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सराफ हत्याकांडः मुंगेर की पिस्टलें मथुरा में बेचता था रंगा
ब्यूरो/ अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 20 May 2017 07:00 PM IST
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राकेश रंगा
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा पुलिस ने मुठभेड़ जिस राकेश उर्फ रंगा नाम के अपराधी को गिरफ्तार किया है, वह कुख्यात आर्म्स डीलर भी है। रंगा के संबंध हथियार सप्लायरों से भी थे। वह मुंगेर से पिस्टल लाकर यहां बेचता था। एक पिस्टल पंद्रह हजार की लाकर यहां 45 से 50 हजार में बेचता था।
अब भी जो पिस्टल बरामद हुई है वह भी मुंगेर की ही बताई जा रही है। वर्ष 2014 में मुंगेर की 8 पिस्टल के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया था। उस वक्त पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
वहीं रंगा और उसके साथियों ने चार दिन में बीस ठिकाने बदले। सुबह किसी मुहल्ले में बिताई तो दोपहर को किसी इलाके में। शाम को कहीं रहे तो रात को कहीं। पुलिस के डर से इन लोगों ने ककोरनघाटी, सरवनपुरा, सतगढ़ा, चौबच्चा, रतनकुंड और तुलसी चबूतरा में समय बिताया।
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पुलिस को लगातार इन इलाकों की लोकेशन मिलती रही है। इलाके में कौन आ रहा यह भी निगरानी की जा रही थी। जिस मकान में रहते थे उसमें बाहर से ताला लगा लिया करते थे। खिड़की से झांककर देखा करते थे।
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अब भी जो पिस्टल बरामद हुई है वह भी मुंगेर की ही बताई जा रही है। वर्ष 2014 में मुंगेर की 8 पिस्टल के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया था। उस वक्त पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
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वहीं रंगा और उसके साथियों ने चार दिन में बीस ठिकाने बदले। सुबह किसी मुहल्ले में बिताई तो दोपहर को किसी इलाके में। शाम को कहीं रहे तो रात को कहीं। पुलिस के डर से इन लोगों ने ककोरनघाटी, सरवनपुरा, सतगढ़ा, चौबच्चा, रतनकुंड और तुलसी चबूतरा में समय बिताया।
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पुलिस को लगातार इन इलाकों की लोकेशन मिलती रही है। इलाके में कौन आ रहा यह भी निगरानी की जा रही थी। जिस मकान में रहते थे उसमें बाहर से ताला लगा लिया करते थे। खिड़की से झांककर देखा करते थे।