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Noida News: 19 दिन बाद भी कोतवाल विहीन बिसरख थाना
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-कार्यवाहक के सहारे चल रहा थाना, स्थायी प्रभारी की तैनाती नहीं होने से प्रभावित हो रहा कामकाज
मोहम्मद बिलाल
ग्रेटर नोएडा। बिसरख थाना पिछले 19 दिनों से स्थायी थाना प्रभारी के इंतजार में है। 13 अगस्त को तत्कालीन थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह को पद से हटाए जाने के बाद से अब तक यहां नियमित कोतवाल की तैनाती नहीं की गई है। फिलहाल कार्यवाहक इंस्पेक्टर सतेंद्र सिंह के सहारे थाने का कामकाज चल रहा है। जिले के महत्वपूर्ण थानों में शामिल बिसरख में लंबे समय से स्थायी प्रभारी की तैनाती नहीं होने को लेकर पुलिस महकमे में भी चर्चा है।
बिसरख थाना क्षेत्र का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 100 से अधिक छोटी बड़ी हाइराइज सोसाइटी, 20 से अधिक गांव, सेक्टर के साथ ही कई घनी आबादी वाले गांव भी इसी थाना क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में थाना प्रभारी का पद लंबे समय तक खाली रहना पुलिसिंग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। थाना क्षेत्र के विस्तार के साथ पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही अपराध की रोकथाम और लंबित मामलों की जांच की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में स्थायी थाना प्रभारी की अनुपस्थिति को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच भी चर्चा है।
कार्यवाहक के भरोसे थाने की कमानः 13 अगस्त को मुनेंद्र सिंह को थाना प्रभारी के पद से हटाए जाने के बाद थाने की जिम्मेदारी थाने में ही तैनात अपराध निरीक्षक सतेंद्र सिंह को कार्यवाहक इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद से वही थाने का कामकाज संभाल रहे हैं। बीच-बीच में अदालती कार्रवाई में शामिल होने पर थाने का चार्ज एसएसआई राजवीर सिंह को सौंपना पड़ता है। चूंकि पुलिस महकमे में थाना प्रभारी की तैनाती को लेकर अधिकारियों के स्तर पर निर्णय लिया जाता है। जिले में कई महत्वपूर्ण थानों की जिम्मेदारी नियमित प्रभारियों के पास है, जबकि बिसरख जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में 19 दिन बाद भी स्थायी प्रभारी की तैनाती नहीं हो सकी है।
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मोहम्मद बिलाल
ग्रेटर नोएडा। बिसरख थाना पिछले 19 दिनों से स्थायी थाना प्रभारी के इंतजार में है। 13 अगस्त को तत्कालीन थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह को पद से हटाए जाने के बाद से अब तक यहां नियमित कोतवाल की तैनाती नहीं की गई है। फिलहाल कार्यवाहक इंस्पेक्टर सतेंद्र सिंह के सहारे थाने का कामकाज चल रहा है। जिले के महत्वपूर्ण थानों में शामिल बिसरख में लंबे समय से स्थायी प्रभारी की तैनाती नहीं होने को लेकर पुलिस महकमे में भी चर्चा है।
बिसरख थाना क्षेत्र का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 100 से अधिक छोटी बड़ी हाइराइज सोसाइटी, 20 से अधिक गांव, सेक्टर के साथ ही कई घनी आबादी वाले गांव भी इसी थाना क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में थाना प्रभारी का पद लंबे समय तक खाली रहना पुलिसिंग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। थाना क्षेत्र के विस्तार के साथ पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही अपराध की रोकथाम और लंबित मामलों की जांच की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में स्थायी थाना प्रभारी की अनुपस्थिति को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच भी चर्चा है।
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कार्यवाहक के भरोसे थाने की कमानः 13 अगस्त को मुनेंद्र सिंह को थाना प्रभारी के पद से हटाए जाने के बाद थाने की जिम्मेदारी थाने में ही तैनात अपराध निरीक्षक सतेंद्र सिंह को कार्यवाहक इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद से वही थाने का कामकाज संभाल रहे हैं। बीच-बीच में अदालती कार्रवाई में शामिल होने पर थाने का चार्ज एसएसआई राजवीर सिंह को सौंपना पड़ता है। चूंकि पुलिस महकमे में थाना प्रभारी की तैनाती को लेकर अधिकारियों के स्तर पर निर्णय लिया जाता है। जिले में कई महत्वपूर्ण थानों की जिम्मेदारी नियमित प्रभारियों के पास है, जबकि बिसरख जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में 19 दिन बाद भी स्थायी प्रभारी की तैनाती नहीं हो सकी है।
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