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सजायाफ्ता हत्यारे को नहीं पकड़ पा रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2016 01:09 AM IST
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- फोटो : demo pic
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शहर की पुलिस एक ऐसे हत्यारे को नहीं पकड़ पा रही है जिसे आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। पहले जिला कोर्ट से सजा सुनाई गई। इसके बाद वह हाईकोर्ट गया तो वहां से उसकी याचिका खारिज हो गई। इसका पता चलते ही वह परिवार सहित फरार हो गया। तब से पुलिस उसे ढूंढ नहीं पा रही। कोर्ट ने आगरा और फीरोजाबाद पुलिस को उसकी गिरफ्तारी का आदेश दिया है। यह हत्यारा है राम सेवक। मूल रूप से फीरोजाबाद दक्षिण के हिमायूंपुर का है। काफी समय से आगरा के सिकंदरा में रंगोली कालोनी में रह रहा था। उस पर आरोप था कि उसने 14 नवंबर 1983 को हुमायूंपुर में अपने पिता राम प्रसाद के साथ मिलकर मायाराम और दीवान सिंह की हत्या की थी। राम प्रसाद की बेटी लापता हो गई थी। पिता पुत्र का शक दीवान और मायाराम पर गया। इसी में जान ले ली।
उस वक्त फीरोजाबाद आगरा जनपद का ही हिस्सा था। जिला कोर्ट ने 18 सितंबर 1986 को दोनों को उम्र कैद की सजा सुनाई। इसके खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में अपील की। दोनों जेल से बाहर आ गए। उच्च न्यायालय ने जिला कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए साढ़े चार महीने पहले 15 फरवरी को याचिका खारिज कर दी। इससे पहले ही राम प्रसाद की मौत हो गई। अब राम सेवक को जेल जाना था। लेकिन वह सजा का पता चलते ही परिवार सहित फरार हो गया। तब से पकड़ा नहीं जा सका है। अपर जिला जज एसपी सिंह ने आगरा के एसएसपी और फीरोजाबाद के एसपी को पत्र लिखकर उसकी गिरफ्तारी के लिए कहा है।
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उस वक्त फीरोजाबाद आगरा जनपद का ही हिस्सा था। जिला कोर्ट ने 18 सितंबर 1986 को दोनों को उम्र कैद की सजा सुनाई। इसके खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में अपील की। दोनों जेल से बाहर आ गए। उच्च न्यायालय ने जिला कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए साढ़े चार महीने पहले 15 फरवरी को याचिका खारिज कर दी। इससे पहले ही राम प्रसाद की मौत हो गई। अब राम सेवक को जेल जाना था। लेकिन वह सजा का पता चलते ही परिवार सहित फरार हो गया। तब से पकड़ा नहीं जा सका है। अपर जिला जज एसपी सिंह ने आगरा के एसएसपी और फीरोजाबाद के एसपी को पत्र लिखकर उसकी गिरफ्तारी के लिए कहा है।
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