुलिस को इनके बारे में नहीं बताया गया।
- मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अध्ययन से माना गया कि राजकुमार को गोली संजीव ने मारी थी।
भरतपुर हाउस गोलीकांड के छठे दिन शनिवार को पुलिस ने जांच की तस्वीर साफ कर दी। तय हो गया कि जूता कारोबारी राजकुमार लालवानी की हत्या में नामजद आरोपी सराफ संजीव रस्तोगी को गिरफ्तार किया जाएगा। उसका दिल्ली में उपचार चल रहा है। इसी केस में नामजद उसके ड्राइवर रवि शर्मा को क्लीन चिट देकर छोड़ दिया गया है। साजिश रचने के आरोपी स्वदेश वर्मा उर्फ गागा की गिरफ्तारी के लिए भी अफसरों ने हरी झंडी दे दी है। इसकेबाद ही उसकी तलाश तेज हुई है, लेकिन मिला नहीं है।
गोलीकांड 20 जून की दोपहर राजकुमार लालवानी की कोठी में हुआ था। राजकुमार की जान गई थी। संजीव की पीठ में दो गोली लगी थी। कुल चार गोलियां चलने की आवाज सुनी गई थी। राजकुमार की रिवाल्वर में छह में से दो ही गोलियां मिली थीं। इससे माना गया कि चारों गोलियां इसी रिवाल्वर से चलीं।
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शुरू में पुलिस को न क्राइम सीन समझ आ रहा था और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट। इसके लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद ली गई। राजकुमार के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने और निकलने के स्थान पर ब्लेकनिंग, बर्निंग और टेटोइंग में से किसी का जिक्र नहीं था। ये निशान तब आते हैं जब नजदीक से गोली मारी जाए।
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रिपोर्ट से पता चला कि गोली पांच फुट से अधिक दूरी से चलाई गई। मतलब उन्हें संजीव ने गोली मारी क्योंकि मौके पर दोनों के सिवाय कोई नहीं था। लेकिन दिक्कत यह आ रही थी कि फोरेंसिक एक्सपर्ट में ही मतभेद था। कई की राय थी कि चूंकि पोस्टमार्टम से पहले गोली लगने और निकलने के निशान पर टांके लगाए गए, इसलिए विस्तृत अध्ययन जरूरी है। इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट भी देखी गई।
इसके बाद पुलिस ने माना कि गोली दूर से ही मारी गई है। लेकिन पुख्ता साक्ष्य के लिए संजीव और राजकुमार के रिवाल्वर फोरेंसिक लैब भेजे। साथ ही दोनों के अलावा ड्राइवर रवि के हाथों से स्वैप करके गन शाट रिजिड्यू (जीएसआर) भेजे गए। इनकी रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस ने संजीव की गिरफ्तारी का फैसला जांच के आधार पर लिया। उधर, उसके परिवार का कहना है कि उनकेठीक होने में दो से तीन महीने लग सकते हैं।
संजीव के ठीक होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गागा के खिलाफ भी साक्ष्य मिले हैं। उसे भी पकड़ा जाएगा। ड्राइवर रवि के खिलाफ फिलहाल सुबूत नहीं मिले। उसे छोड़ दिया गया है। - सुशील घुले ( एसपी सिटी)
सीसीटीवी ने बचा दिया रवि को
आगरा। भरतपुर हाउस कालोनी के गेट पर लगे सीसीटीवी की फुटेज ने संजीव रस्तोगी के ड्राइवर रवि शर्मा को जेल जाने से बचा दिया। उसे भी हत्या केस में नामजद कराया गया था। लेकिन फुटेज से पता चला कि उसका वारदात में कोई रोल नहीं है। उसे छह दिन की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
गागा ने बदले मोबाइल नंबर
आगरा। गागा के तीन मोबाइल नंबर पुलिस को मिले थे। तीनों बंद आ रहे हैं। माना जा रहा है कि उसने सिम बदल लिए हैं। पुलिस उसके नए नंबर तलाश कर रही है। उसके करीबी रिश्तेदार के फोन भी नहीं मिल रहे हैं।
राजीव की पत्नी की तबीयत बिगड़ी
आगरा। गोलीकांड में मारे गए राजकुमार लालवानी की पत्नी निर्मला की तबीयत अचानक से बिगड़ गई है। उनके उपचार के लिए डाक्टर को बुलाना पड़ा। वह सदमे में हैं। कई बार बेहोश हो चुकी हैं। इस केस में सबसे अहम उनकी ही गवाही मानी जा रही हैं।
सोमवार से शुरू होगा लैब में परीक्षण
आगरा। पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लैब में रवि, राजकुमार और संजीव के जो जीएसआर भेजे हैं, इन पर परीक्षण सोमवार से शुरू हो पाएगा। पुलिस अफसर केस की त्वरित जांच के लिए पैरवी कर रहे हैं। लैब सूत्रों का कहना है कि परीक्षण में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है।